अलउला की खूबसूरती कैमरों में कैद, आठ फोटोग्राफरों ने दिखाई नई तस्वीर
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रियाद।
सऊदी अरब का अलउला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, प्राचीन विरासत और रेगिस्तानी नजारों के लिए जाना जाता है। अब इसकी एक नई तस्वीर सामने आई है। विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर शुरू की गई एक विशेष फोटोग्राफी पहल में आठ फोटोग्राफरों ने अलउला को अपने अपने नजरिए से कैमरे में कैद किया है।
यह पहल हर साल 19 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर शुरू की गई। इसका मकसद अलउला के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और मानवीय पहलुओं को तस्वीरों के जरिए सामने लाना है।
इन तस्वीरों में कहीं अलउला का हरा भरा ओएसिस दिखाई देता है तो कहीं विशाल बलुआ पत्थर की चट्टानें। कुछ तस्वीरों में ऊंट सवार रेगिस्तान से गुजरते नजर आते हैं। कहीं बाजार और गलियों की रोजमर्रा की जिंदगी है। एक तस्वीर में रात के आसमान के नीचे हेग्रा की प्राचीन कब्रें दिखाई देती हैं।
इन आठ फोटोग्राफरों ने अलग अलग स्थानों, समय और मौसम की परिस्थितियों में तस्वीरें खींचीं। नतीजा अलउला की ऐसी दृश्य यात्रा के रूप में सामने आया है, जिसमें केवल प्राकृतिक सुंदरता नहीं बल्कि वहां की संस्कृति और लोगों की जिंदगी भी दिखाई देती है।

अलउला को छोटे फ्रेम में देखने का नजरिया
सऊदी फोटोग्राफर एथर अलरुवैली की तस्वीर का शीर्षक है ‘AlUla Through a Smaller Frame’।
एथर अलरुवैली का अलउला से लगाव उनकी तस्वीरों में साफ नजर आता है। उनके इंस्टाग्राम बायो में अलउला की ऐतिहासिक विरासत और खूबसूरती का जिक्र है।
इस तस्वीर में उन्होंने अलउला ओएसिस की एक अलग झलक पेश की। उन्होंने बलुआ पत्थर की चट्टानों के बीच मौजूद एक संकरे अंतराल से कैमरा लगाया। इस छोटे से फ्रेम के भीतर हरी वनस्पति और विशिष्ट चट्टानी संरचनाएं दोनों दिखाई देती हैं।
तस्वीर का खास पहलू यह है कि इसमें अलउला का पूरा दृश्य नहीं दिखता। दृश्य का एक छोटा हिस्सा ही कैमरे में आता है। फिर भी उसकी खूबसूरती कम नहीं होती।
तस्वीर से जुड़े विवरण में कहा गया है कि एथर के लिए अलउला को अपनी पहचान बनाने के लिए पूरे फ्रेम में दिखाई देना जरूरी नहीं है। सीमित दृश्य में भी इस जगह की सुंदरता सामने आ जाती है।
‘Tradition in Motion’ में दिखी रेगिस्तानी परंपरा
फोटोग्राफर अब्दुलरहमान अलबलावी ने अपनी तस्वीर को ‘Tradition in Motion’ नाम दिया है।
अलउला की चर्चा अक्सर उसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण होती है। ऊंची चट्टानें, रेगिस्तान और हरे भरे इलाके इसकी तस्वीरों में प्रमुखता से दिखाई देते हैं। लेकिन अलउला केवल प्राकृतिक दृश्यों का नाम नहीं है। यहां सदियों पुरानी संस्कृति और समुदाय की मौजूदगी भी है।
अब्दुलरहमान अलबलावी की तस्वीर इसी पहलू को सामने लाती है।
तस्वीर में ऊंट सवार रेगिस्तान से गुजर रहे हैं। सूर्य की हल्की सुनहरी रोशनी में उठती धूल ने पूरे दृश्य को एक अलग प्रभाव दिया है। ऊंट, सवार और आसपास का रेगिस्तानी इलाका एक ही फ्रेम में दिखाई देता है।
तस्वीर से जुड़े विवरण के अनुसार, फोटोग्राफर ऐसे क्षण को कैमरे में कैद करना चाहते थे, जहां अलउला का प्राकृतिक परिवेश और उसकी सांस्कृतिक परंपराएं एक साथ दिखाई दें।
