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आलोचनाओं से घिरा सऊदी अरब इजराइल-हमास युद्ध पर अरब, इस्लामी देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा

मुस्लिम नाउ ब्यूरो,सिंगापुर

सऊदी अरब सहित दुनिया के अधिकांश मुस्लिम देशों ने जिस तरह गाजा में इजरायल की बमबारी से तबाह फिलिस्तीनियों को अकेला छोड़ दिया है, उसे लेकर दुनिया के तमाम मुसलमान इनकी थू-थू कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि तमाम मुस्लिम देश यदि इजरायल के प्रति सामूहिक रूप से थोड़ा भी कड़ा रूख अपनाएं तो गाजा पर बमबारी तुरंत रूक सकता है. मुस्लिम देशों की अनदेखी की वजह अब तक गाजा में इजरायली सेना के हमले में तकरीबन 11 हजार लोगा मारे जा चुके हैं और तकरीबन सारा गाजा खंडहर में तब्दील हो चुका है.

यूएन ने कहा है कि इजरायल गाजा में बच्चों का कब्रिस्तान बनाना चाहते हैं. इन परिस्थिति में जब सऊदी अरब की आलोचना होने लगी है तो इसने इजराइल-हमास युद्ध पर चर्चा के लिए अरब और इस्लामी देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का ऐलान किया है.सऊदी अरब के निवेश मंत्री ने बुधवार को इसका ऐलान किया.

सिंगापुर में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए, खालिद अल-फलीह ने कहा, “हम देखेंगे, इस सप्ताह, अगले कुछ दिनों में सऊदी अरब रियाद में एक आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन बुलाएगा. कुछ ही दिनों में आप देखेंगे कि सऊदी अरब एक इस्लामी शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है.

मंत्री की टिप्पणी में इस्लामिक सहयोग संगठन द्वारा गाजा संघर्ष पर रविवार को एक बैठक आयोजित करने की पूर्व घोषणा का जिक्र किया गया.मंगलवार को, सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया कि सप्ताहांत के लिए अरब लीग और अफ्रीकी संघ के नेताओं को एक साथ लाने वाली तीसरी बैठक को अन्य दो शिखर सम्मेलनों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्थगित कर दिया जाएगा.

अल-फलीह ने कहा, अल्पावधि में, इन तीन शिखर सम्मेलनों और अन्य सभाओं को सऊदी अरब के नेतृत्व में लाने का उद्देश्य संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है.एटेमाडोनलाइन समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ओआईसी शिखर सम्मेलन के लिए सऊदी अरब की यात्रा करेंगे.अल-फलीह ने कहा कि सऊदी अरब अफ्रीकी देशों के साथ एक शिखर सम्मेलन बुलाएगा, लेकिन उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई.