ईरान-अमेरिका-इज़रायल तनाव के बीच ओमान की शांति अपील: विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा-सीजफायर और कूटनीति क्षेत्र व अमेरिका के हित में
मुस्लिम नाउ ब्यूरो | मस्कट/नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ओमान ने एक बार फिर कूटनीति और युद्धविराम की वकालत की है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने सोमवार को कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल तत्काल सीजफायर और कूटनीतिक बातचीत से ही संभव है। उनका कहना है कि युद्ध की मौजूदा स्थिति न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक है बल्कि इससे भारी आर्थिक नुकसान और मानवीय संकट की आशंका भी बढ़ रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में अलबुसैदी ने कहा कि क्षेत्रीय और अमेरिकी हितों के लिए सबसे बेहतर रास्ता यही है कि तुरंत युद्धविराम लागू किया जाए और जल्द से जल्द कूटनीतिक प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों से आर्थिक तबाही और मानवीय संकट का खतरा असहनीय स्तर तक पहुंच सकता है।
आपात शिखर सम्मेलन में हुई पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा
ओमान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अलबुसैदी ने यह बयान उस समय दिया जब वे पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर आयोजित एक आपातकालीन वर्चुअल नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे थे। यह बैठक यूरोपीय संघ की मेजबानी में आयोजित की गई थी।
इस बैठक में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के अलावा कई अरब नेताओं ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही तुर्किये और आर्मेनिया के प्रतिनिधियों के अलावा यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष भी शामिल हुए।
बैठक में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान तथा उससे पैदा हुए क्षेत्रीय प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने इस बात पर भी विचार किया कि किस तरह सैन्य तनाव को कम किया जाए और कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत किया जाए ताकि संकट को और गहराने से रोका जा सके।
खामेनेई की हत्या के बाद बढ़ा युद्ध का खतरा
पश्चिम एशिया में यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। 86 वर्षीय खामेनेई के साथ इस हमले में इस्लामिक गणराज्य के कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेता भी मारे गए थे।
इस घटना के बाद ईरान ने कड़ा जवाब देते हुए क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायली संपत्तियों को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए। रिपोर्टों के अनुसार तेहरान ने कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडरा रहा संकट
विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है। इससे न केवल ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी बल्कि लाखों लोगों के लिए मानवीय संकट भी पैदा हो सकता है।
ऐसे समय में ओमान जैसे देश, जो पारंपरिक रूप से मध्यस्थता और शांतिपूर्ण समाधान की नीति के लिए जाने जाते हैं, लगातार युद्धविराम और संवाद की अपील कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय शक्तियां और वैश्विक ताकतें इस अपील पर ध्यान देती हैं तो पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को सीमित किया जा सकता है।

