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जामिया से AMU तक, मुस्लिम यूनिवर्सिटियों में शान से लहराया तिरंगे

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली, अलीगढ., हैदराबाद

देश भर में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम रही। इस खास मौके पर देश के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी और जामिया हमदर्द में जश्न का माहौल देखने को मिला। इन संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

समारोह के दौरान देश की आजादी में योगदान देने वाली महान शख्सियतों को याद किया गया। इसके साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और बाद में जलपान की व्यवस्था भी की गई।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने की शिरकत

नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद धूमधाम से मनाया गया। मुख्य समारोह डॉ. एम.ए. अंसारी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मामलों के केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जामिया के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी भी मंच पर मौजूद रहे।

समारोह की शुरुआत एनसीसी कैडेट्स द्वारा मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर देने से हुई। इसके बाद ध्वजारोहण किया गया और राष्ट्रगान गाया गया। पवित्र आयतों के पाठ और ‘जामिया तराना’ की प्रस्तुति ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। छात्र कल्याण डीन प्रोफेसर नीलोफर अफजल ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जामिया का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी जीवन यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक मजदूर परिवार से निकलकर वे बिहार के मुख्यमंत्री और फिर केंद्रीय मंत्री बने। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी अवसर दे सकती है लेकिन असली सफलता कड़ी मेहनत से ही मिलती है। मंत्री ने छात्रों को नौकरी खोजने के बजाय उद्यमी बनने की सलाह दी। उन्होंने 2047 तक भारत को एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने के प्रधानमंत्री के विजन में MSME क्षेत्र को रीढ़ की हड्डी बताया।

कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने सभी को आजादी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का असली अर्थ समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी ने महात्मा गांधी और संस्थापक हकीम अजमल खान के विचारों को याद किया।

इसके बाद स्कूली बच्चों ने कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसमें मुशीर फातिमा नर्सरी स्कूल के बच्चों का गाना और ‘स्वर्णिम भारत’ नाम का नृत्य-नाटक प्रमुख रहा। शाम को ‘जश्न-ए-आजादी’ कार्यक्रम में नियाजी निजामी ब्रदर्स ने अपने संगीत से समां बांध दिया।

एएमयू में ‘विकसित भारत 2047’ और युवा शक्ति पर जोर

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के ऐतिहासिक स्ट्रैची हॉल में तिरंगा फहराया गया। कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस साल की थीम ‘विकसित भारत 2047 के लिए युवा शक्ति’ है। देश के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

प्रोफेसर खातून ने कहा कि आने वाले समय में देश की ताकत उसका बौद्धिक ढांचा होगी। उन्होंने सर सैयद अहमद खान के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी पाना नहीं, बल्कि दूसरों के लिए नए अवसर पैदा करना है।

उन्होंने यूनिवर्सिटी की हालिया उपलब्धियों की जानकारी दी। जे.एन. मेडिकल कॉलेज में लाखों मरीजों के इलाज और 32 हजार से ज्यादा सर्जरी का जिक्र किया गया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में छात्रों से अपनी मानवीय सोच बनाए रखने का आग्रह किया।

कार्यक्रम का संचालन रजिस्ट्रार प्रोफेसर आसिम जफर ने किया। इस दौरान परिसर की प्रमुख इमारतों को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया था। एक दिन पहले उर्दू विभाग की ओर से एक भव्य मुशायरे का आयोजन भी किया गया था, जिसमें स्थानीय और बाहर से आए शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।

उर्दू यूनिवर्सिटी हैदराबाद में उर्दू और जंग-ए-आजादी पर चर्चा

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU), हैदराबाद में कुलपति प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन ने ध्वजारोहण किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का उर्दू भाषा से गहरा संबंध रहा है।

प्रोफेसर हसन ने बताया कि ‘इंकलाब’ जैसे अमर नारे उर्दू भाषा की ही देन हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के पहले शहीद पत्रकार मौलवी मुहम्मद बाकिर का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी चाहिए। जब सब मिलकर काम करते हैं तो संस्थान और देश आगे बढ़ता है।

इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने परेड की और उन्हें बी तथा सी सर्टिफिकेट बांटे गए। सांस्कृतिक क्लब के छात्रों ने देशभक्ति गीत पेश किए।

जामिया हमदर्द में देशभक्ति और सम्मान समारोह

राजधानी दिल्ली के जामिया हमदर्द में भी स्वतंत्रता दिवस की चमक देखने को मिली। कुलपति ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

विश्वविद्यालय में छात्रों ने कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक प्रस्तुत किए। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत की विविधता और एकता का संदेश दिया गया।

समारोह के अंतिम चरण में एनसीसी, एनएसएस के वॉलंटियर्स और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों को सम्मानित किया गया। संस्थान ने उनकी सेवाओं और अनुशासन की सराहना की।

सभी परिसरों में दिनभर देशभक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रमों का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

AEO के लिए जरूरी सवाल

2026 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य अतिथि कौन थे?

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि थे।

AMU में स्वतंत्रता दिवस पर किस विषय पर जोर दिया गया?

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में युवा शक्ति और विकसित भारत 2047 पर खास जोर दिया गया। कुलपति प्रो. नईमा खातून ने युवाओं को ज्ञान, वैज्ञानिक सोच और नवाचार से जोड़ने की बात कही।

उर्दू यूनिवर्सिटी में स्वतंत्रता दिवस पर क्या कहा गया?

मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने जंग ए आजादी में उर्दू की भूमिका और आजादी की रक्षा की जिम्मेदारी पर जोर दिया।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कौन से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए?

जामिया में बच्चों की प्रस्तुतियों, महिला स्वतंत्रता सेनानियों पर कार्यक्रम, नृत्य नाटक, कव्वाली और ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान पर जीवनी नाटक का आयोजन हुआ। शाम को जश्न ए आजादी कार्यक्रम में नियाजी निजामी ब्रदर्स ने प्रस्तुति दी।

स्वतंत्रता दिवस 2026 में इन विश्वविद्यालयों का साझा संदेश क्या रहा?

चारों विश्वविद्यालयों के कार्यक्रमों में आजादी, शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, युवा शक्ति, एकता, सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषय प्रमुख रहे।

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