बोनालु उत्सव : काफिर कहकर ट्रोल होने पर भावुक हुईं फरिया अब्दुल्ला
Table of Contents
हैदराबाद।
तेलुगु अभिनेत्री फरिया अब्दुल्ला को हैदराबाद में बोनालु उत्सव में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उनकी धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘काफिर’ तक कहा। इसके बाद अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर ट्रोल करने वालों को जवाब दिया और कहा कि वह नफरत के बजाय प्रेम, एकता और शांति में विश्वास करती हैं।
फरिया ने 9 अगस्त को हैदराबाद के पुराने शहर स्थित श्री सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में आयोजित बोनालु समारोह में हिस्सा लिया था। समारोह के दौरान उन्हें पारंपरिक बोनम लेकर जुलूस में शामिल होते देखा गया। उनके साथ पोथुराजू कलाकार भी मौजूद थे। समारोह के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कुछ लोगों ने उनकी धार्मिक पहचान और इस आयोजन में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए।
ट्रोलिंग के बाद भावुक हुईं फरिया
अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में ट्रोलिंग का जिक्र करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। वीडियो में वह भावुक होती नजर आईं। उन्होंने कहा कि नफरत करने वाले लोग उन्हें गलत मानें या उनके विश्वास पर सवाल उठाएं, लेकिन वह उनके लिए भी बुरा नहीं चाहतीं।
फरिया ने कहा कि वह अपने आसपास की प्रकृति और दुनिया की हर चीज में जीवन और आध्यात्मिकता महसूस करती हैं। उन्होंने पेड़ों, चट्टानों और तितलियों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति में मौजूद जीवन उन्हें ईश्वर की मौजूदगी का एहसास कराता है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति हर इंसान और हर चीज में मौजूद सुंदरता, जादू या ईश्वर को महसूस नहीं कर पाता तो वह किसी महत्वपूर्ण अनुभव से वंचित रह रहा है।
‘मेरी बगावत प्रेम और शांति के लिए है’
फरिया ने अपने संदेश में कहा कि वह प्रेम, एकता और शांति के लिए प्रार्थना करती हैं और आगे भी करती रहेंगी। उन्होंने इसे अपनी ‘बगावत’ और ‘क्रांति’ बताया।
अभिनेत्री ने ट्रोल करने वालों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग उन्हें ‘काफिर’ कहते हैं या मानते हैं कि वह गलत रास्ते पर जा रही हैं, उनके लिए भी वह अच्छे की कामना करती हैं।
इंटरफेथ परिवार से आती हैं फरिया
फरिया अब्दुल्ला का पारिवारिक पृष्ठभूमि भी विभिन्न धार्मिक परंपराओं से जुड़ी रही है। उनके पिता संजय अब्दुल्ला का जन्म हिंदू परिवार में हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया। अभिनेत्री ने बताया कि उनके पिता ने इस्लाम को पसंद करने और उससे प्रभावित होने के कारण इसे अपनाया था।
फरिया के मुताबिक, उनके पिता ने उन्हें धर्म की अच्छी बातों से परिचित कराया और इसी वजह से उन्होंने इस्लाम के सकारात्मक पक्ष को समझने का अवसर पाया।
उनकी मां कौसर सुल्ताना मुस्लिम परिवार से हैं, लेकिन उन्होंने हिंदू आध्यात्मिक परंपराओं और ध्यान में भी गहरी रुचि विकसित की।
धर्म को लेकर फरिया की सोच
अभिनेत्री ने अपने वीडियो में स्पष्ट किया कि उनकी धार्मिक सोच किसी एक पहचान तक सीमित नहीं है। उनके लिए आध्यात्मिकता प्रकृति, इंसान और आसपास की दुनिया में जीवन को महसूस करने से भी जुड़ी है।
बोनालु समारोह में शामिल होने को लेकर हुई आलोचना के जवाब में फरिया ने नफरत का जवाब नफरत से देने के बजाय प्रेम और शांति की बात की। उनका संदेश सोशल मीडिया पर धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत आस्था को लेकर चलने वाली बहस के बीच सामने आया है।
फरिया अब्दुल्ला को फिल्म ‘जथि रत्नालु’ से लोकप्रियता मिली थी। बोनालु समारोह के बाद शुरू हुई ट्रोलिंग पर उनका भावुक जवाब अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

