Religion

रमजान 2027 की तारीखों को लेकर सुगबुगाहट तेज, जानें कब से शुरू होंगे रोजे

गुलरूख जहीन, मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

इस्लाम धर्म के सबसे मुकद्दस महीने रमजान को लेकर दुनिया भर के मुसलमानों में अभी से उत्सुकता देखने को मिल रही है। सवाल उठ रहा है कि क्या सऊदी अरब में रमजान 2027 की शुरुआत 8 फरवरी से और भारत में 9 फरवरी से होगी? खगोलीय गणनाओं और चांद के चक्र को देखते हुए अगले साल यानी 2027 में रमजान के आगाज को लेकर कयासबाजी शुरू हो चुकी है। इस बार का रमजान कड़कड़ाती ठंड के बीच आ रहा है, जिससे रोजेदारों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है। इसी वजह से रमजान की तारीख हर साल एक जैसी नहीं रहती। अंग्रेजी यानी ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुकाबले हिजरी कैलेंडर लगभग 10 से 11 दिन छोटा होता है। यही कारण है कि रमजान का महीना हर साल थोड़ा पहले खिसक जाता है। इस चक्र के कारण मुसलमानों को लगभग 33 सालों के दौरान हर मौसम में रोजे रखने का मौका मिलता है।

ठंड के मौसम में गुजरेंगे रोजे

खगोलीय गणनाओं के अनुसार, 2027 में रमजान का पवित्र महीना फरवरी की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है। इस बार रोजेदारों को न तो भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा और न ही लंबे घंटों का निर्जला उपवास रखना होगा।

सर्दियों के दिन छोटे और सुहावने होते हैं। ऐसे में सहरी से लेकर इफ्तार तक का समय काफी सुकून भरा रहेगा। बुजुर्गों और बच्चों के लिए भी ठंड के मौसम में रोजा रखना काफी आसान साबित होगा।

कब दिखेगा 2027 का नया चांद

हिजरी कैलेंडर में 12 महीने होते हैं और पूरा साल लगभग 354 दिनों का होता है। इस वजह से यह सौर कैलेंडर से 11 दिन पीछे चलता है।

  • चांद देखने की तारीख: खगोलशास्त्रियों का अनुमान है कि 2027 में रमजान के चांद का दीदार 7 फरवरी की शाम को किया जाएगा।
  • पहली तरावीह: अगर 7 फरवरी रविवार की शाम चांद नजर आ जाता है, तो उसी रात मस्जिदों में पहली तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी।
  • पहला रोजा: सऊदी अरब और खाड़ी देशों में पहला रोजा सोमवार, 8 फरवरी 2027 को होने का अनुमान है।
  • भारत में शुरुआत: उपमहाद्वीप में अमूमन खाड़ी देशों के एक दिन बाद चांद दिखता है। ऐसे में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में पहला रोजा मंगलवार, 9 फरवरी 2027 से शुरू होने की पूरी संभावना है।

ईद उल फितर 2027 का अनुमान

इस्लामी नियम के अनुसार रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है। यह बात शव्वाल के चांद के दीदार पर निर्भर करती है।

वर्तमान अनुमानों के मुताबिक रमजान 2027 का महीना 30 दिनों का हो सकता है। इसके बाद ईद उल फितर का त्योहार बुधवार, 10 मार्च 2027 को मनाए जाने का पूर्वानुमान है। हालांकि अंतिम फैसला उस दिन आसमान में दिखने वाले चांद पर ही निर्भर करेगा।

रमजान का आध्यात्मिक महत्व

रमजान हिजरी कैलेंडर का नौवां महीना होता है। मुस्लिम समुदाय में इसे साल का सबसे पवित्र समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी मुबारक महीने में पैगंबर मुहम्मद साहब पर पवित्र कुरान नाजिल हुई थी।

महीने भर रोजेदार सुबह सादिक से लेकर सूर्यास्त तक अन्न और जल का त्याग करते हैं। भूख-प्यास सहने के साथ-साथ इस महीने में इबादत, दान-पुण्य (जकात और सदका), आत्म-नियंत्रण और भाईचारे पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

तैयारियों की शुरुआत

हालांकि अभी रमजान 2027 में समय बाकी है, लेकिन कई मुस्लिम बहुल देशों में प्रशासनिक और धार्मिक स्तर पर तैयारियां पहले से ही आकार लेने लगती हैं। मस्जिदों की मरम्मत, सार्वजनिक सेवाओं का प्रबंधन और चांद देखने वाली आधिकारिक रुएत-ए-हिलाल कमेटियों की बैठकों का दौर समय रहते शुरू कर दिया जाता है।

विज्ञान और खगोलशास्त्र चाहे कितनी भी सटीक गणना कर लें, लेकिन इस्लामिक परंपरा के अनुसार रमजान की आधिकारिक शुरुआत नंगी आंखों से चांद देखने के बाद ही घोषित की जाती है।