नागपुर में मुस्लिम बुजुर्गों की अनोखी मुहिम, तपती धूप में संवार रहे बच्चों का भविष्य
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नागपुर महाराष्ट्र
आसमान से बरसती आग और झुलसाने वाली गर्मी भी हौसलों को डिगा नहीं पा रही है। जब पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा हो और लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हों, तब नागपुर के कुछ मुस्लिम बुजुर्ग एक अलग ही मिशन पर निकले हैं। वे गांवों और कस्बों की खाक छान रहे हैं। उनका मकसद सिर्फ एक है, अपनी कौम के बच्चों को सही राह दिखाना और उनका भविष्य संवारना।
दिलचस्प बात यह है कि अभी मुसलमानों का बड़ा त्योहार बकरीद बीते महज दो दिन ही हुए हैं। त्योहार की थकान और मेहमाननवाजी को पीछे छोड़कर ये बुजुर्ग मैदान में डटे हैं। वे मुस्लिम छात्र-छात्राओं की करियर काउंसलिंग कर रहे हैं। युवाओं को आईआईटी और जेईई जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं के लिए न केवल तैयार कर रहे हैं, बल्कि उनके लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था भी कर रहे हैं।

गांवों में पहुंच रही नागपुर सेवा टीम
अक्सर देखा जाता है कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा के बाद बच्चे उलझन में पड़ जाते हैं। उनका कोई तय लक्ष्य नहीं होता। वे समझ नहीं पाते कि कौन सा विषय चुनें और किस क्षेत्र में आगे बढ़ें। ऐसे समय में बच्चों को सही मार्गदर्शन यानी रहबरी की सख्त जरूरत होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए ‘नागपुर सेवा टीम’ लगातार काम कर रही है। यह टीम रिजल्ट आते ही एक्टिव हो जाती है और जगह-जगह गाइडेंस सेंटर बनाती है।
अब इस मुहिम का असर ग्रामीण इलाकों में भी दिखने लगा है। आसपास के देहातों से बच्चों और उनके माता-पिता के फोन लगातार आ रहे हैं। इसी सिलसिले में शनिवार 30 मई 2026 को टीम ने नागपुर के पास स्थित बोखारा और चक्की खाप जैसे ग्रामीण इलाकों का दौरा किया। वहां पहुंचकर जरूरतमंद बच्चों की काउंसलिंग की गई। वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) से रिटायर हुए गुलाम कादिर इस मुहिम में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। वे खुद बच्चों के बीच बैठकर उनकी उलझनों को दूर कर रहे हैं।
होनहार बच्चों का सम्मान और आगे की राह

इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए रविवार 31 मई 2026 को एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अलनूर एकेडमी नागपुर और शाहीन एकेडमी बीदर की तरफ से सम्मान समारोह रखा गया। इसमें 10वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक नंबर लाने वाले होनहार छात्र-छात्राओं का इस्तकबाल किया गया।

समारोह में बच्चों को मोमेंटो और सर्टिफिकेट दिए गए। बुजुर्गों ने बच्चों की पीठ थपथपाई और उन्हें अपनी मनपसंद फील्ड में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट किया। इस आयोजन का मकसद बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को जगाना और उनका आत्मविश्वास बढ़ाना था ताकि वे बड़े सपने देख सकें।
बीदर की अनुभवी फैकल्टी देगी मुफ्त कोचिंग

बच्चों के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए अलनूर एकेडमी और शाहीन एकेडमी ने हाथ मिलाया है। नागपुर में आगामी 8 जून से जेईई (JEE), नीट (NEET) और सीए (CA) जैसे बड़े कोर्सेज के लिए स्पेशल कोचिंग क्लासेस शुरू होने जा रही हैं। सबसे खास बात यह है कि इन बच्चों को पढ़ाने के लिए बीदर से बेहद अनुभवी और तजुर्बेकार फैकल्टी को नागपुर बुलाया गया है। यह उन बच्चों के लिए एक बड़ा मौका है जो आर्थिक तंगी की वजह से महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते।
नागपुर के लोग बुजुर्गों की इस फिक्र और कोशिश की जमकर तारीफ कर रहे हैं। हर कोई दिल से दुआ कर रहा है कि अलनूर एकेडमी के जिम्मेदार लोगों की यह मेहनत रंग लाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि नागपुर और उसके आसपास के गांवों के बच्चे इस बेहतरीन मौके का फायदा उठाएंगे। वे पढ़-लिखकर अच्छे पदों पर पहुंचेंगे और समाज व देश का नाम रोशन करेंगे। बुजुर्गों की यह टोली आज के दौर में नई नस्ल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।


