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पहले रोज़े में गर्मी की परीक्षा, तेज़ धूप के आसार

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

रमज़ान के आगमन को लेकर देशभर के मुसलमानों में खासा उत्साह है। कई लोग यह मानकर खुश थे कि इस बार लंबे अंतराल के बाद ठंडे मौसम में रोज़ा रखने का अवसर मिलेगा, लेकिन मौसम के ताज़ा पूर्वानुमान उनकी उम्मीदों पर पानी फेरते नज़र आ रहे हैं। मौसम संबंधी आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि कम से कम पहले रोज़े के दिन ठंडक की बजाय गर्मी और तेज़ धूप रोज़ेदारों की परीक्षा ले सकती है।

गूगल द्वारा संचालित विभिन्न मौसम पूर्वानुमान प्लेटफॉर्म्स के 14 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, रमज़ान के पहले अशरे यानी शुरुआती दस दिनों में मौसम में खास नरमी के संकेत नहीं हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को छोड़ दें, तो देश के अधिकांश बड़े और प्रमुख शहरों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। इसका मतलब यह है कि रोज़ेदारों को पहले ही दिन तेज़ धूप और 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच अधिकतम तापमान का सामना करना पड़ सकता है।

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम में पहला रोज़ा लगभग 31 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच गुजर सकता है। इसके मुकाबले लखनऊ में तापमान थोड़ा कम रह सकता है और वहां पहले रोज़े के दिन अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी पहले और दूसरे रोज़े के दौरान तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है।

पूर्वी भारत की बात करें तो पटना में तापमान 30 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी पहले रोज़े के दिन इसी के आसपास गर्मी रहने के आसार हैं। वहीं, कोलकाता में पहले रोज़े के दिन तेज़ धूप के साथ उमस भरा मौसम रहने की संभावना है, जो रोज़ेदारों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है।

इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि जो लोग ठंडक भरे मौसम में रोज़ा रखने की उम्मीद कर रहे थे, उन्हें शुरुआती दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि अनुभवी रोज़ेदारों का मानना है कि रोज़ा सिर्फ भूख-प्यास का नाम नहीं, बल्कि सब्र, संयम और इबादत की भावना का प्रतीक है, और मौसम की कठिनाइयाँ इस इबादत के अज्र को और बढ़ा देती हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रमज़ान के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और इज़ाफा हो सकता है। अनुमान है कि रमज़ान के आखिरी दिनों तक कई हिस्सों में गर्मी 35 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकती है। ऐसा तापमान रोज़ेदारों के लिए शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो खुले में या शारीरिक श्रम वाले कामों से जुड़े हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि रोज़ेदार सहरी और इफ्तार के दौरान पर्याप्त पानी, फल और हल्का पोषण लें, ताकि शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो। साथ ही, दिन के समय धूप से बचने और अनावश्यक श्रम से परहेज़ करने की भी सलाह दी जा रही है।

कुल मिलाकर, इस बार रमज़ान की शुरुआत मौसम के लिहाज़ से आसान नहीं दिख रही, लेकिन आस्था और इबादत की भावना के आगे गर्मी की ये चुनौतियाँ भी छोटी साबित होंगी। रोज़ेदार उम्मीद कर रहे हैं कि सब्र और दुआ के साथ यह मुक़द्दस महीना न सिर्फ रूहानी सुकून देगा, बल्कि मुश्किल हालात में भी हौसला और ताक़त प्रदान करेगा।