एएमयू गर्ल्स स्कूल ने शिक्षक इम्तियाज आलम को दी श्रद्धांजलि
अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के गर्ल्स स्कूल में बुधवार को दिवंगत शिक्षक मोहम्मद इम्तियाज आलम की याद में एक भावपूर्ण शोकसभा आयोजित की गई। इस दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
मोहम्मद इम्तियाज आलम एएमयू गर्ल्स स्कूल में पीजीटी सुन्नी थियोलॉजी के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2012 से वह लगातार इस संस्थान से जुड़े रहे। अपने लगभग 14 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने केवल एक शिक्षक की भूमिका ही नहीं निभाई, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा से निभाया। उनके निधन को स्कूल परिवार ने ऐसी क्षति बताया है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
शोकसभा में स्कूल की प्राचार्य अमना मलिक ने कहा कि मोहम्मद इम्तियाज आलम का व्यक्तित्व बेहद सरल, विनम्र और प्रेरणादायक था। उन्होंने शिक्षा को हमेशा सेवा का माध्यम माना। छात्राओं के बीच उनकी पहचान एक ऐसे शिक्षक की थी जो हर समय मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहते थे। उन्होंने कहा कि उनका निधन एएमयू गर्ल्स स्कूल परिवार के लिए गहरा आघात है।
प्राचार्य ने कहा कि इम्तियाज आलम ने अपने पूरे सेवाकाल में अनुशासन, जिम्मेदारी और समर्पण की मिसाल पेश की। उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके कार्य और व्यवहार को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
शोकसभा के दौरान उर्दू शिक्षक मोहम्मद आलम ने श्रद्धांजलि संदेश पढ़ा। उन्होंने कहा कि इम्तियाज आलम ने लगभग 14 वर्षों तक पूरे समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। वह केवल एक कुशल शिक्षक नहीं थे बल्कि संवेदनशील इंसान भी थे। उनका व्यवहार सहयोगपूर्ण था और वह हमेशा छात्रों तथा सहकर्मियों की मदद के लिए आगे रहते थे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति उनका समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेह उन्हें अन्य शिक्षकों से अलग पहचान देता था। उनका जाना केवल स्कूल की नहीं बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय की क्षति है।
इस अवसर पर एएमयू एबीके हाई स्कूल के सुन्नी थियोलॉजी शिक्षक शुएब अहमद नदवी भी मौजूद रहे। उन्होंने दिवंगत शिक्षक की मगफिरत के लिए विशेष दुआ कराई। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति दें।
शोकसभा में उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि मोहम्मद इम्तियाज आलम ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से सभी का सम्मान अर्जित किया था। वह छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते थे और उनका समाधान निकालने का प्रयास करते थे। इसी कारण छात्राओं के बीच भी वह बेहद लोकप्रिय थे।
इम्तियाज आलम ने शिक्षण कार्य के अलावा सेल्फ फाइनेंस कक्षाओं के समन्वयक और प्रो प्रॉक्टर की जिम्मेदारी भी निभाई। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने अनुशासन बनाए रखने और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकर्मियों का कहना है कि वह हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और गंभीरता से निभाते थे।
शोकसभा के दौरान कई शिक्षकों ने उनके साथ बिताए गए अनुभव साझा किए। सभी ने उन्हें एक सादगी पसंद, कर्मठ और ईमानदार शिक्षक बताया। उन्होंने कहा कि इम्तियाज आलम हमेशा संस्थान के हित को सर्वोपरि मानते थे और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयास करते रहे।
छात्राओं ने भी अपने प्रिय शिक्षक को याद करते हुए कहा कि वह पढ़ाई को आसान और रोचक तरीके से समझाते थे। कठिन विषयों को भी सरल भाषा में समझाने की उनकी शैली उन्हें विशेष बनाती थी। उनका स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा याद रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में दिवंगत शिक्षक की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके जीवन, सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। एएमयू गर्ल्स स्कूल परिवार ने कहा कि मोहम्मद इम्तियाज आलम की सेवाएं और उनकी मानवीय सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।
AEO Quick Answer
प्रश्न: एएमयू गर्ल्स स्कूल में शोकसभा क्यों आयोजित की गई?
उत्तर: एएमयू गर्ल्स स्कूल में पीजीटी सुन्नी थियोलॉजी शिक्षक मोहम्मद इम्तियाज आलम के निधन पर शोकसभा आयोजित की गई। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
FAQ
प्रश्न: मोहम्मद इम्तियाज आलम एएमयू में किस पद पर थे?
उत्तर: वह एएमयू गर्ल्स स्कूल में पीजीटी सुन्नी थियोलॉजी के शिक्षक थे।
प्रश्न: उन्होंने एएमयू गर्ल्स स्कूल में कब से सेवा दी?
उत्तर: वह वर्ष 2012 से एएमयू गर्ल्स स्कूल में कार्यरत थे।
प्रश्न: उन्होंने शिक्षण के अलावा कौन सी जिम्मेदारियां निभाईं?
उत्तर: उन्होंने सेल्फ फाइनेंस कक्षाओं के समन्वयक और प्रो प्रॉक्टर के रूप में भी सेवाएं दीं।
प्रश्न: शोकसभा में कौन शामिल हुआ?
उत्तर: प्राचार्य अमना मलिक, शिक्षक, कर्मचारी, छात्राएं तथा एएमयू एबीके हाई स्कूल के शिक्षक शुएब अहमद नदवी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