यह तस्वीर बताती है कि अलउला की पहचान केवल उसकी चट्टानों और घाटियों से नहीं बनती। वहां की परंपराएं भी इस जगह की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

गलियों में दिखी अलउला की रोजमर्रा की जिंदगी
इंग्लैंड के पुरस्कार विजेता फोटोग्राफर निक जैक्सन ने अलउला को एक अलग नजरिए से देखा।
उनकी तस्वीर का शीर्षक है ‘Where the Streets Tell Their Own Story’।
जैक्सन अपना काफी समय अलउला में बिताते हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस के लिए उन्होंने अलउला के प्राकृतिक दृश्यों के बजाय वहां की गलियों और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर ध्यान दिया।
उनकी तस्वीर में मिट्टी से बनी इमारतें और दूर दिखाई देते पहाड़ नजर आते हैं। इसके बीच लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त हैं।
तस्वीर में रंगीन कपड़े, बाजार की दुकानें, छायादार जगहों पर बैठे लोग और आपस में बातचीत करते लोग दिखाई देते हैं।
यहां किसी एक प्रसिद्ध स्थल को तस्वीर का केंद्र नहीं बनाया गया। इसके बजाय पूरी गली को एक कहानी की तरह पेश किया गया है।
वास्तुकला, पहाड़, बाजार और लोगों की गतिविधियां एक ही फ्रेम में साथ दिखाई देती हैं। यही इस तस्वीर को अलउला की दूसरी तस्वीरों से अलग बनाता है।
बादलों के बीच अशर घाटी का दृश्य
फोटोग्राफर अब्दुलअजीज अलबलावी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Aziz AlUla’ के नाम से जाना जाता है, ने ‘When the Clouds Descend on Ashar’ शीर्षक से तस्वीर पेश की।
अलबलावी ने 2024 में Conde Nast Traveller से बातचीत में अलउला को एक ‘open studio’ बताया था। उनका कहना था कि उन्हें यहां हर जगह प्रेरणा मिलती है। कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें शब्दों में कहना मुश्किल होता है। कैमरे के जरिए उन्हें दिखाया जा सकता है।
उनकी इस तस्वीर में अशर घाटी का दृश्य ऊपर से दिखाई देता है।
तस्वीर उस समय ली गई जब निचले बादल बलुआ पत्थर के पहाड़ों के बीच से गुजर रहे थे। बादल कभी नीचे के इलाके को छिपा देते और फिर अचानक दृश्य सामने आ जाता।
इस बदलते मौसम ने अलउला के परिदृश्य को कुछ समय के लिए पूरी तरह बदल दिया।
तस्वीर से जुड़े विवरण में कहा गया है कि यह ऐसा क्षण था जब समय जैसे ठहर गया था। विशाल चट्टानी पहाड़ों और बादलों के बीच बदलता दृश्य फोटोग्राफर के लिए केवल प्राकृतिक नजारा नहीं था। यह अलउला के किसी छिपे हुए रहस्य के अचानक सामने आने जैसा अनुभव था।

तारों भरी रात में हेग्रा की कहानी
फोटोग्राफर अब्दुलमजीद अलबलावी ने अलउला की प्राचीन विरासत को रात के दृश्य के साथ जोड़ा है।
उनकी तस्वीर का शीर्षक है ‘A Story Beneath the Stars’।
इस तस्वीर में रात के समय हेग्रा के प्राचीन अवशेष दिखाई देते हैं। आसमान तारों से भरा है। सामने एक व्यक्ति लालटेन लेकर खड़ा है। पीछे रोशन की गई प्राचीन कब्र बलुआ पत्थर में उकेरे गए इतिहास की कहानी कहती दिखाई देती है।
तस्वीर में इंसान और इतिहास का एक शांत संबंध दिखाई देता है।
अब्दुलमजीद अलबलावी के लिए यह तस्वीर एक सरल विचार को सामने लाती है। अलउला के तारों भरे आसमान के नीचे इतिहास ऐसी कहानी सुनाता है, जो कभी खत्म नहीं होती।
रात के अंधेरे और प्राचीन विरासत के बीच रोशनी का इस्तेमाल तस्वीर को खास बनाता है। एक ओर हजारों साल पुरानी विरासत का संकेत है। दूसरी ओर हाथ में लालटेन लिए खड़ा व्यक्ति वर्तमान की मौजूदगी को दर्शाता है।
