अमेरिकी चुनाव में सबा हैदर की ऐतिहासिक जीत, इलिनॉय में बनीं पहली दक्षिण एशियाई विधायक
गाजियाबाद:
अमेरिका में भारतीय मूल की सबा हैदर ने 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार सबा हैदर इलिनॉय राज्य की प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित हुई हैं। इस जीत के साथ वह इलिनॉय की जनरल असेंबली में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बन गई हैं। उनकी सफलता ने अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को नई पहचान दी है।
सबा हैदर की जीत से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। गाजियाबाद में रहने वाले उनके पिता सैयद अली हैदर ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि परिवार ने पूरी रात जागकर चुनाव परिणाम का इंतजार किया। सुबह करीब 6.30 बजे सबा का फोन आया और उसने अपनी जीत की खबर दी। इसके बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सैयद अली हैदर ने कहा कि बेटी की जीत उनके लिए ऐसा खुशी का पल था, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि परिवार को अचानक मिली इस खबर ने भावुक कर दिया। उन्हें उम्मीद थी कि सबा अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन इस तरह की ऐतिहासिक सफलता की खबर ने सभी को चौंका दिया।
समुदाय के प्रोत्साहन से राजनीति में आईं सबा
सबा हैदर के पिता के मुताबिक, उनकी बेटी का शुरुआत में राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था। अमेरिका जाने के बाद जब वह वहां के स्थानीय समुदाय से जुड़ीं, तो लोगों ने उन्हें सामाजिक जरूरतों और समस्याओं को समझने के लिए प्रेरित किया। समुदाय के लोगों ने उन्हें चुनाव लड़ने और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
सैयद अली हैदर ने बताया कि समुदाय के लोगों का समर्थन और प्रोत्साहन मिलने के बाद सबा ने राजनीति में आने का फैसला किया। उनका उद्देश्य समाज की जरूरतों को पूरा करना और लोगों की समस्याओं को राजनीतिक मंच पर उठाना था।
परिवार के लिए यह फैसला एक नया अनुभव था। राजनीति में आने से पहले सबा ने अपने जीवन में अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया था। लेकिन समुदाय से जुड़ने के बाद उन्हें लगा कि वह सार्वजनिक प्रतिनिधि के रूप में लोगों के लिए अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं।
शिक्षा को लेकर परिवार ने नहीं किया समझौता
सबा हैदर की सफलता पर उनके पिता ने शिक्षा को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि परिवार ने बच्चों की पढ़ाई के मामले में कभी समझौता नहीं किया। शिक्षा को बेहतर भविष्य की नींव मानते हुए उन्होंने हमेशा सबा को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सैयद अली हैदर के मुताबिक, परिवार का मानना था कि अच्छी शिक्षा व्यक्ति को आत्मविश्वास देती है और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर पैदा करती है। सबा की राजनीतिक सफलता के पीछे उनकी मेहनत, शिक्षा और सामाजिक जुड़ाव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
VIDEO | Ghaziabad: India-born Democrat Saba Haider won a seat in the Illinois House of Representatives, becoming the first South Asian woman to be elected to the state’s General Assembly in a historic outcome in the November 3 US mid-term elections. Expressing pride, Saba’s father, Syed Ali Haider said, "We stayed awake almost the entire night. Her phone call came at 6.30 am, and it brought us immense joy, something we cannot express in words. We were taken aback all of a sudden. You see, she initially had no intention of getting into politics. After moving there, when she connected with the community, and the community motivated and encouraged her, she took that step and decided to enter politics to fulfill the needs of the society there. We made no compromises when it came to education." Haider defeated Republican Brian Scopa in the 84th District, securing 70.9 per cent, against Scopa’s 29.1 per cent. (Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) November 6, 2026
रिपब्लिकन उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया
इलिनॉय के 84वें हाउस डिस्ट्रिक्ट में हुए चुनाव में सबा हैदर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार ब्रायन स्कोपा को हराया। चुनाव परिणामों के अनुसार, सबा को कुल 70.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि स्कोपा के पक्ष में 29.1 प्रतिशत मत पड़े।
इस तरह सबा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को बड़े अंतर से पीछे छोड़ते हुए प्रतिनिधि सभा में जगह बनाई। उनकी जीत को भारतीय मूल के लोगों के लिए अमेरिकी राजनीति में बढ़ते प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सबा हैदर की सफलता केवल एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि यह उस समुदाय के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला परिणाम है, जो अमेरिकी राजनीतिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी और आवाज को मजबूत करना चाहता है।
इलिनॉय की प्रतिनिधि सभा में पहुंचकर सबा हैदर अब अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और जरूरतों को राजनीतिक मंच पर उठाने की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके पिता को उम्मीद है कि बेटी अपनी नई भूमिका में समाज की बेहतरी के लिए काम करेगी और लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।
सबा हैदर की यह जीत भारतीय मूल की महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। उनकी राजनीतिक यात्रा यह दिखाती है कि शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव और समुदाय का समर्थन किसी व्यक्ति को सार्वजनिक जीवन में नई पहचान दिला सकता है।

