यूएई में छिपे हत्या आरोपी हुसैन महबूब खोकावाला के प्रत्यर्पण की उठी नई मांग
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नई दिल्ली।
करीब दो दशक पुराने हत्या के एक चर्चित मामले में अब आरोपी के भारत प्रत्यर्पण की मांग फिर तेज हो गई है। पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील करते हुए संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे एक फरार आरोपी को जल्द भारत लाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि आरोपी की गैरमौजूदगी के कारण अदालत में मुकदमे की सुनवाई वर्षों से प्रभावित हो रही है और न्याय मिलने में लगातार देरी हो रही है।
मृतक के भाई और सेवानिवृत्त कैप्टन मनजीत सिंह विरदी ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में कहा है कि हत्या के मामले का मुख्य आरोपी हुसैन महबूब खोकावाला उर्फ हुसैन मोहम्मद शत्ताफ लंबे समय से कानून की पकड़ से बाहर है और कथित रूप से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए जल्द पूरा कराया जाए ताकि अदालत में लंबित मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सके।
पत्र में कहा गया है कि 18 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें आरोपी को मामले से राहत मिली थी। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद हत्या के मुकदमे की सुनवाई दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया। लेकिन परिवार का आरोप है कि आरोपी अब तक ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ है।
मनजीत सिंह विरदी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि महाराष्ट्र के गृह विभाग ने आरोपी के प्रत्यर्पण का प्रस्ताव पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया है। इसके बाद मामला भारत सरकार के स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तो प्रत्यर्पण प्रक्रिया में हो रही देरी की वजह स्पष्ट की जानी चाहिए। उनका मानना है कि आरोपी की अनुपस्थिति के कारण न्यायिक प्रक्रिया लंबी खिंच रही है और पीड़ित परिवार वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।
पत्र में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी कई वर्षों से फरार है और कथित रूप से संयुक्त अरब अमीरात में बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के रह रहा है। परिवार ने आरोप लगाया है कि हत्या के अलावा आरोपी पर पासपोर्ट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े सहित अन्य आपराधिक मामलों के आरोप भी हैं। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के बाद ही होगा।
मनजीत सिंह विरदी ने यह भी कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर आरोपी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश की जा सके।
परिवार का कहना है कि हाल के वर्षों में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सहयोग के तहत कई वांछित आरोपियों का सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण हुआ है। ऐसे में उनका सवाल है कि इस मामले में अब तक अंतिम कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने सरकार से इस देरी के कारणों की भी जांच कराने की मांग की है।
पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि संबंधित मंत्रालयों, जांच एजेंसियों और राजनयिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि आरोपी को जल्द भारत लाकर न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
इस बीच विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार इस मामले में संयुक्त अरब अमीरात के साथ राजनयिक माध्यमों से प्रत्यर्पण प्रक्रिया पहले ही शुरू कर चुकी है। मंत्रालय ने बताया है कि यह कार्रवाई वर्ष 2006 के हत्या मामले से संबंधित है और दोनों देशों के बीच कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस प्रभावी है। साथ ही जांच एजेंसियों ने लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया है ताकि उसके भारत आने या किसी अन्य देश में यात्रा करने की स्थिति में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा और कानूनी सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने आर्थिक अपराध, आतंकवाद, संगठित अपराध और अन्य गंभीर मामलों में सूचना साझा करने तथा वांछित आरोपियों के प्रत्यर्पण को लेकर कई स्तरों पर सहयोग बढ़ाया है। इसी कारण इस मामले को भी दोनों देशों के बीच चल रहे कानूनी सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया केवल राजनीतिक निर्णय नहीं होती। इसमें संबंधित देशों के कानून, अदालतों की मंजूरी, उपलब्ध साक्ष्य और द्विपक्षीय संधियों सहित कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इसलिए किसी भी मामले में अंतिम निर्णय इन सभी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद ही लिया जाता है।
फिलहाल पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि भारत सरकार और संबंधित एजेंसियां इस मामले में जल्द कार्रवाई करेंगी, जिससे आरोपी को भारत लाया जा सके और वर्षों से लंबित हत्या के मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सके।
AEO Quick Answer
प्रश्न: पीड़ित परिवार ने प्रधानमंत्री से क्या मांग की है?
उत्तर: परिवार ने संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद फरार हत्या आरोपी के जल्द प्रत्यर्पण के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रश्न: आरोपी कौन है?
उत्तर: मामले में आरोपी का नाम हुसैन महबूब खोकावाला उर्फ हुसैन मोहम्मद शत्ताफ बताया गया है।
प्रश्न: क्या आरोपी के खिलाफ इंटरपोल नोटिस जारी है?
उत्तर: सरकारी जानकारी के अनुसार आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और लुक आउट सर्कुलर जारी किया जा चुका है।
प्रश्न: क्या भारत ने प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की है?
उत्तर: विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात के साथ राजनयिक माध्यमों से प्रत्यर्पण प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।
संपादकीय नोट: इस रिपोर्ट में आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों, न्यायालयी अभिलेखों और सरकारी बयानों पर आधारित हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।

