दरभंगा: MANUU कैंपस में विकास की नई लहर; कुलपति ने की कई अहम घोषणाएं, डॉ. आफताब आलम की पुस्तक का विमोचन
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दरभंगा (बिहार)
शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का गौरव कहे जाने वाले दरभंगा में ‘मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी’ (MANUU) के सैटेलाइट कैंपस में 12-13 मार्च, 2026 को गतिविधियों की भारी गहमागहमी रही। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन के दो-दिवसीय आधिकारिक दौरे ने न केवल परिसर के बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा दी, बल्कि अकादमिक जगत में भी एक नई ऊर्जा का संचार किया।
इस दौरे के दौरान जहाँ शिक्षा जगत की ज्वलंत समस्याओं पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन हुआ, वहीं छात्रों और संकाय सदस्यों के लिए भविष्य की बड़ी योजनाओं का खाका भी पेश किया गया।
डॉ. आफताब आलम की पुस्तक ‘تعلیم کے عصری مسائل اور تقاضے’ का विमोचन
दौरे के पहले दिन, कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन (CTE) द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह में डॉ. आफताब आलम (असिस्टेंट प्रोफेसर, MANUU) द्वारा लिखित पुस्तक “تعلیم के عصری مسائل اور تقاضے” (शिक्षा के समकालीन मुद्दे और आवश्यकताएं) का औपचारिक विमोचन कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन और कुलसचिव प्रो. इश्तियाक अहमद के कर-कमलों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कुलपति ने डॉ. आफताब आलम के विद्वतापूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समकालीन समाज में शिक्षा की उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए अकादमिक लेखन अत्यंत आवश्यक है।
पुस्तक की मुख्य विशेषताएं: यह पुस्तक आधुनिक शिक्षा प्रणाली के उन पहलुओं पर प्रकाश डालती है जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसमें शामिल मुख्य विषय हैं:
- समावेशी शिक्षा (Inclusive Education): सभी वर्ग के बच्चों को एक साथ शिक्षा।
- थर्ड जेंडर की शिक्षा: समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना।
- मूल्यपरक शिक्षा (Value Education): नैतिक मूल्यों का ह्रास रोकना।
- शिक्षा का निजीकरण और पीपीपी मॉडल: वैश्वीकरण के दौर में शिक्षा का बदलता स्वरूप।
- शारीरिक शिक्षा: सर्वांगीण विकास में खेल और स्वास्थ्य की भूमिका।
गौरतलब है कि डॉ. आफताब आलम की यह दूसरी महत्वपूर्ण कृति है। इससे पूर्व कुलपति के पिछले दौरे पर उनकी पुस्तक “ہندوستان میں پسماندہ طبقات کی تعلیم” (भारत में पिछड़े वर्गों की शिक्षा) का विमोचन हुआ था।
कैंपस विकास और भविष्य की योजनाएं: बी.टेक और ऑडिटोरियम का ऐलान
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने पिछले एक साल में दरभंगा कैंपस द्वारा हासिल किए गए विकासात्मक लक्ष्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों को उत्साहित करते हुए दो बड़ी घोषणाएं कीं:
- मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम: कैंपस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जल्द ही एक विशाल ऑडिटोरियम का निर्माण शुरू होगा।
- बी.टेक प्रोग्राम: मुख्य कैंपस (हैदराबाद) में कोर्स शुरू होने के बाद दरभंगा कैंपस में भी बी.टेक (B.Tech) शुरू करने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
कुलसचिव प्रो. इश्तियाक अहमद ने अपनी पहली दरभंगा यात्रा के अनुभव साझा करते हुए इसे एक ‘जीवंत कैंपस’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं में टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्रों की पहली पसंद अक्सर दरभंगा कैंपस ही होती है। उन्होंने बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कैंपस में दो छात्रावास (Hostels) उपलब्ध कराए हैं।
शैक्षणिक विस्तार: BA, LLM और ITEP को मंजूरी
सीटीई दरभंगा के प्राचार्य प्रो. मो. फैज अहमद ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि कुलपति के नेतृत्व में कैंपस का विस्तार तेजी से हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कैंपस में बीए (BA) और एलएलएम (LLM) कोर्स शुरू हो चुके हैं। साथ ही, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से दरभंगा कैंपस के लिए ITEP (एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम) पाठ्यक्रमों को मंजूरी दे दी है।
इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. आफताब आलम की पुस्तक के साथ-साथ डॉ. राघिब बाबर द्वारा लिखित पुस्तक “गणित का शिक्षण” (Pedagogy of Mathematics) का भी विमोचन किया गया।
इफ्तार पार्टी और मुशायरा: अदब और सियासत का संगम
दौरे की शाम को कैंपस में एक शानदार इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसके बाद एक ‘मुशायरा’ (काव्य गोष्ठी) आयोजित हुई। इस महफिल में दरभंगा के नामचीन शायरों ने हिस्सा लिया। स्वयं कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने भी अपनी गजलों और नज्मों से समां बांध दिया।
इस कार्यक्रम में राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी ने भी चार चाँद लगाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद जनाब मोहम्मद अली अशरफ फातमी और पूर्व विधायक जनाब फराज फातमी ने कार्यक्रम में शिरकत की। श्री फातमी ने कुलपति द्वारा दरभंगा कैंपस के लिए किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों और विकासात्मक कार्यों की जमकर प्रशंसा की।
प्रशासनिक संवाद और समीक्षा
दौरे के दूसरे दिन कुलपति और कुलसचिव ने विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के प्रमुखों और छात्रावास वार्डनों के साथ विस्तृत बातचीत की। उन्होंने प्रॉक्टोरियल टीम और छात्र कल्याण सहायक डीन के साथ कैंपस की सुरक्षा और छात्र सुविधाओं की समीक्षा की।
इस उच्च स्तरीय प्रशासनिक टीम में प्रो. अब्दुल वाहिद (डीन, स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी), प्रो. मोहम्मद शाहिद (डीन, एकेडमिक्स और कैंपस समन्वयक), डॉ. इकबाल खान और श्री अब्दुल हफीज (इंजीनियरिंग अनुभाग) शामिल थे।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
| कार्यक्रम | विवरण |
| मुख्य अतिथि | प्रो. सैयद ऐनुल हसन (कुलपति, MANUU) |
| विशेष अतिथि | प्रो. इश्तियाक अहमद (कुलसचिव), मो. अली अशरफ फातमी (पूर्व केंद्रीय मंत्री) |
| पुस्तक विमोचन | डॉ. आफताब आलम और डॉ. राघिब बाबर |
| नई घोषणाएं | मल्टीपर्पज ऑडिटोरियम और भविष्य में बी.टेक की संभावना |
| शैक्षणिक उपलब्धि | 2026-27 से ITEP कोर्स को NCTE की मंजूरी |
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निष्कर्ष: MANUU दरभंगा कैंपस का यह दौरा केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के शैक्षिक उत्थान का एक रोडमैप साबित हुआ है। पुस्तकों का विमोचन यह दर्शाता है कि संस्थान शोध और लेखन को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि बुनियादी ढांचे के विस्तार की घोषणाएं छात्रों के बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