आठ फोटोग्राफरों ने दिखाई अलउला की अलग दुनिया
इस फोटोग्राफी पहल में शामिल तस्वीरों का दायरा काफी व्यापक है। अलउला ओएसिस की हरियाली से लेकर बलुआ पत्थर की विशाल संरचनाओं तक, तस्वीरें इस क्षेत्र के अलग अलग रूप सामने लाती हैं।
कहीं सूर्योदय और सूर्यास्त की रोशनी है। कहीं मौसम बदलने के साथ घाटियों का रूप बदलता दिखाई देता है। कहीं सदियों पुरानी परंपराएं हैं। कहीं बाजार और गलियों में चलती जिंदगी है। वहीं रात में तारों से भरे आसमान के नीचे प्राचीन विरासत स्थल दिखाई देते हैं।
इन तस्वीरों को अलग अलग समय और परिस्थितियों में लिया गया है। इसलिए हर फोटोग्राफर ने अलउला को अलग तरीके से देखा है।
यही इस पहल की सबसे खास बात है। अलउला को किसी एक तस्वीर या किसी एक पहचान तक सीमित नहीं किया गया है।

तस्वीरों में प्राकृतिक सुंदरता के साथ इंसानी कहानी
अलउला की तस्वीरें अक्सर उसकी चट्टानों, रेगिस्तान और प्राकृतिक दृश्यों के कारण लोगों का ध्यान खींचती हैं। इस पहल में प्राकृतिक सुंदरता के साथ इंसानी कहानी को भी बराबर जगह दी गई है।
ऊंट सवारों की तस्वीर में परंपरा दिखाई देती है। निक जैक्सन की तस्वीर में बाजार और गलियों की जिंदगी सामने आती है। एथर अलरुवैली के फ्रेम में प्रकृति और चट्टानों का मेल है। अशर घाटी की तस्वीर में मौसम और पहाड़ों का बदलता संबंध दिखाई देता है। हेग्रा की रात वाली तस्वीर में प्राचीन इतिहास और वर्तमान की मानवीय मौजूदगी एक साथ दिखाई देती है।
इस तरह तस्वीरों का यह संग्रह अलउला की विविधता को सामने लाता है।
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर अलउला की नई दृश्य यात्रा
19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर शुरू हुई यह पहल अलउला को कैमरे की नजर से देखने का एक नया मौका देती है।
आठ फोटोग्राफरों ने अपने अनुभव और नजरिए के आधार पर इस जगह को दर्ज किया। किसी ने चट्टानों के बीच छिपी हरियाली देखी। किसी ने रेगिस्तान में गुजरती परंपरा को कैमरे में उतारा। किसी ने गलियों में लोगों की जिंदगी देखी। किसी ने बादलों में बदलती घाटी को देखा। किसी ने तारों के नीचे हजारों साल पुराने इतिहास को तलाशा।
इन तस्वीरों को एक साथ देखने पर अलउला की एक विस्तृत तस्वीर सामने आती है। यह केवल रेगिस्तान और चट्टानों की जगह नहीं है। यह प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, परंपरा, मानव जीवन और प्राचीन विरासत के मेल से बनी एक अलग दुनिया है।
फोटोग्राफी की इस पहल ने अलउला को देखने का नजरिया भी बदला है। यहां की खूबसूरती केवल दूर से दिखाई देने वाले विशाल दृश्यों में नहीं है। वह एक छोटी दरार से दिखती हरियाली में भी है। बाजार की गली में भी है। ऊंटों के पीछे उठती धूल में भी है। बादलों के बीच छिपती घाटी में भी है और तारों के नीचे खड़ी प्राचीन कब्र में भी।
यही तस्वीरें अलउला की असली विविधता को सामने लाती हैं।

अलउला की खूबसूरती कैमरों में कैद, आठ फोटोग्राफरों ने दिखाई नई तस्वीर
रियाद। सऊदी अरब का अलउला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, प्राचीन विरासत और रेगिस्तानी नजारों के लिए जाना जाता है। अब इसकी एक नई तस्वीर सामने आई है। विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर शुरू की गई एक विशेष फोटोग्राफी पहल में आठ फोटोग्राफरों ने अलउला को अपने अपने नजरिए से कैमरे में कैद किया है।
