कश्मीर के राजौरी में मूसलाधार बारिश, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
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राजौरी
जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में मंगलवार तड़के शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और राजौरी पुलिस ने लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि लोग सतर्क रहें और बिना जरूरी कारण घरों से बाहर न निकलें।
बारिश का दौर सुबह से लगातार जारी है। कई निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
नदियों और नालों से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे नदियों, नालों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। किसी भी हालत में पानी से भरी सड़क या पुल पार करने की कोशिश न करें। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर ध्यान देने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत दल तुरंत सक्रिय किए जाएंगे।
राजौरी पुलिस ने भी जारी की चेतावनी
राजौरी पुलिस ने भी लोगों के लिए अलग से आपातकालीन सलाह जारी की है। पुलिस का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
पुलिस ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को तुरंत खाली करने के लिए कहा गया है।
पुलिस ने यह भी कहा कि जब तक बहुत जरूरी न हो, लोग अपने घरों से बाहर न निकलें। बारिश के दौरान किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचें।
आपात स्थिति में तुरंत करें संपर्क
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करें। इसके लिए संबंधित विभागों की टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग और राहत एजेंसियों को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें
इस वर्ष मानसून कई राज्यों में सामान्य से अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ समय तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
ऐसी स्थिति में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क धंसने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं तेजी से हो सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश में भी हालात गंभीर
राजौरी के साथ साथ हिमाचल प्रदेश भी भारी बारिश से जूझ रहा है। सिरमौर जिले में रेड अलर्ट जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने 20 और 21 जुलाई को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया।
उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि खराब मौसम के कारण नाहन क्षेत्र में तीन प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। प्रशासन इन मार्गों को खोलने का प्रयास कर रहा है लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
उन्होंने बताया कि 30 जून से 19 जुलाई के बीच जिले में करीब 16 करोड़ 98 लाख 87 हजार रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
आठ लोगों की मौत
सिरमौर जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन के अनुसार दो लोगों की मौत सांप के काटने से हुई। पांच लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई। एक व्यक्ति की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हुई।
इन घटनाओं में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
परीक्षाओं पर भी असर
भारी बारिश का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई दिया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की निर्धारित परीक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
वहीं हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही हैं। हालांकि प्रशासन ने प्रभावित छात्रों को विशेष राहत देने का निर्णय लिया है ताकि खराब मौसम के कारण किसी विद्यार्थी को नुकसान न उठाना पड़े।
सड़कें और पेयजल योजनाएं प्रभावित
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में सोमवार शाम तक 36 सड़कें बंद थीं। इसके अलावा 43 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
हालांकि बिजली व्यवस्था में कुछ सुधार हुआ है लेकिन लगातार बारिश के कारण पेयजल आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। कई इलाकों में लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों ने क्या दी सलाह
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सतर्क रहना सबसे जरूरी है। नदी, नाले और झरनों के पास जाने से बचना चाहिए। यात्रा केवल बहुत जरूरी होने पर ही करनी चाहिए।
वाहन चलाते समय गति धीमी रखें। रात के समय अनावश्यक यात्रा न करें। प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें। किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें।
मानसून के दौरान कैसे रखें खुद को सुरक्षित
बारिश के मौसम में कुछ छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं। घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज रखें। जरूरी दवाइयां और टॉर्च अपने पास रखें। यदि घर नदी या पहाड़ी ढलान के पास है तो प्रशासन के निर्देश मिलते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
निष्कर्ष
जम्मू कश्मीर के राजौरी और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। दोनों राज्यों में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे समय में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
Rajouri Flood Rescue: The Indian Army, in coordination with J&K Police, SDRF and the civil administration, rescued 11 civilians, including 5 children, stranded in flood-hit areas following heavy rainfall. Two separate rescue operations were carried out successfully.#Rajouri pic.twitter.com/FRoqofvOcH
— Smriti Sharmaa (@SmritiSharma_) July 19, 2026
FAQs
राजौरी में प्रशासन ने एडवाइजरी क्यों जारी की है?
लगातार भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए एडवाइजरी जारी की गई है।
राजौरी के लोगों को क्या सलाह दी गई है?
लोगों से घरों में रहने, नदियों और नालों से दूर रहने, पानी भरी सड़कें पार नहीं करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश में कौन सा जिला सबसे अधिक प्रभावित है?
सिरमौर जिला भारी बारिश और रेड अलर्ट के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है।
हिमाचल प्रदेश में कितनी सड़कें बंद हैं?
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार 36 सड़कें बंद हैं और 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं।
बारिश के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
बिना जरूरी कारण यात्रा न करें। नदी किनारों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।

