डेढ़ करोड़ मुसलमानों की मौत का ज़िम्मेदार ईरान! शिया धर्मगुरु रजनी का विस्फोटक बयान
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली/अहमदाबाद
गुजरात से ताल्लुक रखने वाले शिया धर्मगुरू मौलाना हसन अली रजनी ने एक बार फिर ईरान के विरुद्ध विस्फोटक बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनका ईरान से किस हद तक बैर है, यह स्पष्ट नहीं, लेकिन उन्होंने एक बयान जारी कर ईरान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने यहाँ तक आरोप लगाया है कि दुनिया भर में डेढ़ करोड़ मुसलमानों की मौत के लिए ईरान सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है।
💥 ईरान पर लगाए गए गंभीर आरोप
मौलाना हसन अली रजनी ने अपनी बात को एक कदम आगे बढ़ाते हुए यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया है कि:
- ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गुप्त साठगांठ है।
- ईरान ही आतंकवादी समूहों हमास और हिज्बुल्लाह को खाद-पानी (वित्तीय और रणनीतिक समर्थन) दे रहा है।
हालांकि, यह बयान देते समय मौलाना रजनी इस तथ्य को नज़रअंदाज़ कर गए कि इसी वर्ष इजरायल ने ईरान पर हमले कर उसे भारी जान-माल का नुक़सान पहुँचाया था, और इसी क्रम में अमेरिका ने भी अपने बम वर्षक विमानों से ईरान पर बम बरसाए थे। उनके ये आरोप ईरान पर हालिया सैन्य कार्रवाई की घटनाओं के विपरीत प्रतीत होते हैं।
🗣️ डेढ़ करोड़ मुसलमानों की मौत पर चुप्पी
मौलाना रजनी ने अपने बयान में ईरान की नीतियों पर अंतर्राष्ट्रीय दोहरे मापदंड को उजागर किया। उन्होंने कहा:
“ईरानी शिया विद्वानों ने अपने आतंकवाद से पूरी दुनिया में डेढ़ करोड़ मुसलमानों को मार डाला है, और पूरी दुनिया इस पर चुप है! लेकिन अगर भारत में दो या तीन मुसलमान मारे जाते हैं, तो ईरान पूरी दुनिया में हंगामा मचा देता है। ईरान ही ख़ुद आतंकवाद के लिए दुनिया भर में लाखों मौतों के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार है।”
🌍 तीन देश, एक षड्यंत्र
मौलाना रजनी ने इजरायल, अमेरिका और ईरान को दुनिया पर कब्ज़ा करने वाला तीन-पक्षीय गठजोड़ बताया। उनके अनुसार, इज़राइल एक “उत्पीड़ित बहन” बनकर ईरान और अमेरिका के लिए रास्ता बना रहा है, ताकि वे अपने वैश्विक मंसूबों में कामयाब हो सकें।
उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि हिज़्बुल्लाह और हमास जैसे छद्म समूहों को ईरान का व्यापक समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने दशकों में घातक हमले किए हैं और आक्रामक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। मौलाना रजनी के अनुसार, ईरानी सरकार हत्या की साज़िशों में भी सीधे तौर पर शामिल रही है।
उनके दस्तावेज़ीकरण के मुताबिक, ईरान या उसके सहयोगियों द्वारा किए गए विशिष्ट हमलों में लाखों लोगों की मौत हुई है, और मुजाहिदीन-ए-ख़ल्क (MEK) जैसे समूहों के हमलों में भी हज़ारों लोग मारे गए हैं।
🇮🇳 भारत से बड़ी मांग
मौलाना रजनी ने ‘शियाओं की रक्षा’ के नाम पर ईरान द्वारा दुनिया भर में आतंकवाद को संरक्षण देने को 1.5 करोड़ मौतों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। इस गंभीर आरोप के आधार पर, उन्होंने भारत सरकार से एक अत्यंत कठोर मांग की है:
“हमारे देश भारत को यहाँ रह रहे लाखों ईरानियों को तुरंत निर्वासित (deport) कर देना चाहिए ताकि दुनिया भर में लोग शांति और व्यवस्था से रह सकें।”
मौलाना हसन अली रजनी के इन आरोपों ने ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की भूमिका पर एक तीखी बहस छेड़ दी है, खासकर मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के माहौल में।