यह पहल हर साल 19 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर शुरू की गई। इसका मकसद अलउला के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और मानवीय पहलुओं को तस्वीरों के जरिए सामने लाना है।
इन तस्वीरों में कहीं अलउला का हरा भरा ओएसिस दिखाई देता है तो कहीं विशाल बलुआ पत्थर की चट्टानें। कुछ तस्वीरों में ऊंट सवार रेगिस्तान से गुजरते नजर आते हैं। कहीं बाजार और गलियों की रोजमर्रा की जिंदगी है। एक तस्वीर में रात के आसमान के नीचे हेग्रा की प्राचीन कब्रें दिखाई देती हैं।
इन आठ फोटोग्राफरों ने अलग अलग स्थानों, समय और मौसम की परिस्थितियों में तस्वीरें खींचीं। नतीजा अलउला की ऐसी दृश्य यात्रा के रूप में सामने आया है, जिसमें केवल प्राकृतिक सुंदरता नहीं बल्कि वहां की संस्कृति और लोगों की जिंदगी भी दिखाई देती है।
अलउला को छोटे फ्रेम में देखने का नजरिया
सऊदी फोटोग्राफर एथर अलरुवैली की तस्वीर का शीर्षक है ‘AlUla Through a Smaller Frame’।
एथर अलरुवैली का अलउला से लगाव उनकी तस्वीरों में साफ नजर आता है। उनके इंस्टाग्राम बायो में अलउला की ऐतिहासिक विरासत और खूबसूरती का जिक्र है।
इस तस्वीर में उन्होंने अलउला ओएसिस की एक अलग झलक पेश की। उन्होंने बलुआ पत्थर की चट्टानों के बीच मौजूद एक संकरे अंतराल से कैमरा लगाया। इस छोटे से फ्रेम के भीतर हरी वनस्पति और विशिष्ट चट्टानी संरचनाएं दोनों दिखाई देती हैं।
तस्वीर का खास पहलू यह है कि इसमें अलउला का पूरा दृश्य नहीं दिखता। दृश्य का एक छोटा हिस्सा ही कैमरे में आता है। फिर भी उसकी खूबसूरती कम नहीं होती।
तस्वीर से जुड़े विवरण में कहा गया है कि एथर के लिए अलउला को अपनी पहचान बनाने के लिए पूरे फ्रेम में दिखाई देना जरूरी नहीं है। सीमित दृश्य में भी इस जगह की सुंदरता सामने आ जाती है।
‘Tradition in Motion’ में दिखी रेगिस्तानी परंपरा
फोटोग्राफर अब्दुलरहमान अलबलावी ने अपनी तस्वीर को ‘Tradition in Motion’ नाम दिया है।
अलउला की चर्चा अक्सर उसकी प्राकृतिक सुंदरता के कारण होती है। ऊंची चट्टानें, रेगिस्तान और हरे भरे इलाके इसकी तस्वीरों में प्रमुखता से दिखाई देते हैं। लेकिन अलउला केवल प्राकृतिक दृश्यों का नाम नहीं है। यहां सदियों पुरानी संस्कृति और समुदाय की मौजूदगी भी है।
अब्दुलरहमान अलबलावी की तस्वीर इसी पहलू को सामने लाती है।
तस्वीर में ऊंट सवार रेगिस्तान से गुजर रहे हैं। सूर्य की हल्की सुनहरी रोशनी में उठती धूल ने पूरे दृश्य को एक अलग प्रभाव दिया है। ऊंट, सवार और आसपास का रेगिस्तानी इलाका एक ही फ्रेम में दिखाई देता है।
तस्वीर से जुड़े विवरण के अनुसार, फोटोग्राफर ऐसे क्षण को कैमरे में कैद करना चाहते थे, जहां अलउला का प्राकृतिक परिवेश और उसकी सांस्कृतिक परंपराएं एक साथ दिखाई दें।
यह तस्वीर बताती है कि अलउला की पहचान केवल उसकी चट्टानों और घाटियों से नहीं बनती। वहां की परंपराएं भी इस जगह की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
गलियों में दिखी अलउला की रोजमर्रा की जिंदगी
इंग्लैंड के पुरस्कार विजेता फोटोग्राफर निक जैक्सन ने अलउला को एक अलग नजरिए से देखा।
उनकी तस्वीर का शीर्षक है ‘Where the Streets Tell Their Own Story’।
जैक्सन अपना काफी समय अलउला में बिताते हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस के लिए उन्होंने अलउला के प्राकृतिक दृश्यों के बजाय वहां की गलियों और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर ध्यान दिया।
