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न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के घर के बाहर धमाका: हत्या की साजिश या नफरती खेल? दो संदिग्ध गिरफ्तार

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, न्यूयॉर्क:

न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी के सरकारी आवास ‘ग्रेसी मेंशन’ के बाहर शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक प्रदर्शन के दौरान विस्फोटक डिवाइस फेंके गए। इस घटना ने पूरे अमेरिका में सनसनी फैला दी है। क्या न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर की हत्या की कोई बड़ी साजिश रची जा रही है? यह सवाल अब फिजाओं में तैर रहा है।

पुलिस ने इस मामले में फौरन कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ‘द इंडिपेंडेंट’ की एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब मेयर आवास के बाहर इस्लाम विरोधी समूहों और उनके विरोधियों के बीच भारी तनाव चल रहा था।

विस्फोटक डिवाइस और अफरा-तफरी का माहौल

एनवाईपीडी (NYPD) कमिश्नर जेसिका टिश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मैनहट्टन के अपर ईस्ट साइड में ग्रेसी मेंशन के पास एक तय इस्लाम विरोधी प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान 18 साल के एक काउंटर-प्रोटेस्टर आमिर बलात ने कथित तौर पर दूसरे गुट की ओर एक जलती हुई डिवाइस फेंकी।

इस डिवाइस से धुआं और आग निकल रही थी। गनीमत रही कि यह एक बैरियर से टकराई और फटी नहीं। इसके बाद बलात ने अपने 19 साल के साथी से दूसरी डिवाइस ली और उसे भी जलाने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। अभी यह जांच की जा रही है कि ये डिवाइस कितने शक्तिशाली थे। मौके से मिली तस्वीरों में मेटल और काले टेप में लिपटी हुई गोल वस्तुएं दिख रही हैं, जिनसे कील जैसी नुकीली चीजें निकली हुई थीं।

इस्लामोफोबिया और नफरत का ‘धर्मयुद्ध’

मेयर के प्रेस सेक्रेटरी जो कैलवेलो ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बताया कि ग्रेसी मेंशन के बाहर जेक लैंग नाम के एक शख्स ने ‘इस्लामीकरण के खिलाफ धर्मयुद्ध’ नाम से एक आयोजन किया था। जेक लैंग 6 जनवरी के दंगों का आरोपी रहा है जिसे बाद में माफी मिल गई थी। कैलवेलो ने इस आयोजन को बेहद घटिया और ‘इस्लामोफोबिक’ करार दिया।

बयान में कहा गया कि मेयर ममदानी और फर्स्ट लेडी सुरक्षित हैं। लेकिन यह घटना उन खतरों की याद दिलाती है जिनका सामना मेयर को अपनी पहचान और नीतियों के कारण हर दिन करना पड़ता है। जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के इतिहास में पहले मुस्लिम मेयर हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्हें लगातार नफरती टिप्पणियों और इस्लामोफोबिया का शिकार होना पड़ा था।


सड़कों पर आमने-सामने आए दो गुट

शनिवार दोपहर ग्रेसी मेंशन के बाहर का मंजर बेहद तनावपूर्ण था। एक तरफ लगभग 20 कट्टर दक्षिणपंथी (राइट-विंग) समर्थक थे। दूसरी तरफ करीब 125 लोग “न्यूयॉर्क से नाजियों को बाहर निकालो” के नारे लगा रहे थे। दोनों गुटों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं।

इस दौरान एक दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारी ने विरोधी गुट पर पेपर-स्प्रे (मिर्च का स्प्रे) कर दिया। इसमें कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने स्प्रे करने वाले व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया है। जेक लैंग ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन पर “हत्या की कोशिश” की गई है। हालांकि, पुलिस हर एंगल से मामले की तहकीकात कर रही है।

मेयर ममदानी की नीतियों पर निशाना?

जोहरान ममदानी अपनी प्रगतिशील नीतियों और इजरायल-ट्रंप की नीतियों के मुखर विरोध के लिए जाने जाते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी यही बेबाकी कुछ कट्टरपंथी समूहों की आंखों में चुभ रही है। मेयर बनने के बाद से ही उन पर निजी हमले तेज हुए हैं।

ग्रेसी मेंशन के बाहर जिस तरह से विस्फोटक डिवाइस का इस्तेमाल हुआ, वह न्यूयॉर्क की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। क्या यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन था या मेयर को निशाना बनाने की कोई गहरी प्लानिंग? पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि विस्फोटक विशेषज्ञों की टीम डिवाइस की जांच कर रही है।

फिलहाल मेयर आवास के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। शहर के मुस्लिम समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर देश के सबसे बड़े शहर के मेयर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों का क्या होगा?

