नूंह के वेटलिफ्टरों का कमाल: पिछड़ेपन को पछाड़कर जीत रहे गोल्ड मेडल
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नूंह (हरियाणा)
नीति आयोग की लिस्ट में हरियाणा का नूंह जिला भले ही बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछड़ा माना जाता हो लेकिन यहाँ के युवाओं के हौसले आसमान छू रहे हैं। सुविधाओं के अभाव और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों के बीच नूंह के खिलाड़ी अपने दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिले का झंडा बुलंद कर रहे हैं। विशेषकर वेटलिफ्टिंग में यहाँ के खिलाड़ियों ने वह कर दिखाया है जिसकी उम्मीद संसाधनों के बिना करना मुश्किल है।
गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया मान
हाल ही में लोहारू में आयोजित नेशनल मास्टर्स गेम्स वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में नूंह के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इसमें सेवानिवृत्त मुख्य शिक्षक आबिद हुसैन ने गोल्ड मेडल जीतकर सबको हैरान कर दिया। 14 से 16 मार्च 2026 तक चली इस प्रतियोगिता में आबिद हुसैन की जीत ने यह साबित कर दिया कि उम्र और सुविधाओं की कमी प्रतिभा को नहीं रोक सकती। इसके अलावा साल 2025-26 के दौरान राज्य स्तरीय स्कूल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी नूंह की टीम रनर-अप रही।
कोच और डीसी की मुलाकात: सुविधाओं पर चर्चा
खिलाड़ियों की इन्हीं उपलब्धियों और उनकी समस्याओं को लेकर कोच हेमंत बघेल और आबिद हुसैन ने जिला उपायुक्त (DC) अखिल पिलानी से मुलाकात की। कोचों ने डीसी को बताया कि नूंह में टैलेंट की कोई कमी नहीं है। खिलाड़ी लगातार पदक जीत रहे हैं लेकिन उनके पास अभ्यास के लिए न तो आधुनिक उपकरण हैं और न ही कोई सुरक्षित स्थान। खिलाड़ियों को तैयारी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है।
जल्द बनेगा नया वेटलिफ्टिंग हॉल
खिलाड़ियों की मेहनत देखकर डीसी अखिल पिलानी ने सकारात्मक भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक आधुनिक वेटलिफ्टिंग हॉल बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। जैसे ही वहां से मंजूरी मिलेगी इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिलने से वे गलत रास्तों पर जाने से बचेंगे और खेलों में अपना भविष्य बनाएंगे।
बदल रही है मेवात की तस्वीर
नूंह जिला जिसे मेवात भी कहा जाता है वहां अब खेलों की नई लहर दिख रही है। परवेज जैसे अंतरराष्ट्रीय धावक और कई उभरते क्रिकेटरों ने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर युवाओं को नई दिशा दी है। अब वेटलिफ्टरों की बारी है। अगर सरकार और प्रशासन समय पर आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन दे तो नूंह के ये पावर लिफ्टर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
डीसी ने कोचों और खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन उन्हें हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। नूंह के युवाओं की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। अगर यहाँ का खेल ढांचा सुधर जाता है तो वह दिन दूर नहीं जब ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी नूंह के बेटे-बेटियां पदक जीतते नजर आएंगे।