उनकी तस्वीर में मिट्टी से बनी इमारतें और दूर दिखाई देते पहाड़ नजर आते हैं। इसके बीच लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त हैं।
तस्वीर में रंगीन कपड़े, बाजार की दुकानें, छायादार जगहों पर बैठे लोग और आपस में बातचीत करते लोग दिखाई देते हैं।
यहां किसी एक प्रसिद्ध स्थल को तस्वीर का केंद्र नहीं बनाया गया। इसके बजाय पूरी गली को एक कहानी की तरह पेश किया गया है।
वास्तुकला, पहाड़, बाजार और लोगों की गतिविधियां एक ही फ्रेम में साथ दिखाई देती हैं। यही इस तस्वीर को अलउला की दूसरी तस्वीरों से अलग बनाता है।
बादलों के बीच अशर घाटी का दृश्य
फोटोग्राफर अब्दुलअजीज अलबलावी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘Aziz AlUla’ के नाम से जाना जाता है, ने ‘When the Clouds Descend on Ashar’ शीर्षक से तस्वीर पेश की।
अलबलावी ने 2024 में Conde Nast Traveller से बातचीत में अलउला को एक ‘open studio’ बताया था। उनका कहना था कि उन्हें यहां हर जगह प्रेरणा मिलती है। कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें शब्दों में कहना मुश्किल होता है। कैमरे के जरिए उन्हें दिखाया जा सकता है।
उनकी इस तस्वीर में अशर घाटी का दृश्य ऊपर से दिखाई देता है।
तस्वीर उस समय ली गई जब निचले बादल बलुआ पत्थर के पहाड़ों के बीच से गुजर रहे थे। बादल कभी नीचे के इलाके को छिपा देते और फिर अचानक दृश्य सामने आ जाता।
इस बदलते मौसम ने अलउला के परिदृश्य को कुछ समय के लिए पूरी तरह बदल दिया।
तस्वीर से जुड़े विवरण में कहा गया है कि यह ऐसा क्षण था जब समय जैसे ठहर गया था। विशाल चट्टानी पहाड़ों और बादलों के बीच बदलता दृश्य फोटोग्राफर के लिए केवल प्राकृतिक नजारा नहीं था। यह अलउला के किसी छिपे हुए रहस्य के अचानक सामने आने जैसा अनुभव था।
तारों भरी रात में हेग्रा की कहानी
फोटोग्राफर अब्दुलमजीद अलबलावी ने अलउला की प्राचीन विरासत को रात के दृश्य के साथ जोड़ा है।
उनकी तस्वीर का शीर्षक है ‘A Story Beneath the Stars’।
इस तस्वीर में रात के समय हेग्रा के प्राचीन अवशेष दिखाई देते हैं। आसमान तारों से भरा है। सामने एक व्यक्ति लालटेन लेकर खड़ा है। पीछे रोशन की गई प्राचीन कब्र बलुआ पत्थर में उकेरे गए इतिहास की कहानी कहती दिखाई देती है।
तस्वीर में इंसान और इतिहास का एक शांत संबंध दिखाई देता है।
अब्दुलमजीद अलबलावी के लिए यह तस्वीर एक सरल विचार को सामने लाती है। अलउला के तारों भरे आसमान के नीचे इतिहास ऐसी कहानी सुनाता है, जो कभी खत्म नहीं होती।
रात के अंधेरे और प्राचीन विरासत के बीच रोशनी का इस्तेमाल तस्वीर को खास बनाता है। एक ओर हजारों साल पुरानी विरासत का संकेत है। दूसरी ओर हाथ में लालटेन लिए खड़ा व्यक्ति वर्तमान की मौजूदगी को दर्शाता है।
आठ फोटोग्राफरों ने दिखाई अलउला की अलग दुनिया
इस फोटोग्राफी पहल में शामिल तस्वीरों का दायरा काफी व्यापक है। अलउला ओएसिस की हरियाली से लेकर बलुआ पत्थर की विशाल संरचनाओं तक, तस्वीरें इस क्षेत्र के अलग अलग रूप सामने लाती हैं।
कहीं सूर्योदय और सूर्यास्त की रोशनी है। कहीं मौसम बदलने के साथ घाटियों का रूप बदलता दिखाई देता है। कहीं सदियों पुरानी परंपराएं हैं। कहीं बाजार और गलियों में चलती जिंदगी है। वहीं रात में तारों से भरे आसमान के नीचे प्राचीन विरासत स्थल दिखाई देते हैं।