जब जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ ली थी, तब इसे एक ऐतिहासिक बदलाव माना गया था। लेकिन सत्ता की कुर्सी के साथ ही उनके लिए खतरों का सिलसिला भी शुरू हो गया। ग्रेसी मेंशन (मेयर आवास) के बाहर शनिवार को हुआ विस्फोटक हमला कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह ममदानी के खिलाफ बढ़ते ‘हेट कैंपेन’ का एक खतरनाक पड़ाव है।

1. बार-बार निशाने पर क्यों हैं ममदानी?

जोहरान ममदानी की पहचान केवल एक मुस्लिम नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रगतिशील और निडर राजनीतिज्ञ के रूप में है। उनके खिलाफ नफरत के तीन मुख्य कारण नजर आते हैं:

  • गाजा और इजरायल पर स्टैंड: ममदानी ने गाजा में जारी हिंसा के खिलाफ और फिलिस्तीनियों के मानवाधिकारों के पक्ष में खुलकर आवाज उठाई है। उनके इस रुख ने अमेरिका के कट्टरपंथी इजरायल समर्थक समूहों को नाराज कर दिया है।
  • ट्रंप की नीतियों का विरोध: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासन (Migration) और सामाजिक नीतियों के वे कड़े आलोचक रहे हैं। इसके चलते ‘राइट-विंग’ समर्थक उन्हें अपना सबसे बड़ा राजनीतिक दुश्मन मानते हैं।
  • धार्मिक पहचान: न्यूयॉर्क का पहला मुस्लिम मेयर होना उनके लिए गर्व की बात है, लेकिन ‘श्वेत वर्चस्ववादियों’ (White Supremacists) के लिए यह असहनीय रहा है। जेक लैंग जैसे लोग लगातार उनके खिलाफ “न्यूयॉर्क के इस्लामीकरण” का डर फैला रहे हैं।

2. ग्रेसी मेंशन की सुरक्षा पर सवाल

शनिवार की घटना ने न्यूयॉर्क पुलिस (NYPD) की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

  • विस्फोटक कैसे पहुंचे? मेयर के घर के इतने करीब कोई व्यक्ति विस्फोटक डिवाइस लेकर कैसे पहुंच गया?
  • इंटेलिजेंस इनपुट: जेक लैंग जैसे ज्ञात दंगाइयों द्वारा आयोजित ‘क्रूसेड’ (धर्मयुद्ध) की जानकारी पुलिस को पहले से थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों को मेयर के गेट के इतना करीब आने की अनुमति क्यों दी गई?
  • डिवाइस की प्रकृति: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वे डिवाइस केवल डराने के लिए थे या उनमें जानलेवा विस्फोटक भरा था। डिवाइस से कीलों का निकलना इस बात की ओर इशारा करता है कि मंशा गंभीर चोट पहुंचाने की थी।

3. पहले भी हो चुके हैं हमले और धमकियां

मेयर ममदानी के कार्यालय के अनुसार, उन्हें हर हफ्ते दर्जनों नफरती ईमेल और जान से मारने की धमकियां मिलती हैं।

  • चुनाव प्रचार के दौरान: उनके कैंपेन ऑफिस पर पत्थरबाजी की गई थी और दीवारों पर नस्लीय टिप्पणियां लिखी गई थीं।
  • सोशल मीडिया पर घेराबंदी: एक्स (X) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उनके खिलाफ संगठित तरीके से प्रोपेगेंडा चलाया जाता है। जेक लैंग जैसे लोग सरेआम उनके खिलाफ हिंसा भड़काने वाले वीडियो पोस्ट करते रहे हैं।

4. न्यूयॉर्क की राजनीति पर असर

इस हमले के बाद न्यूयॉर्क के राजनीतिक गलियारों में उबाल है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इसे “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है। वहीं, मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अगर देश के सबसे रसूखदार मेयर को उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया जा रहा है, तो यह पूरे अमेरिकी समाज के लिए खतरे की घंटी है।

निष्कर्ष: जोहरान ममदानी फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन ग्रेसी मेंशन के बाहर की कीलें और बारूद यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि नफरत की राजनीति अब भाषणों से निकलकर धमाकों तक पहुंच गई है। मेयर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन असली चुनौती उस विचारधारा से लड़ने की है जो एक निर्वाचित प्रतिनिधि को सिर्फ उसके धर्म के कारण ‘दुश्मन’ मान बैठी है।