पाकिस्तान में 5.3 तीव्रता का भूकंप, कई इलाकों में महसूस हुए झटके
इस्लामाबाद।
पाकिस्तान में शुक्रवार शाम 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे देश के कई हिस्सों में धरती हिल गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार भूकंप शुक्रवार शाम भारतीय समयानुसार 5 बजकर 18 मिनट और 49 सेकंड पर आया। एनसीएस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप का केंद्र पाकिस्तान में 30.273 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 69.710 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई जमीन से 75 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।
भूकंप की तीव्रता 5.3 मापी गई, जिसे मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है। हालांकि भूकंप का केंद्र जमीन के काफी नीचे होने के कारण बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका कम बताई जा रही है।
पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इसकी मुख्य वजह देश की भौगोलिक स्थिति है। पाकिस्तान उस क्षेत्र में स्थित है जहां भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इन प्लेटों की लगातार हलचल के कारण क्षेत्र में अक्सर भूकंपीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित बाल्टिस्तान जैसे इलाके प्रमुख भ्रंश रेखाओं यानी फॉल्ट लाइनों के निकट स्थित हैं। इसी कारण ये क्षेत्र भूकंप के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। इसके अलावा पंजाब और सिंध प्रांत भी भारतीय प्लेट के उत्तर पश्चिमी किनारे पर स्थित होने के कारण भूकंप के जोखिम से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं।
EQ of M: 5.3, On: 26/06/2026 17:18:49 IST, Lat: 30.273 N, Long: 69.710 E, Depth: 75 Km, Location: Pakistan.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) June 26, 2026
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पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ। वर्ष 2005 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आए विनाशकारी भूकंप में हजारों लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी देश के विभिन्न हिस्सों में समय समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं।
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आपदा प्रबंधन के नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। साथ ही प्रशासन को भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए लगातार तैयारी करते रहना चाहिए।
फिलहाल शुक्रवार को आए भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

