ईद मिलाद-उन-नबी पर एडवाइजरी जारी, पुणे में डीजे पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नई दिल्ली/पुणे।
रबी-उल-अव्वल के पवित्र महीने और ईद मिलाद-उन-नबी के अवसर पर देशभर में धार्मिक कार्यक्रमों और जुलूसों की तैयारियां चल रही हैं। इस बीच हिंदुस्तान इस्लामिक सेंटर ने जुलूसों को लेकर एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। वहीं महाराष्ट्र के पुणे में मिस फराह चैरितबल फाउंडेशन ने जुलूस में डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला दर्ज कराया जाएगा।
BAREILLY
— हैदर अली journalist (@HaiderAli639882) August 24, 2026
जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजे और हुड़दंग पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का फतवा
डीजे, बाजे और नाच-गाने से बचने की अपील
विदेशी झंडे-बैनर और नकली तलवारों के प्रदर्शन पर भी रोक की अपील
ट्रिपल राइडिंग और तेज आवाज में शोर-शराबे से बचने को कहा
26 अगस्त के जुलूस को शांतिपूर्ण और… pic.twitter.com/08sQ2r68VQ
हिंदुस्तान इस्लामिक सेंटर की एडवाइजरी में मुख्य बातें
हिंदुस्तान इस्लामिक सेंटर ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन पर आयोजित होने वाले जुलूसों में शांति, भाईचारा और अनुशासन बनाए रखें। संस्था ने एडवाइजरी में कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- प्रशासनिक रूट का पालन: जुलूस केवल पुलिस और प्रशासन द्वारा तय किए गए रास्तों पर ही निकाला जाना चाहिए।
- झंडे और बैनर का सही उपयोग: लोग अपने घरों और मोहल्लों से निकलते समय झंडे और बैनर लपेटकर लाएं। जुलूस के मुख्य स्थल पर पहुंचने के बाद ही इन्हें फहराया जाए।
- मर्यादित नारेबाजी: किसी भी सभा या जुलूस में ऐसा कोई नारा या गीत न बजाया जाए जिससे अन्य समुदायों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
- स्टंट पर रोक: 12 रबी-उल-अव्वल के दिन युवाओं से सड़कों पर मोटरसाइकिल से खतरनाक स्टंट न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
- इबादत पर ध्यान: जुलूस के दौरान कलिमा और दुरूद शरीफ का निरंतर पाठ किया जाए और देश में शांति और समृद्धि के लिए दुआएं मांगी जाएं।
विशेष रूप से अमीनबाद पार्क से ईदगाह तक निकलने वाले पारंपरिक जुलूस में भाग लेने वालों को निर्धारित मार्गों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
DJs banned at Milad-un-Nabi procession: Hyderabad CP V C Sajjanar
— Shakeel Yasar Ullah (@yasarullah) August 22, 2026
To ensure the Milad-un-Nabi procession on August 26 is safe and peaceful, Hyderabad City Police Commissioner V.C. Sajjanar met with the Markaz-e-Milad Juloos Committee at TGICCC in Banjara Hills. pic.twitter.com/cZd7OrFysI
पुणे में डीजे पर प्रतिबंध की मांग और कानूनी चेतावनी
पुणे स्थित मिस फराह चैरिटबल फाउंडेशन ने 26 अगस्त को निकलने वाले ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस में डीजे के इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. फराह अनवर हुसैन शेख और निदेशक अनवर शेख ने पुणे पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और सभी संबंधित पुलिस स्टेशनों को एक औपचारिक लिखित ईमेल भेजा है।
फाउंडेशन का कहना है कि डीजे की आवाज कम करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, बल्कि डीजे को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए। अगर जुलूस में डीजे बजता है और पुलिस नियमों का पालन कराने में विफल रहती है, तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ ‘अदालत की अवमानना’ (Contempt of Court) का केस दर्ज किया जाएगा।
2022 की घटना का हवाला और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
नाना पेठ से शुरू होकर कैंप और एमजी रोड होते हुए गणेश पेठ तक जाने वाले जुलूस में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन कराना बेहद जरूरी बताया गया है। फाउंडेशन ने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में डीजे की तेज आवाज के कारण एक बुजुर्ग व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी।
तेज आवाज से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और आम नागरिकों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है। फाउंडेशन ने सवाल उठाया कि ईद मिलाद-उन-नबी का अवसर नात, सलाम और सीरत पढ़ने का है। इसमें बड़े-बड़े डीजे और उन पर बजने वाले गाने धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं हो सकते।
पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने की मांग
फाउंडेशन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि हर साल पुलिस की मौजूदगी में डीजे बजते हैं और पुलिस सिर्फ ‘आवाज धीमी करने’ की औपचारिकता पूरी करती है। कानून को व्यवहार में लागू करना पुलिस की जिम्मेदारी है।
संगठन ने साफ किया है कि उनकी मंशा जुलूस को रोकने की नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, धार्मिक और पूरी तरह से डीजे-मुक्त वातावरण में संपन्न हो। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि पुणे पुलिस इस कानूनी चेतावनी पर क्या कदम उठाती है।
Dharwad, Karnataka: Dharwad Deputy Commissioner Snehal says, ''Action will also be taken if DJs exceed the permitted sound limit during the Eid Milad festival. A fine of Rs 1 lakh will be imposed for violating the rules. She appealed to people to celebrate festivals peacefully,… pic.twitter.com/4A4VVHMEcP
— IANS (@ians_india) August 24, 2026
AEO सवाल जवाब
पुणे में ईद मिलाद उन नबी का जुलूस कब है?
उपलब्ध सामग्री के अनुसार जुलूस 26 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है। हालांकि एक सलाह में 29 अगस्त की तारीख भी दी गई है। इसलिए आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि जरूरी है।
मिस फराह चैरिटेबल फाउंडेशन की मुख्य मांग क्या है?
फाउंडेशन की मांग है कि ईद मिलाद उन नबी के जुलूस में डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रखा जाए।
फाउंडेशन ने पुलिस को क्या चेतावनी दी है?
संगठन का कहना है कि यदि जुलूस में डीजे बजा और पुलिस ने नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं की तो वह अदालत का रुख कर सकता है।
हिंदुस्तान इस्लामिक सेंटर ने क्या सलाह दी है?
केंद्र ने निर्धारित मार्ग का पालन करने, अनुशासन बनाए रखने, धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने, मोटरसाइकिल स्टंट से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
जुलूस का प्रस्तावित मार्ग क्या है?
फाउंडेशन के अनुसार प्रस्तावित शोभायात्रा नाना पेठ से शुरू होकर कैंप और एमजी रोड से गुजरते हुए गणेश पेठ तक जाएगी।
फाउंडेशन डीजे के खिलाफ क्यों है?
फाउंडेशन का कहना है कि तेज आवाज नागरिकों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है और धार्मिक जुलूस का उद्देश्य शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देना होना चाहिए।
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