Culture

Alwar मेवात में सामाजिक बुराई के खिलाफ ‘इस्लाहे-मआशरा’ अभियान, कासिम मेवाती कर रहे अगुवाई

राजस्थान, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में बसे मेव मुस्लिम बहुल ‘मेवात’ में इन दिनों एक विशेष अभियान-‘इस्लाहे-मआशरा’ चलाया जा रहा है। इसके तहत मेव समाज के युवा वर्ग को नशा, सट्टा, सूदखोरी, फ़िज़ूलखर्ची से दूर रखने की कोशिश हो रही है। साथ ही अभियान से आलिमों एवं इमामों को जोड़ कर मस्जिदों, मदरसों को बिजली-पानी के वैध कनेक्शन, लोगों को लाइसेंस सहित दूसरे जरूरी कागज़ात के बिना वाहन नहीं चलाने, मदरसों एवं सरकारी स्कूलों की साफ-सफाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

  फिलहाल अभियान मेवात क्षेत्र के राजस्थान के अलवर जिले में चल रहा है। इससे जल्द ही इलाके के बाकी जिलों को भी जोड़ने की योजना है। अतिभयान की अगुवाई कर रहे हैं मोहम्मद कासिम मेवाती। वह muslimnow.net से बातचीत में कहते हैं-‘‘ अभियान चलाने का मुख्य उद्देश्य मेवों की नई नसलों को संवारना एवं उन्हें तमाम तरह की बुराईयों से दूर रखना है। उनमें नैतिक शक्ति बढ़ाई जा रही है।’’
 हकीक़त यह है कि इस्लाम में जुआ, सट्टा, बेईमानी, शराबनोशी मना है। इसके बावजूद मेव कौम की नई नस्ल ऐसी बीमारियों में धस्ती जा रही है। मेवात तबलीग़ जमात का गढ़ रहा है। कुछ मायने में जमात की शुरूआत इसी क्षेत्र से हुई। मगर इलाके की मौजूदा स्थिति है कि यहां की अधिकांश मस्जिदों, मदरसों में बिजली के वैध कनेक्शन तक नहीं। मेवात वासी एक दूसरे से खुन्नस निकालने के लिए फर्जी मुकदमे में धन व समय की बर्बादी में लगे हैं। मेवात में दहेज प्रथा  जड़ जमा चुकी है।  शादी में भी चार पहिया गाड़ी मांगने-देने का चलन चल पड़ा है।

pic muslimnow.net

  मदरसों एवं मस्जिदों के कर्ताधर्ता  मिटिंग में  होते  हैं  शरीक   

 मोहम्मद कासिम मेवाती कहते हैं-‘ऐसी बीमारियों के बढ़ते चलन से परेशान होकर इसके विरूद्ध अभियान छेड़ने का ख्याल आया। रोजाना इलाके में दो से तीन बैठकें की जाती हैं, जिनमें इलाके के खास-ओ-आम के साथ मदरसों एवं मस्जिदों के कर्ताधर्ता भी शरीक होते हैं। ऐसे ही एक मिटिंग किशनगढ़ बॉस के मदरसा भूरपहाड़ी में हुई, जिसमें मोहम्मद कासिम मेवाती के अतिरिक्त ज़ुबैर अलवरी, उस्मान खान खानपुर, सरपंच ख़ुर्शीद, अरशद खान, अज्जू खानपुरी, मोहम्मद असद, मुबारक खेरतल, शाकिर खान एवं इलाके की मस्जिदों के इमाम शामिल हुए। कासिम बताते हैं-‘अभियान से प्रभावित होकर हरियाणा के हिस्से के मेवात क्षेत्र से भी उनके यहां जागरूकता फैलाने की दावत दी जा रही है, इस लिए वहां भी जल्द अभियान शुरू किया जाएगा।

अभियान के 10 जरूरी प्वाइंटः-
1. मस्जिदों-मदरसों में बिजली के वैध कनेक्शन
2. जमीनों की सुरक्षा
3. ट्रैफिक नियमानुसार वाहन चलाना
4. निजी वाहन कागज़ात पूरे होने पर ही सड़कों पर लाना
5. वाहन चलाते समय लाइसेंस, सीट बेल्ट, हेल्मेट, मॉस्क जरूरी
6. गांवों से मुकदमेबाजी, नफरतें खत्म करना
7. मदरसों के साथ सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों की साफ-सफाई
8. कोविड के चलते अनावश्यक बैठकों से दूर रखना
9. दहेज़ की रोक-थाम
10. उलेमा एवं इमाम को सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए प्रेरित करना

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