ईद मिलाद पर दुनिया रोशन, सोशल मीडिया पर दिखी जश्न की तस्वीर
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
ईद ए मिलादुन्नबी के मौके पर दुनिया के अलग अलग हिस्सों में खुशी और अकीदत का माहौल दिखाई दे रहा है। रबी उल अव्वल के इस खास मौके पर मस्जिदों, दरगाहों, मोहल्लों और बाजारों को रोशनी से सजाया गया है। कई जगहों पर कंदीलें लगाई गई हैं। धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लोग एक दूसरे को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दे रहे हैं।
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में इस मौके पर जुलूस और धार्मिक कार्यक्रमों की तस्वीरें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया भी ईद मिलादुन्नबी के रंग में रंगा नजर आ रहा है। एक्स समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग पोस्टर, वीडियो, संदेश और शुभकामनाएं साझा कर रहे हैं।
इस बार इन पोस्टों में एआई से तैयार किए गए पोस्टर और वीडियो भी दिखाई दे रहे हैं। लोग अपने संदेशों को रचनात्मक अंदाज में पेश कर रहे हैं। कहीं हरे रंग की रोशनी से सजी गलियां दिख रही हैं तो कहीं मस्जिदों और धार्मिक स्थलों की रोशनी लोगों का ध्यान खींच रही है।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आ रही तस्वीरों से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अलग अलग देशों में मुसलमान इस मौके को अपने अपने स्थानीय अंदाज में मना रहे हैं।
Lebanon 📍
— حیدر 🇵🇸 (@Hadi__001) August 25, 2026
Jashn e Eid milad un Nabi ﷺ https://t.co/TUtj0Mk1b8 pic.twitter.com/1WQ6BLjLVq
कश्मीर में मीरवाइज ने दी मुबारकबाद
कश्मीर के मीरवाइज डॉ. मौलवी मुहम्मद उमर फारूक ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मुसलमानों को मुबारकबाद दी। मीरवाइज मंजिल के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा संदेश में उन्होंने पैगंबर मुहम्मद की पैदाइश और आमद को इंसानियत के लिए रहमत, हिदायत और उम्मीद का स्थायी संदेश बताया।
उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी का वास्तविक महत्व पैगंबर की सीरत और उनके आदर्श चरित्र को समझने और उसे व्यक्तिगत तथा सामूहिक जीवन में अपनाने में है।
मीरवाइज ने समाज के सामने मौजूद नैतिक और सामाजिक चुनौतियों का जिक्र भी किया। उनके मुताबिक पैगंबर की शिक्षाओं को जीवन के अलग अलग क्षेत्रों में मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया जाए तो कई सामाजिक समस्याओं का सामना किया जा सकता है।
उन्होंने इमामों, उलेमा, खतीबों, शिक्षकों और माता पिता से भी युवाओं तक सीरत का संदेश पहुंचाने की अपील की। साथ ही मस्जिदों, खानकाहों, इमामबाड़ों और शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उनका संदेश केवल जश्न तक सीमित नहीं था। इसमें पैगंबर की सीरत को व्यवहार और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
.@MirwaizKashmir Greets Muslims on Eid Milad-un-Nabi ﷺ
— Mirwaiz Manzil-Office of Mirwaiz-e-Kashmir (@mirwaizmanzil) August 25, 2026
Srinagar, August 25, 2026: Mirwaiz-e-Kashmir Dr Moulvi Mohammad Umar Farooq has extended heartfelt greetings to Muslims on the blessed occasion of Eid Milad-un-Nabi ﷺ, saying that the birth and advent of Prophet Muhammad… pic.twitter.com/3YcyucS54E
श्रीनगर में हजरतबल रोशनी से जगमगाया
