जीडीसी गांदरबल में एंटी-रैगिंग कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
श्रीनगर:
श्रीनगर के पास गांदरबल जिले में छात्रों को उनके कानूनी अधिकारों और कैंपस अनुशासन के प्रति जागरूक करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज (GDC) गांदरबल ने मिलकर 16 अप्रैल 2026 को एंटी-रैगिंग कानूनों पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में हुआ।
कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभाग की अध्यक्ष और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जमशीदा अख्तर ने किया। उन्होंने पूरे सत्र के दौरान छात्रों और वक्ताओं के बीच तालमेल बनाए रखा। कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर फौजिया फातिमा ने छात्रों को संबोधित करते हुए अनुशासन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित और समावेशी शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए आपसी सम्मान जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे नैतिक मूल्यों को अपनाएं और कैंपस जीवन को बेहतर बनाने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल आसिमा खालिस और शाहीन अली उपस्थित थीं। उन्होंने एंटी-रैगिंग कानूनों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि रैगिंग केवल एक बुराई नहीं बल्कि एक कानूनी अपराध है। उन्होंने छात्रों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से समझाया।
विशेष रूप से शिकायत तंत्र पर चर्चा की गई। छात्रों को बताया गया कि अगर उनके साथ या उनके सामने रैगिंग जैसी कोई घटना होती है, तो वे किन कानूनी रास्तों से मदद मांग सकते हैं। सत्र काफी इंटरैक्टिव रहा। छात्रों ने कानून की पेचीदगियों को समझने के लिए कई सवाल भी पूछे।
अनुशासन समिति की संयोजक और शारीरिक शिक्षा विभाग की अध्यक्ष डॉ. रविंदर कौर ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अंत में सभी अतिथियों और छात्रों का धन्यवाद किया। उन्होंने कानून विशेषज्ञों के प्रति आभार जताया जिन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन किया।
डॉ. जमशीदा अख्तर और डॉ. रविंदर कौर के संयुक्त प्रयासों से यह कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ। कॉलेज का यह कदम छात्रों को कानूनी और नैतिक रूप से जागरूक करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। संस्थान ने इस आयोजन के जरिए साफ संदेश दिया है कि कैंपस में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या रैगिंग के लिए कोई जगह नहीं है। कॉलेज प्रशासन एक सुरक्षित और अनुशासित माहौल बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

