साल 2026 में कब से शुरू होगा रमजान और ईद-उल-फ़ित्र की क्या होगी संभावित तारीख ?
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। नए साल की आहट के साथ ही मुस्लिम समाज में 2026 के रमज़ान और ईद-उल-फ़ित्र को लेकर चर्चा और चिंतन तेज़ हो गया है। दुनिया भर के मुसलमानों के मन में कई सवाल हैं—रमज़ान कब शुरू होगा? क्या आगामी रमज़ान भी पूरी तरह गर्मियों में आएगा? ईद किस दिन पड़ेगी? यही कुछ अहम सवाल हैं, जिनके उत्तर जानने के लिए हर मुस्लिम उत्सुक रहता है।
इन्हीं उत्सुकताओं के बीच संयुक्त अरब अमीरात की खगोल संस्था एमिरेट्स एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ने आगामी वर्ष 2026 के रमज़ान और ईद-उल-फ़ित्र की संभावित तिथियों का ऐलान कर दिया है। संस्था द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और अफगानिस्तान जैसे दक्षिण एशियाई देश भी अपने यहाँ रमज़ान और ईद की संभावित तिथियों का अनुमान लगा सकते हैं, क्योंकि परंपरागत रूप से इन देशों में खाड़ी देशों से एक दिन बाद रोज़े और त्योहार मनाए जाते हैं।
रमज़ान 2026 की संभावित शुरुआत
एमिरेट्स एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के अनुसार, वर्ष 1447 हिजरी के रमज़ान का चांद 17 फरवरी 2026 (मंगलवार) की शाम दिखने की संभावना है। संस्था के निदेशक मंडल के अध्यक्ष, खगोल वैज्ञानिक इब्राहिम अल जरवान, ने खगोलीय गणनाओं पर आधारित एक वीडियो में स्पष्ट किया कि
यदि चांद 17 फरवरी की शाम नज़र आ जाता है, तो रमज़ान 19 फरवरी 2026 से शुरू होगा।
हालांकि अल जरवान ने यह भी कहा कि 17 फरवरी की शाम चांद देखने की परिस्थितियाँ कुछ कठिन हो सकती हैं—यानी संभावना है कि अनेक क्षेत्रों में चांद नज़र न आए। ऐसी स्थिति में खाड़ी देशों में रमज़ान का आरंभ 19 फरवरी ही माना जाएगा, जबकि दक्षिण एशियाई देशों में यह 20 फरवरी 2026 से शुरू होने की संभावना है।
खगोलीय पूर्वानुमान बताते हैं कि इस बार रमज़ान 30 दिनों का हो सकता है। यह अनुमान चंद्र दर्शन और खगोल विज्ञान के आधुनिक मॉडलों पर आधारित है।
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ईद-उल-फ़ित्र 2026 की संभावित तारीख
पूर्वानुमान के अनुसार, यदि रमज़ान 30 दिनों का होता है, तो ईद-उल-फ़ित्र 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) को पड़ने की पूरी संभावना है।
यह दिन मुसलमानों के लिए साल का सबसे पवित्र और ख़ुशी से भरा त्योहार होता है। फ़ज्र की नमाज़ से शुरू होकर ईद की नमाज़ अदा करने तक एक विशेष आध्यात्मिक वातावरण बनता है। इसके बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं, दावतें होती हैं, दान-पुण्य किया जाता है और सामाजिक मेल-मिलाप के माध्यम से भाईचारे का संदेश दिया जाता है।
यूएई ने पहले से घोषित अवकाश कैलेंडर में संकेत दिया है कि यदि रमज़ान 30 दिनों का होता है, तो 19 मार्च से 22 मार्च तक लंबा छुट्टी वाला सप्ताहांत मिलेगा। 23 मार्च, सोमवार से कार्यालय और संस्थान पुनः खुलेंगे।
दक्षिण एशिया में एक दिन बाद ईद मनाए जाने की परंपरा के अनुसार, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में 21 मार्च 2026 (शनिवार) को ईद-उल-फ़ित्र पड़ने की बहुत अधिक संभावना है।
दक्षिण एशियाई देशों में तारीखों का निर्धारण
भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश आमतौर पर सऊदी अरब या यूएई के चांद देखने के एक दिन बाद अपनी धार्मिक तिथियाँ निर्धारित करते हैं। इसका कारण यह है कि
- भौगोलिक दूरी के कारण चांद इन देशों में अक्सर एक दिन बाद दिखाई देता है।
- इन देशों की चांद कमेटियाँ स्वतंत्र रूप से निर्णय करती हैं, लेकिन खाड़ी देशों से प्राप्त खगोलीय संकेतों को भी ध्यान में रखा जाता है।
इसलिए यदि रमज़ान यूएई में 19 फरवरी से शुरू होता है, तो भारत व अन्य दक्षिण एशियाई देशों में रोज़े 20 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। इसी तरह ईद भी एक दिन बाद मनाई जा सकती है।
अंतिम घोषणा किसकी मानी जाएगी?
हालाँकि खगोलीय पूर्वानुमान काफी सटीक होते हैं, लेकिन इस्लामी शरीअत में अंतिम निर्णय चांद देखने वाली स्थानीय समिति के आधार पर होता है।
इसीलिए रमज़ान और ईद की असली तारीखों का ऐलान रुयत-ए-हिलाल कमेटी चांद के प्रत्यक्ष दर्शन के बाद ही करती है।
रमज़ान और ईद-उल-फ़ित्र की ये संभावित तिथियाँ केवल खगोलीय गणनाओं पर आधारित हैं, लेकिन वे दुनिया भर के मुसलमानों को मानसिक रूप से तैयार होने में मदद करती हैं। जैसे-जैसे समय नज़दीक आएगा, आधिकारिक घोषणाएँ भी सामने आने लगेंगी।
स्रोत: गल्फ न्यूज़
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