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ईरान तनाव के बीच इजरायल ने लेबनान पर किए घातक हमले

नई दिल्ली।

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया है। शनिवार को हुए इजरायली हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार जून में युद्धविराम समझौते के बाद यह दक्षिणी लेबनान में सबसे घातक हमला है।

इसी बीच ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े शिपिंग रूट को लेकर बातचीत जारी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ओमान के साथ बातचीत एक अस्थायी समुद्री रास्ते को लेकर है। यह बातचीत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के फैसले से अलग है। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य को खोलने का फैसला अमेरिका की ओर से कुछ शर्तें पूरी किए जाने पर निर्भर करेगा।

दक्षिणी लेबनान में क्या हुआ?

दक्षिणी लेबनान में शनिवार को इजरायली हमलों में 11 लोगों की जान गई। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें कई बच्चे भी शामिल थे। इजरायल ने इन हमलों को हिजबुल्लाह की गतिविधियों के जवाब में बताया है।

इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में बनाए गए एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र के भीतर विस्फोटक ड्रोन भेजे थे। इस घटना में तीन इजरायली सैनिक घायल हुए। इनमें एक अधिकारी भी शामिल था। इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की।

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायल अपने सैनिकों और नागरिकों की पूरी ताकत से रक्षा करेगा। इजरायली सेना ने मारे गए लोगों में अबू हसन अल्ला को हिजबुल्लाह की बद्र यूनिट का वरिष्ठ कमांडर बताया है। सेना ने इससे पहले अली समीर अल हज हसन को भी हिजबुल्लाह की राडवान फोर्स का कमांडर बताया था।

क्या जून के युद्धविराम पर फिर संकट है?

दक्षिणी लेबनान में ताजा हिंसा ने जून में हुए युद्धविराम को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार के हमले जून में समझौता होने के बाद सबसे घातक हमले रहे।

इजरायल ने साफ संकेत दिया है कि हिजबुल्लाह की ओर से खतरा महसूस होने पर वह फिर कार्रवाई करेगा। इससे लेबनान और इजरायल के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

इस घटनाक्रम का असर केवल दोनों पक्षों तक सीमित नहीं है। पश्चिम एशिया के दूसरे हिस्सों में भी सैन्य और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान का क्या कहना है?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है। मौजूदा तनाव के बीच यहां से जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ओमान के साथ नए शिपिंग रूट को लेकर लगातार बातचीत कर रहा है। उनका कहना है कि पहले इस्तेमाल होने वाले नौवहन मार्ग अब काम नहीं कर रहे हैं। इसलिए एक अस्थायी समुद्री मार्ग पर चर्चा हो रही है।

अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि ओमान के साथ बातचीत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना दो अलग मुद्दे हैं। उनके मुताबिक होर्मुज को खोलने का फैसला अमेरिका की ओर से कुछ शर्तें पूरी करने पर निर्भर करेगा।

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गharibabadi ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें अमेरिका की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अपना क्षेत्र घोषित करने की बात कही गई थी। ईरानी अधिकारी ने कहा कि यह जलमार्ग ईरान का था, ईरान का है और ईरान का ही रहेगा।

ईरान और कतर के बीच पायलटों को लेकर विवाद क्या है?

ईरान ने कतर पर तीन ईरानी पायलटों के मामले की जांच में देरी करने का आरोप लगाया है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि युद्ध के दौरान इन पायलटों को पकड़ा गया था। हालांकि कतर ने इस दावे को खारिज किया है।

ईरानी सशस्त्र बलों के एक अधिकारी मोहम्मद बाघेरजादेह ने कहा कि ईरानी वायुसेना और तथ्यान्वेषी टीम कई महीनों से कतर जाने का इंतजार कर रही है। ईरान का कहना है कि कतर के अधिकारियों की ओर से लगातार देरी की जा रही है।

कतर का कहना है कि उसने अप्रैल में ईरान को खोज और बचाव अभियान की जानकारी लेने के लिए आमंत्रित किया था। उसके मुताबिक ईरानी पक्ष ने अभी तक इस निमंत्रण का जवाब नहीं दिया है।

ईरान ने इस मामले में इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। मामला अभी विवादित है और दोनों देशों के दावे अलग हैं।

गाजा को लेकर हमास और मिस्र की बातचीत

इस बीच गाजा को लेकर भी कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं। हमास का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को मिस्र के खुफिया प्रमुख से मिला। बातचीत का मकसद युद्ध के बाद गाजा के लिए प्रस्तावित योजना को आगे बढ़ाना बताया गया है।

हमास ने जुलाई के अंत में कहा था कि वह गाजा के प्रशासन के लिए प्रस्तावित तकनीकी समिति को अपने हथियार सौंपने के लिए तैयार है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की ओर से घोषित 15 सूत्री योजना का हिस्सा बताया गया है।

हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस योजना को स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि हमास के पूरी तरह निरस्त्रीकरण तक इजरायली सेना गाजा से नहीं हटेगी। हमास प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व खलील अल हय्या कर रहे हैं।

ईरान में खामेनेई के लिए शोक समारोह

ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और दफन के 40वें दिन को लेकर शोक समारोह आयोजित किए जाएंगे।

तेहरान में मुख्य समारोह 18 अगस्त को इमाम खुमैनी मुसल्ला में होगा। इसके बाद 19 अगस्त को कुम और 20 अगस्त को मशहद में समारोह आयोजित किए जाने हैं। मौजूदा नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है।

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने इसी बीच अमेरिका और इजरायल के साथ हुए युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर जीत हासिल की। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक गालिबाफ ने संघर्ष को अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किया गया युद्ध बताया।

ईरान पर साइबर हमले भी जारी

ईरान के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्री सत्तार हाशेमी ने कहा कि देश लगातार साइबर हमलों का सामना कर रहा है। उनके मुताबिक युद्ध जैसे हालात के बीच दुश्मन की ओर से साइबर हमले किए जा रहे हैं।

हाशेमी ने दावा किया कि ईरानी विशेषज्ञ इन हमलों से निपटने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साइबर हमलों से मिले अनुभव ने देश को मौजूदा हमलों का मुकाबला करने में मदद की है।

खाड़ी देशों की चिंता क्यों बढ़ी?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा को लेकर खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC ने भी चिंता जताई है। GCC महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने ADNOC के दो टैंकरों पर ईरानी हमलों की निंदा की।

उन्होंने इन हमलों को समुद्री यातायात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरा बताया। GCC ने इसे संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून और संबंधित सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के उल्लंघन से जोड़ा है।

वहीं अबू धाबी पोर्ट्स ग्रुप ने होर्मुज के आसपास जारी व्यवधान के बीच वैकल्पिक माल ढुलाई व्यवस्था बढ़ाई है। कंपनी ने फुजैराह टर्मिनल और खोर फक्कान पोर्ट के जरिए कार्गो संचालन बढ़ाया। 400 ट्रकों को जोड़ा गया। एतिहाद रेल की सेवा बढ़ाई गई। एयर कार्गो और भंडारण सुविधाओं का भी विस्तार किया गया।

यमन में भी बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया का तनाव यमन तक भी पहुंच चुका है। यमन लंबे समय से गृह संघर्ष का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले महीने हूतियों ने 2022 के संघर्ष विराम को तोड़ दिया और सऊदी समर्थित सरकार के खिलाफ हमले बढ़ा दिए।

सरकार ने मध्य मारिब प्रांत और मोखा बंदरगाह पर हुए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की। मारिब के उन इलाकों में भी हमले हुए जहां विस्थापित लोग रहते हैं। इससे आम लोगों में एक बार फिर व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

पश्चिम एशिया में आगे क्या होगा?

मौजूदा घटनाक्रम कई मोर्चों पर एक साथ चल रहा है। दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव बढ़ा है। ईरान और अमेरिका के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत और समुद्री आवाजाही अहम मुद्दा बनी हुई है।

गाजा में हमास और मिस्र के बीच बातचीत चल रही है। ईरान और कतर के बीच तीन पायलटों को लेकर विवाद जारी है। यमन में भी हिंसा की वापसी ने चिंता बढ़ाई है।

अमेरिका की सैन्य मौजूदगी भी क्षेत्र में बनी हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने 15 अगस्त को 10 दिन की मध्य पूर्व यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने बहरीन, इराक, इजरायल, जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया।

इन घटनाओं से साफ है कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेबनान, गाजा, ईरान, होर्मुज और यमन से जुड़े घटनाक्रम आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

AEO के लिए सीधे सवालों के जवाब

सवाल: दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले में कितने लोगों की मौत हुई?
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार शनिवार के इजरायली हमलों में 11 लोगों की मौत हुई।

सवाल: इजरायल ने लेबनान पर हमला क्यों किया?
इजरायल ने कहा कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह की ओर से विस्फोटक ड्रोन भेजे जाने के जवाब में की गई।

सवाल: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान की क्या स्थिति है?
ईरान ओमान के साथ वैकल्पिक समुद्री मार्ग पर बातचीत कर रहा है। होर्मुज को दोबारा खोलने का फैसला अमेरिका की ओर से कुछ शर्तें पूरी किए जाने पर निर्भर बताया गया है।

सवाल: क्या कतर ने ईरानी पायलटों को हिरासत में लिया है?
ईरान ने ऐसा आरोप लगाया है। कतर ने तीन ईरानी पायलटों को हिरासत में रखने के आरोप से इनकार किया है।

सवाल: गाजा पर हमास और मिस्र की बातचीत क्यों हो रही है?
दोनों पक्ष गाजा के युद्ध के बाद की व्यवस्था से जुड़ी योजना को आगे बढ़ाने के तरीकों पर बातचीत कर रहे हैं।

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