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मीरपुर टेस्ट: Najmul Hossain Shanto का ऐतिहासिक शतक, ब्रेडमैन और हेडली के एलीट क्लब में शामिल

ढाका

बांग्लादेश क्रिकेट के लिए शुक्रवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के शुरुआती दिन कप्तान नजमुल हुसैन शांतो (Najmul Hossain Shanto) ने न केवल अपने करियर का 9वां टेस्ट शतक जड़ा, बल्कि कप्तानी के मोर्चे पर एक नया इतिहास भी रच दिया। अपनी इस 101 रनों की जादुई पारी के साथ शांतो अब बांग्लादेश के टेस्ट इतिहास के सबसे सफल कप्तान बन गए हैं।


कप्तानी में बनाया महा-रिकॉर्ड: मुशफिकुर को पछाड़ा

शांतो का यह शतक बतौर कप्तान उनका 5वां टेस्ट शतक था। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व कप्तान मुशफिकुर रहीम (4 शतक) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब वह बांग्लादेश के लिए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाले कप्तान बन गए हैं। इस सूची में मोमिनुल हक 3 शतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

बांग्लादेशी कप्तानों द्वारा सर्वाधिक टेस्ट शतक:

कप्तानशतकों की संख्या
नजमुल हुसैन शांतो5
मुशफिकुर रहीम4
मोमिनुल हक3

कन्वर्जन रेट: ब्रेडमैन और हेडली की कतार में शांतो

इस पारी की सबसे खास बात शांतो की निरंतरता और “कन्वर्जन रेट” (अर्धशतक को शतक में बदलने की दर) रही। आंकड़ों की दुनिया में शांतो ने दिग्गज सर डॉन ब्रेडमैन और जॉर्ज हेडली के बाद विश्व क्रिकेट में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है।

कम से कम 15 बार 50 से अधिक का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों में शांतो की शतक परिवर्तन दर लगभग 46.6% (15 बार 50+ स्कोर में 7 शतक – नोट: यह आंकड़ा रिपोर्टिंग संदर्भ में प्रयुक्त है, ताजा आंकड़ों के अनुसार उनके 14 बार 50+ स्कोर में 9 शतक हैं जो 64.3% की दर दर्शाते हैं) हो गई है। वह इस मामले में आधुनिक दौर के दिग्गज बल्लेबाजों और भारतीय स्टार शिखर धवन व शुभमन गिल से भी आगे निकल गए हैं।


मैच का हाल: बांग्लादेश का दबदबा

पाकिस्तान के खिलाफ टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत खराब रही थी। टीम ने मात्र 31 रन पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों (महमुदुल हसन जॉय और शादमान इस्लाम) के विकेट खो दिए थे। लेकिन इसके बाद कप्तान शांतो ने मोर्चा संभाला।

  • शानदार साझेदारी: शांतो (101) और मोमिनुल हक (91) के बीच तीसरे विकेट के लिए 170 रनों की विशाल साझेदारी हुई, जिसने पाकिस्तानी गेंदबाजों को पस्त कर दिया।
  • शांतो की पारी: उन्होंने अपनी 130 गेंदों की पारी में 12 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के लगाए। शतक पूरा करने के तुरंत बाद वह मोहम्मद अब्बास की गेंद पर एलबीडब्ल्यू (LBW) हो गए।
  • दिन का अंत: पहले दिन का खेल खत्म होने तक बांग्लादेश ने 4 विकेट खोकर 301 रन बना लिए हैं। अनुभवी मुशफिकुर रहीम 48 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि लिटन दास 8 रन पर खेल रहे हैं।

स्कूल क्रिकेट से नेशनल हीरो तक का सफर

नजमुल हुसैन शांतो का उदय कोई इत्तेफाक नहीं है। वह स्कूल क्रिकेट के दिनों में दोहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आए थे। इसके बाद उन्होंने 2014 और 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया। घरेलू क्रिकेट में राजशाही डिवीजन और बीपीएल में सिलहट स्ट्राइकर्स जैसी टीमों के लिए लगातार रन बनाने वाले शांतो अब बांग्लादेशी बल्लेबाजी की रीढ़ बन चुके हैं।

वरिष्ठ खेल विशेषज्ञों का मानना है कि शांतो की बड़ी पारी खेलने की भूख उन्हें दुनिया के अन्य कप्तानों से अलग बनाती है। मीरपुर टेस्ट के दूसरे दिन बांग्लादेश की नजरें 450+ के स्कोर पर होंगी, जिससे वे पाकिस्तान पर शिकंजा कस सकें।


क्या आपको लगता है कि नजमुल शांतो की कप्तानी में बांग्लादेश आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में बड़ा उलटफेर कर पाएगा?