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ईरान नाकाबंदी के बीच अमेरिकी कार्रवाई, तेल टैंकर को रोका

वॉशिंगटन/तेहरानई।

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान की ओर बढ़ रहे एक तेल टैंकर को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना के अनुसार, टैंकर को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसके दिशा नहीं बदलने पर हेलफायर मिसाइल से हमला कर उसे निष्क्रिय कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जहाज आगे नहीं बढ़ सका।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CentCom) ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ फिर से लागू की गई समुद्री नाकाबंदी को सख्ती से लागू करने के तहत की गई है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम समुद्री मार्गों पर निगरानी बढ़ाने और ईरान के तेल निर्यात पर दबाव बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।

सेंटकॉम के अनुसार जिस जहाज को रोका गया, उसका नाम एमटी बेलमा है। यह कुराकाओ के झंडे के तहत पंजीकृत तेल टैंकर है। अमेरिकी सेना का कहना है कि जहाज उस समय खाली था और उस पर कोई तेल या अन्य माल नहीं था। इसके बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से ईरान के खार्ग द्वीप की ओर बढ़ रहा था, जिसे ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल माना जाता है।

अमेरिका का दावा है कि जहाज को कई बार रेडियो संदेशों और अन्य माध्यमों से चेतावनी दी गई। चालक दल को दिशा बदलने के लिए कहा गया। लेकिन जहाज ने कथित रूप से इन निर्देशों का पालन नहीं किया और अपनी यात्रा जारी रखी।

इसके बाद अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के धुएं की चिमनी को निशाना बनाकर एजीएम 114 हेलफायर मिसाइल दागी। सेंटकॉम के अनुसार हमला इस तरह किया गया कि जहाज डूबे नहीं, बल्कि उसकी गति रुक जाए। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य जहाज को नष्ट करना नहीं बल्कि उसे आगे बढ़ने से रोकना था।

सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा कि मिसाइल हमले के बाद जहाज अब ईरान की ओर नहीं बढ़ रहा है। अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई का एक इन्फ्रारेड वीडियो भी जारी किया, जिसमें हमले से ठीक पहले के दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया है।

खार्ग द्वीप क्यों है महत्वपूर्ण

खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जाता है। देश के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी टर्मिनल से होता है। यदि यहां आने वाले समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ता है तो इसका असर ईरान के ऊर्जा कारोबार और विदेशी मुद्रा आय पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात पर बढ़ती निगरानी से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा हो सकती है। फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका की रणनीति

हाल के महीनों में अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक और सामरिक दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं। समुद्री नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य प्रतिबंधों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करना है।

दूसरी ओर ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध करता रहा है। तेहरान का कहना है कि उसके ऊर्जा निर्यात को रोकने की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के खिलाफ हैं।

वैश्विक बाजार पर नजर

ऊर्जा विश्लेषकों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ती हैं तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस क्षेत्र से होने वाली तेल आपूर्ति पर निर्भर हैं। इसलिए किसी भी सैन्य टकराव पर वैश्विक बाजार की नजर बनी रहती है।

भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोप के कई देश खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं। ऐसे में समुद्री मार्गों में किसी भी बाधा का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है।

अभी ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक ईरान की ओर से इस अमेरिकी दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। स्वतंत्र स्रोतों से भी जहाज पर हुई कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए घटनाक्रम के कई पहलुओं पर आगे और जानकारी आने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां बढ़ती हैं तो पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा सकता है।


AEO Quick Answer

प्रश्न: अमेरिका ने किस जहाज पर कार्रवाई की?

उत्तर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार कुराकाओ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी बेलमा को ईरान की ओर बढ़ने से रोकने के लिए निशाना बनाया गया।

प्रश्न: अमेरिका ने किस हथियार का इस्तेमाल किया?

उत्तर: अमेरिकी सेना के अनुसार जहाज को रोकने के लिए एजीएम 114 हेलफायर मिसाइल का उपयोग किया गया।

प्रश्न: कार्रवाई क्यों की गई?

उत्तर: अमेरिकी दावे के अनुसार जहाज ने कई चेतावनियों के बावजूद दिशा नहीं बदली और ईरान की ओर बढ़ता रहा। इसके बाद उसे निष्क्रिय किया गया।

प्रश्न: क्या इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?

उत्तर: नहीं। इस समय यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आधिकारिक बयान पर आधारित है। घटना की स्वतंत्र पुष्टि और ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।