यरुशलम में ईसाई और इस्लामी -अस्तित्व खतरे में, OIC ने उठाई वैश्विक दख़ल की माँग
मुस्लिम नाउ ब्यूरो,जेद्दा
इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) के महासचिवालय ने इस्राइली कब्ज़ाधारी प्राधिकरणों द्वारा हाल ही में अल-कुद्स (यरुशलम) स्थित ऑर्थोडॉक्स पितृसत्ता के बैंक खातों को फ्रीज़ करने और उसकी संपत्तियों पर भारी-भरकम कर थोपने की कड़ी निंदा की है।
OIC ने कहा कि यह कार्रवाई इस्राइली कब्ज़े की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत फ़िलिस्तीन में न केवल इस्लामी बल्कि ईसाई पवित्र स्थलों को भी निशाना बनाया जा रहा है। यह संयुक्त राष्ट्र, यूनेस्को और अन्य अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन है।
OIC महासचिवालय ने चेतावनी दी कि अल-कुद्स में पवित्र स्थलों को बमबारी, आगज़नी, अवैध कर, और आवाजाही पर पाबंदियों के ज़रिए लगातार निशाना बनाया जा रहा है। यह प्रयास न केवल फ़िलिस्तीन के इस ऐतिहासिक शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिटाने की साज़िश है, बल्कि वहाँ के असली ईसाई अस्तित्व को भी कमजोर करने का षड्यंत्र है।
OIC General Secretariat Condemns the Israeli Occupation's Violations against the Orthodox Patriarchate in Occupied Al-Quds: https://t.co/zAIKARG2HI pic.twitter.com/hPOcPUO8oR
— OIC (@OIC_OCI) August 17, 2025
संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि इस्राइली कब्ज़ाधारियों द्वारा पवित्र स्थलों पर हो रहे हमलों और उल्लंघनों को रोका जा सके। साथ ही, OIC ने इन स्थलों की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक महत्व और कानूनी स्थिति की रक्षा को मानवता, धर्म और सभ्यता की साझा धरोहर के रूप में संरक्षित रखने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

