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32 हजार फिलिस्तीनियों की हत्या में इजरायल के भागीदार अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन कुरान की करा रहे तिलावत

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली, जिद्दा

पिछले साल अक्टूबर से अब तक इजरायली सेना गाजा पर ताबड़तोड़ हमलेकर 32 हजार फिलिस्तीनी लोगों की हत्या और पूरे इलाके को खंडहर में तब्दील कर चुकी है. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, गाजा पर हमले में अमेरिका इजरायल के बराबर का भागीदार है.

विभिन्न मीडिया से मिल रही सूचनाओं के अनुसार, फिलिस्तीनियों की भूमि पर बसाने में अहम भूमिका अदा करने वाले ब्रिटेन भी गाजा पर हमले में इजरायल को हथियार मुहैया करा रहा है.

यही नहीं दुनिया में भर में जो देश मानवाधिकार की रक्षा के नाम पर चीन को घेरे का कोेई मौका नहीं छोड़ते, फ्रांस, कनाडा जैसे पश्चिमी देश भी गाजा को तबाह करने में इजरायल का भरपूर साथ दे रहे हैं. यहां तक कि लाखों यहूदियों की हत्या का आरोपी जर्मनी भी गाजा में फिलिस्तीनियों की लाशेें गिराने में इजरायल के साथ खड़ा है.

यूरोपीय और अमेरिकी देशों में गाजा जंग को लेकर संयुक्त राष्ट्र अमेरिकी की अब तक सबसे खराब रणनीति मानी जा रही है, जिसे लेकर दुनिया भर के मुसलमानों में गुस्सा है. अमेरिका न केवल इजरायली सेना को मुफ्त हथियार सप्लाई कर रहा है, फिलिस्तीनी लड़ाकों हमास से निपटने के लिए इजरायली सेना को प्रशिक्षित भी कर रहा है. यहां तक कि इसने बड़े पैमाने पर इजरायल को आर्थिक मदद भी दी है.

परिणामस्वरूप अमेरिका के इस चुनावी मौसम में कई सभाओं में अमेरिकी राष्ट्रपति को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा है. हाल में एक सभा में जब एक व्यक्ति ने फिलिस्तीन को लेकर जो बाइडेन के खिलाफ नारे लगाए तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़कर हाॅल के बाहर कर दिया.

अमेरिका की दोगली नीति के प्रति बढ़ते विरोध को देखते हुए जो बाइडन अब विरोधियांे को शांत करने के नए पैंतरे आजमाने लगे हैं. इसके लिए न केवल उनकी ओर से कतर के साथ सीजफायर की कोशिशें तेजकर दी गई हैं, युद्धपीड़ितों तक सहायता पहंुचाने के लिए भी भरपूर तरीके से लगे हुए हैं.

US Secretary of State Antony Blinken talks to people on a C-17 Globemaster as he departs for Cairo, in Jeddah on March 21, 2024. (Photo by EVELYN HOCKSTEIN / POOL / AFP)

अमेरिका के स्टेट सचिव एंटनी ब्लिंकन ने कहा, अमेरिका ने तत्काल गाजा युद्ध विराम की मांग के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का मसौदा जारी किया है. इसमें गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई से जुड़े तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया गया है.

इजराइल के प्रमुख समर्थक संयुक्त राज्य अमेरिका ने लगभग छह महीने के युद्ध पर पिछले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वोटों को वीटो कर दिया है. इससे पहले फरवरी में अल्जीरिया द्वारा प्रस्तुत एक मसौदे में अमेरिका ने तत्काल शब्द के उपयोग पर आपत्ति जताई थी.

हालाकि, हाल के सप्ताहों में, वाशिंगटन ने अपने सहयोगी पर दबाव बढ़ाया है. एंटनी ब्लिंकन ने गत दिनों अपने अरब दौरे पर कहा,वास्तव में, हमारे पास वास्तव में एक प्रस्ताव है जिसे हमने अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समक्ष रखा है जो बंधकों की रिहाई से जुड़े तत्काल युद्धविराम का आह्वान करता है. हमें पूरी उम्मीद है कि देश इसका समर्थन करेंगे.

उन्होंने बुधवार को सऊदी मीडिया से कहा, मुझे लगता है कि इससे एक कड़ा संदेश, एक मजबूत संकेत जाएगा. दूसरी तरफ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर के हमलों के प्रतिशोध में हमास को नष्ट करने की कसम खाई है. इस बीच राजनयिक सूत्रों ने खबर दी है कि नए प्रस्ताव में बंधकों की रिहाई के बदले छह सप्ताह के संघर्ष विराम के समर्थन पर जोर दिया गया है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि गाजा के 24 लाख लोग अकाल के कगार पर हैं.

इसके अलावा जो बाइडेन ने दुनिया के मुसलमानों का अमेरिका के प्रति गुस्सा शांत करने के लिए एक और तरीका निकाला है. इस समय जब रमजान दूसरे अशरे में प्रवेश कर चुका है और लोग इबादत में मशगूल हैं तो जो बाइडन जलसों में कुरान ए पाक की तिलावत करा रहे हैं. हाल में एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें बाइडेन अपनी मौजूदगी में एक जनसभा में एक व्यक्ति से कुरान पाठ करते नजर आए. बताया गया कि ऐसा उनकी इच्छा के अनुसार किया गया था.

आयरलैंड के पीएम भी बाइडेन की कर चुके हैं खिंचाई

गाज और फिलिस्तीनियों को तबाह करने में इजरायल का साथ देने के लिए दो दिन पहले आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर भी जो बाइडेन को लताड़ चुके हैं. एक सभा में वह कहते सुनाई दिए गए- हम अपनी तारीख को फलस्तीनियों की आंखों में देखते हैं. उनके बेघर होने, इंसानी हुकूक से महरूम, उनकी शिनाख्त से इंकार, जबरन हिजरत, भेदभाव और अब वो भूके हैं.
आज पीएम वराडकर को इस्तीफा देना पड़ा है. यह वीडियो पर खूब वायरल हो रहा है.