ईरान के B1 ब्रिज पर भीषण हमला: अमेरिकी और इजरायली बमबारी में 8 मौतें
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तेहरान
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ा संघर्ष अब और भी खौफनाक मोड़ ले चुका है। शुक्रवार सुबह ईरान के करज इलाके में स्थित ‘B1 ब्रिज’ पर जबरदस्त हवाई हमला हुआ। इस हमले में कम से कम 8 आम नागरिकों की मौत हो गई है। वहीं 95 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ ने इस तबाही की पुष्टि की है।
यह हमला उस वक्त हुआ जब इलाके में काफी चहल-पहल थी। मारे गए लोगों में स्थानीय ग्रामीण और वहां से गुजर रहे मुसाफिर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त कई परिवार ‘नेचर डे’ मनाने के लिए बाहर निकले हुए थे। खुशियों का माहौल पल भर में मातम में बदल गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन का कड़ा रुख
इस हमले के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को ‘आक्रामक’ करार दिया। पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरान अपनी पूरी ताकत से इन हमलों का जवाब देगा।
ईरानी राष्ट्रपति ने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि जब वाशिंगटन ने बमबारी शुरू की, उस वक्त ईरान अमेरिका के साथ ‘अप्रत्यक्ष बातचीत’ में लगा हुआ था। उन्होंने इसे पीठ में छुरा घोंपने जैसा बताया। राष्ट्रपति ने अलियेव को बताया कि युद्ध की वजह से स्कूलों, अस्पतालों और जरूरी बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने मुश्किल घड़ी में साथ देने के लिए अजरबैजान का शुक्रिया भी अदा किया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी हलचल
युद्ध का असर केवल जमीन पर ही नहीं बल्कि समुद्र में भी दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फिलीपींस की अपनी समकक्ष मारिया टेरेसा लाज़ारो से बात की। अराघची ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमलावर देशों के जहाजों को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है। ईरान ने ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले संदिग्ध जहाजों पर पाबंदी लगा दी है।
विदेश मंत्री ने तर्क दिया कि यह कदम सुरक्षा बनाए रखने और भविष्य के सैन्य हमलों को रोकने के लिए जरूरी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैर-आक्रामक और व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में अस्थिरता के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया।
भारी नुकसान और वैश्विक चिंता
इस युद्ध को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। फिलीपींस की विदेश मंत्री ने इस संघर्ष में मारे गए ईरानी नागरिकों और अधिकारियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस युद्ध को तुरंत खत्म करने और शांति बहाली की अपील की।
ईरानी स्वास्थ्य अधिकारियों के आंकड़े रूह कंपा देने वाले हैं। पिछले एक महीने की हिंसा में अब तक देश भर में 2,000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। मरने वालों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने से आम जनता में भारी आक्रोश है।
मुख्य बिंदु: एक नजर में
- हमले का स्थान: करज, ईरान (B1 ब्रिज)
- हताहत: 8 की मौत, 95 घायल
- वजह: अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले
- कुल मौतें: युद्ध शुरू होने से अब तक 2,000 से ज्यादा मौतें
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
अजरबैजान के राष्ट्रपति अलियेव ने इस संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता खतरे में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही शांति बहाल होगी। दोनों नेताओं ने सुरक्षा के साथ-साथ आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।
ईरान का कहना है कि यह युद्ध उस पर जबरन थोपा गया है। तेहरान इसे ‘बिना उकसावे वाला हमला’ बता रहा है। दूसरी तरफ अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। B1 ब्रिज पर हुआ यह हमला दिखाता है कि युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा। आम नागरिक इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं।
फिलहाल तेहरान में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। अस्पतालों में घायलों की चीख-पुकार मची है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को रोकने के लिए दबाव बना रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत बता रही है कि शांति की राह अभी काफी मुश्किल है। ईरान ने अपनी रक्षा क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करने की कसम खाई है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष क्या मोड़ लेता है।

