23 अगस्त को बेंगलुरु में होगा वक़्फ़ क़ानून के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध सम्मेलन
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो,बेंगलुरु
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेतृत्व में “वक़्फ़ संशोधन कानून 2025” के खिलाफ चलाए जा रहे “वक़्फ़ बचाओ, संविधान बचाओ आंदोलन” के अंतर्गत कर्नाटक राज्य समिति की एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक दिनांक 10 जुलाई 2025 को बृहस्पतिवार के दिन दारुल उलूम सबीलुर्रशाद, बेंगलुरु में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आंदोलन के राज्य संयोजक व कर्नाटक के अमीर-ए-शरीअत मौलाना सगीर अहमद खान रशादी ने की।
बैठक में राज्य समिति के ज़िम्मेदार पदाधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न उप-समितियों के संयोजक और सह-संयोजक भी उपस्थित रहे। इसमें आंदोलन के अंतर्गत अब तक की गई गतिविधियों का विस्तृत समीक्षा-विश्लेषण प्रस्तुत किया गया और हर उप-समिति ने अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट पेश की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य भर के विभिन्न ज़िलों में अब तक कई प्रभावशाली कार्यक्रम किए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- काली पट्टी अभियान
- “बत्ती गुल” आंदोलन
- ज़िलास्तरीय विरोध रैलियाँ व जनसभाएँ
- राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने हेतु लगभग सभी ज़िलों के डीसी कार्यालयों का दौरा
- गैर-मुस्लिम भाईयों के साथ संवाद (राउंड टेबल बैठकें)
- प्रभावशाली प्रेस कॉन्फ्रेंस
- उलेमा के विशेष परामर्श सत्र
- मस्जिद फेडरेशनों की बैठकें
- महिलाओं के अलग कार्यक्रम
- “ह्यूमन चेन” के रूप में मौन विरोध प्रदर्शन
- सोशल मीडिया पर संगठित अभियान व हैशटैग ट्रेंडिंग
बैठक में इन सभी प्रयासों की सराहना की गई और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
23 अगस्त को होगा राज्यव्यापी विरोध सम्मेलन
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बारिश के कारण टल चुका राज्यस्तरीय प्रतिनिधि विरोध सम्मेलन अब 23 अगस्त 2025, शनिवार को बैंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इसमें कर्नाटक के सभी ज़िलों से प्रतिनिधि और मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। इस आयोजन के माध्यम से वक़्फ़ संशोधन कानून 2025 के खिलाफ समुदाय का संगठित और शांतिपूर्ण विरोध देश-दुनिया के सामने लाया जाएगा। इस अवसर पर बोर्ड के राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति भी रहेगी।
महिलाओं का प्रतिनिधि सम्मेलन — 21 अगस्त को
इसके अतिरिक्त, 21 अगस्त (गुरुवार) को ईदगाह क़ुद्दूस साहब, बेंगलुरु में महिलाओं का एक विशेष प्रतिनिधि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें शहर की बड़ी संख्या में महिलाएँ भाग लेंगी।
आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने की अपील
बैठक में ज़ोर दिया गया कि राज्य के विभिन्न ज़िलों में जो विरोध और जनजागरूकता मुहिम चल रही है, वह बिना किसी व्यवधान के जारी रहनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर सभी ज़िम्मेदार व्यक्ति अपनी तैयारियों को और अधिक मज़बूत करें, ताकि आगामी राज्यस्तरीय कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें।
बैठक में यह सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि वक़्फ़ संशोधन कानून के खिलाफ यह आंदोलन पूर्णतः संवैधानिक, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संगठित रूप में चलाया जाएगा, और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा कि वह इस संविधान-विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी कानून को वापस ले।
जनता से व्यापक भागीदारी की अपील
बैठक के अंत में राज्य के उलेमा, जनता, मस्जिद कमेटियों, संगठनों, और युवाओं से अपील की गई कि 23 अगस्त को आयोजित होने वाले राज्यव्यापी विरोध सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें, और वक़्फ़ संपत्तियों की हिफ़ाज़त को एक मिली ज़िम्मेदारी समझते हुए इसमें सक्रिय भूमिका निभाएँ। साथ ही, महिलाओं से आग्रह किया गया कि वे 21 अगस्त के विशेष सम्मेलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें।
बैठक में प्रमुख हस्तियों की भागीदारी
इस महत्त्वपूर्ण बैठक में राज्य के कई प्रमुख धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक नेताओं ने भाग लिया और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें प्रमुख हैं:

और अन्य कई प्रमुख शख्सियतें मौजूद रहीं।
- मुफ़्ती इफ्तिख़ार अहमद क़ासमी (अध्यक्ष, जमीयत उलमा कर्नाटक एवं बोर्ड सदस्य)
- मुफ़्ती डॉ. मोहम्मद मक़सूद इमरान रशादी (इमाम व ख़तीब, जामा मस्जिद, सिटी बेंगलुरु)
- डॉ. सआद बलगामी (अमीर, जमाअत-ए-इस्लामी, कर्नाटक)
- मौलाना एजाज़ अहमद नदवी (ख़तीब, मस्जिद चारमीनार अहले-हदीस, बेंगलुरु)
- जनाब आसिम सेठ अफ़रोज़ (बोर्ड सदस्य)
- जनाब सुलैमान ख़ान (सहायक महासचिव, ऑल इंडिया मिली काउंसिल)
- मौलाना अब्दुर रहीम रशिदी (अध्यक्ष, जमीयत उलमा कर्नाटक)
- जनाब मोहम्मद यूसुफ़ कनी (सचिव, जमाअत-ए-इस्लामी, कर्नाटक)
- मौलाना नौशाद आलम क़ासमी (अध्यक्ष, मिली काउंसिल कर्नाटक)
- जनाब सैयद शफ़िउल्लाह, जनाब तफ़हीमुल्लाह मआरूफ़, जनाब सैयद सरदार, जनाब मोहम्मद फ़रक़ान (निदेशक, केंद्र-ए-तहफ़्फ़ुज़-ए-इस्लाम हिन्द)