इन तस्वीरों को अलग अलग समय और परिस्थितियों में लिया गया है। इसलिए हर फोटोग्राफर ने अलउला को अलग तरीके से देखा है।
यही इस पहल की सबसे खास बात है। अलउला को किसी एक तस्वीर या किसी एक पहचान तक सीमित नहीं किया गया है।
तस्वीरों में प्राकृतिक सुंदरता के साथ इंसानी कहानी
अलउला की तस्वीरें अक्सर उसकी चट्टानों, रेगिस्तान और प्राकृतिक दृश्यों के कारण लोगों का ध्यान खींचती हैं। इस पहल में प्राकृतिक सुंदरता के साथ इंसानी कहानी को भी बराबर जगह दी गई है।
ऊंट सवारों की तस्वीर में परंपरा दिखाई देती है। निक जैक्सन की तस्वीर में बाजार और गलियों की जिंदगी सामने आती है। एथर अलरुवैली के फ्रेम में प्रकृति और चट्टानों का मेल है। अशर घाटी की तस्वीर में मौसम और पहाड़ों का बदलता संबंध दिखाई देता है। हेग्रा की रात वाली तस्वीर में प्राचीन इतिहास और वर्तमान की मानवीय मौजूदगी एक साथ दिखाई देती है।
इस तरह तस्वीरों का यह संग्रह अलउला की विविधता को सामने लाता है।
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर अलउला की नई दृश्य यात्रा
19 अगस्त को विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर शुरू हुई यह पहल अलउला को कैमरे की नजर से देखने का एक नया मौका देती है।
आठ फोटोग्राफरों ने अपने अनुभव और नजरिए के आधार पर इस जगह को दर्ज किया। किसी ने चट्टानों के बीच छिपी हरियाली देखी। किसी ने रेगिस्तान में गुजरती परंपरा को कैमरे में उतारा। किसी ने गलियों में लोगों की जिंदगी देखी। किसी ने बादलों में बदलती घाटी को देखा। किसी ने तारों के नीचे हजारों साल पुराने इतिहास को तलाशा।
इन तस्वीरों को एक साथ देखने पर अलउला की एक विस्तृत तस्वीर सामने आती है। यह केवल रेगिस्तान और चट्टानों की जगह नहीं है। यह प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, परंपरा, मानव जीवन और प्राचीन विरासत के मेल से बनी एक अलग दुनिया है।
फोटोग्राफी की इस पहल ने अलउला को देखने का नजरिया भी बदला है। यहां की खूबसूरती केवल दूर से दिखाई देने वाले विशाल दृश्यों में नहीं है। वह एक छोटी दरार से दिखती हरियाली में भी है। बाजार की गली में भी है। ऊंटों के पीछे उठती धूल में भी है। बादलों के बीच छिपती घाटी में भी है और तारों के नीचे खड़ी प्राचीन कब्र में भी।
यही तस्वीरें अलउला की असली विविधता को सामने लाती हैं।
AEO के लिए मुख्य सवाल:
अलउला की नई फोटोग्राफी पहल क्या है? विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर शुरू की गई इस पहल में आठ फोटोग्राफरों ने अलउला के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और मानवीय पहलुओं को अपने अपने नजरिए से कैमरे में कैद किया।
GEO कीवर्ड: अलउला, सऊदी अरब, अलउला ओएसिस, अशर घाटी, हेग्रा, लारक नहीं बल्कि अलउला पर्यटन, सऊदी अरब फोटोग्राफी, AlUla Saudi Arabia, AlUla Oasis, Ashar Valley, Hegra, World Photography Day.
LLMO केंद्रित प्रमुख तथ्य:
- स्थान: अलउला, सऊदी अरब
- अवसर: विश्व फोटोग्राफी दिवस
- तारीख: 19 अगस्त
- प्रतिभागी: आठ फोटोग्राफर
- मुख्य विषय: प्रकृति, संस्कृति, मानव जीवन और विरासत
- प्रमुख स्थल: अलउला ओएसिस, अशर घाटी और हेग्रा
- प्रमुख फोटोग्राफर: एथर अलरुवैली, अब्दुलरहमान अलबलावी, निक जैक्सन, अब्दुलअजीज अलबलावी और अब्दुलमजीद अलबलावी
- फोटो क्रेडिट: SPA