ईद मिलादुन्नबी से पहले श्रीनगर के हजरतबल इलाके की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आईं। हजरतबल दरगाह को रोशनी से सजाया गया। ईद मिलाद के मौके पर यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों में उत्साह दिखाई दिया।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में हजरतबल को ईद ए मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर रोशनी से सजा हुआ बताया गया। श्रीनगर की धार्मिक पहचान में हजरतबल की खास जगह है। इसलिए मिलाद के मौके पर यहां की सजावट और धार्मिक गतिविधियां लोगों का ध्यान खींचती हैं।
सोशल मीडिया पर साझा की गई एक अन्य जानकारी में बताया गया कि शब ए मिलाद के मौके पर एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी और उनके सहयोगियों ने हजरतबल में हाजिरी दी।
سرکار ﷺ کی آمد مرحبا، دلدار ﷺ کی آمد مرحبا – عید میلاد النبی مبارک
— Golden Words🌱 (@Gol__den_) August 25, 2026
Sarkar ﷺ Ki Aamad Marhaba, Dildar ﷺ Ki Aamad Marhaba – Eid Milad-un-Nabi Mubarak pic.twitter.com/W0wUhXMOWp
हैदराबाद के पुराने शहर में भी तैयारियां
ईद मिलादुन्नबी की तैयारियों की तस्वीरें हैदराबाद से भी सामने आईं। सोशल मीडिया पर Humans of Hyderabad की ओर से साझा पोस्ट में पुराने शहर की गलियों में मिलाद की तैयारियों का उल्लेख किया गया।
हैदराबाद का पुराना शहर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर बाजारों और गलियों की सजावट लोगों का ध्यान खींचती है। ईद मिलाद के मौके पर भी सोशल मीडिया पर इसी तरह की तस्वीरें साझा की गईं।
पाकिस्तान में 12 रबी उल अव्वल पर जश्न
पाकिस्तान में भी ईद मिलादुन्नबी को लेकर उत्साह सोशल मीडिया पोस्टों में दिखाई दिया। साझा की गई जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में 12 रबी उल अव्वल 1448 हिजरी का अवसर 26 अगस्त 2026 को है।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की सड़कों और मोहल्लों की सजावट से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साझा किए गए। कई पोस्ट में हरे रंग की रोशनी, सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों का जिक्र है।
एक पोस्ट में कहा गया कि पाकिस्तान समेत दुनिया भर में मुसलमान पैगंबर मुहम्मद की पैदाइश की याद में नमाज, धार्मिक सभाओं, कार्यक्रमों और रोशन की गई मस्जिदों तथा सड़कों के साथ यह अवसर मना रहे हैं।
बांग्लादेश से भी जुलूस से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए। एक पोस्ट में बांग्लादेश की लोकेशन के साथ पैगंबर मुहम्मद के नाम से जुड़े जुलूस का वीडियो साझा किया गया।
🌙✨ Eid Milad-un-Nabi ﷺ Mubarak ✨🌙
— Sr Muqtadir (@SMuqtadir20857) August 25, 2026
@SrMuqtadir
Eid Milad-un-Nabi ﷺ Mubarak! 🌙🕌❤️#eidmiladunnabiﷺ #eid #islamic #viralreels #srmuqtadir pic.twitter.com/Yrsu0Ryb1R
सोशल मीडिया पर गूंज रहा मिलाद का पैगाम
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर सोशल मीडिया पोस्टों में धार्मिक भावनाएं साफ दिखाई दे रही हैं। कई लोगों ने नात, सलाम और मिलाद की शुभकामनाओं के साथ पोस्ट साझा कीं।
एक पोस्ट में लिखा गया कि इस मुबारक दिन इंसानियत के लिए रहमत का पैगाम लेकर आने वाले पैगंबर की आमद की खुशी मनाई जा रही है। दूसरी पोस्ट में कहा गया कि रबी उल अव्वल का महीना खुशियों और बरकत का संदेश लेकर आया है।
कुछ पोस्टों में शायरी के जरिए पैगंबर मुहम्मद की आमद का जिक्र किया गया। इनमें चांद, सितारों, रोशनी और रहमत जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया। लोगों ने ईद मिलादुन्नबी मुबारक के संदेश के साथ अपनी भावनाएं साझा कीं।
कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मदीना की तस्वीरों और वीडियो को भी साझा किया। एक पोस्ट में मदीना की शांति और रूहानी वातावरण का जिक्र करते हुए वहां दुआ करने की बात कही गई।
गांवों तक पहुंचा ईद मिलाद का रंग
सोशल मीडिया पर केवल बड़े शहरों की तस्वीरें नहीं हैं। गांवों और छोटे इलाकों से भी ईद मिलादुन्नबी की तैयारियों के वीडियो साझा किए जा रहे हैं।
एक पोस्ट में गांव की सड़कों को हरी रोशनी और सजावट से सजा हुआ दिखाया गया। पोस्ट करने वाले ने इसे अपने गांव में ईद मिलादुन्नबी की खुशी से जोड़ा।
एक अन्य वीडियो में मिलाद की तैयारियों के बीच सजाए गए रिक्शे की तस्वीर दिखाई गई। इससे पता चलता है कि ईद मिलाद की तैयारियां केवल बड़े धार्मिक केंद्रों तक सीमित नहीं हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोग इसे अपने तरीके से मना रहे हैं।
एआई से बन रहे मिलाद के पोस्टर और वीडियो
इस बार ईद मिलादुन्नबी की सोशल मीडिया कवरेज में एक नया बदलाव भी दिखाई दे रहा है। लोग एआई की मदद से पोस्टर और वीडियो तैयार कर रहे हैं। इन पोस्टों में धार्मिक संदेश, रोशनी, चांद, मस्जिद और इस्लामी कला से जुड़े दृश्य इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर साझा की जा रही ऐसी सामग्री ने ईद मिलाद की डिजिटल मौजूदगी को और बढ़ाया है। लोग केवल शुभकामना संदेश लिखने तक सीमित नहीं हैं। वे छोटे वीडियो, डिजिटल पोस्टर और रचनात्मक डिजाइन के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
خاتم النبیین حضرت محمدﷺ ہمارے بڑی شان والے
— M Shafiq Haashmi (@mshafiqhashmi_) August 25, 2026
وُہ جو اَحمدﷺ بھی ہیں اور مُحمدﷺ بھی ہیں،
اُنﷺ پہ لاکھوں درود، اُنﷺ پہ لاکھوں سَلام،
جشن امد رسول اقا کی امد سب کو بہت بہت مبارک ھو pic.twitter.com/hBZPT0Np5g
संदेश में जश्न के साथ सीरत पर जोर
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर सामने आए संदेशों में एक बात बार बार दिखाई देती है। वह है पैगंबर मुहम्मद की सीरत और शिक्षाओं को जीवन में अपनाने की अपील।
मीरवाइज उमर फारूक के संदेश में भी इसी बात पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि मिलाद का अर्थ केवल खुशी मनाना नहीं है। पैगंबर के आदर्श चरित्र को समझना और उसे व्यक्तिगत तथा सामूहिक जीवन में लागू करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने भी पैगंबर मुहम्मद को इंसानियत, रहमत, हिदायत, अमन और नैतिकता से जोड़ते हुए संदेश साझा किए।
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आ रही तस्वीरें इस अवसर की विविधता को सामने रखती हैं। कहीं मस्जिदें रोशनी से जगमगा रही हैं। कहीं सड़कें सजाई गई हैं। कहीं जुलूस की तैयारियां हैं। कहीं धार्मिक सभाएं हो रही हैं।
भारत के कश्मीर और हैदराबाद से लेकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य स्थानों तक सोशल मीडिया पर मिलाद की अलग अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं।
इस डिजिटल दौर में ईद मिलादुन्नबी का जश्न अब केवल स्थानीय गलियों और धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रहता। एक शहर की तस्वीर कुछ ही मिनटों में दुनिया के दूसरे हिस्से तक पहुंच जाती है। इस बार एआई से तैयार पोस्टर और वीडियो ने इस डिजिटल रंग को और गहरा किया है।
फिर भी इन तमाम तस्वीरों और संदेशों के बीच सबसे प्रमुख बात पैगंबर मुहम्मद की सीरत, रहमत और इंसानियत का संदेश ही दिखाई देता है। यही संदेश ईद मिलादुन्नबी की धार्मिक और सामाजिक भावना को जोड़ता नजर आता है।

