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इमरान खान के समर्थन में उतरे क्रिकेट दिग्गज, लॉर्ड्स में बढ़ा विवाद

नौशाद अख्तर,नई दिल्ली।

क्रिकेट का मैदान कई बार सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहता। कभी खिलाड़ी सामाजिक मुद्दों पर बोलते हैं तो कभी पुराने रिश्ते मुश्किल दौर में आवाज बन जाते हैं। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और महान क्रिकेटर इमरान खान को लेकर इन दिनों ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। दुनिया के कई पूर्व क्रिकेट कप्तान और मौजूदा क्रिकेटर उनके स्वास्थ्य और जेल में उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंता जता रहे हैं।

लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच टेस्ट मैच के दौरान यह मामला अचानक अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। स्काई स्पोर्ट्स ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों सुलैमान खान और कासिम खान का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू प्रसारित किया। यह बातचीत पूर्व इंग्लैंड कप्तान और स्काई स्पोर्ट्स के कमेंटेटर माइकल एथर्टन ने की थी। इंटरव्यू करीब 18 मिनट का था और इसे लॉर्ड्स के लॉन्ग रूम में रिकॉर्ड किया गया था।

इस प्रसारण से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड नाराज हो गया। रिपोर्टों के अनुसार पीसीबी ने स्काई स्पोर्ट्स से शिकायत की और यहां तक विचार किया कि अगर इंटरव्यू लंच ब्रेक के दौरान प्रसारित किया गया तो पाकिस्तान की टीम दूसरे सत्र में मैदान पर नहीं उतरेगी। हालांकि इंटरव्यू प्रसारित हुआ और पाकिस्तान की टीम लंच के बाद मैदान पर वापस आ गई।

लॉर्ड्स में क्या हुआ

इमरान खान के बेटों ने बातचीत में अपने पिता की सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने जेल में उनके स्वास्थ्य, कथित एकांतवास और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। परिवार की ओर से स्वतंत्र चिकित्सा जांच और बेहतर इलाज की मांग लगातार उठाई जा रही है।

यह इंटरव्यू ऐसे समय प्रसारित हुआ जब इमरान खान की चिकित्सा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में पहले से चिंता थी। हाल ही में दुनिया के कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान खान को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की थी। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार इस अपील में भारत के सुनील गावस्कर और कपिल देव सहित 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तान शामिल थे।

मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि माइकल एथर्टन खुद उन पूर्व क्रिकेट कप्तानों में शामिल हैं जिन्होंने इमरान खान के इलाज को लेकर अपील की है। इस कारण लॉर्ड्स में उनका इंटरव्यू सामान्य क्रिकेट बातचीत से अलग राजनीतिक और मानवीय बहस का हिस्सा बन गया।

कपिल देव ने भी जताई चिंता

भारत के महान पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने भी इमरान खान के मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि यह अपील राजनीतिक समर्थन के तौर पर नहीं बल्कि मानवीय आधार पर की जा रही है।

कपिल देव ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में रहने वाले मौजूदा क्रिकेटरों से इस विषय पर सार्वजनिक रूप से बोलने की अपेक्षा करना आसान नहीं है। उनके अनुसार वहां की परिस्थितियों को देखते हुए हर खिलाड़ी अपनी स्थिति को बेहतर समझता है। लेकिन इमरान खान के पुराने क्रिकेट साथी और प्रतिद्वंद्वी होने के नाते वह चाहते हैं कि उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा मिले।

इमरान खान और कपिल देव का क्रिकेट करियर एक ही दौर में रहा है। दोनों अपने अपने देशों के कप्तान रहे और विश्व क्रिकेट के बड़े नाम बने। 1992 में इमरान खान की कप्तानी में पाकिस्तान ने पहली बार क्रिकेट विश्व कप जीता था। यही कारण है कि उनके जेल में होने और स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है।

जावेद मियांदाद भावुक हुए

पाकिस्तान के पूर्व महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद भी इमरान खान के समर्थन में भावुक नजर आए। उन्होंने इमरान को करीब से जानने की बात कही और कहा कि यदि इमरान सिर्फ निजी फायदे की जिंदगी चाहते तो उनके पास बहुत कुछ हासिल करने के अवसर थे। लेकिन उन्होंने अलग रास्ता चुना।

मियांदाद का संदेश मूल रूप से यही था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने बातचीत और मामले को बैठकर सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया।

इमरान और मियांदाद पाकिस्तान की उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने विश्व क्रिकेट में पाकिस्तान की पहचान मजबूत की। इसलिए मियांदाद की टिप्पणी को सिर्फ एक पूर्व खिलाड़ी की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसे पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास की दो बड़ी हस्तियों के रिश्ते के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

पैट कमिंस ने भी आवाज उठाई

ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा टेस्ट कप्तान पैट कमिंस ने भी इमरान खान के मामले में समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के तहत होने वाली चिकित्सा जांच को अपनी प्रक्रिया पूरी करने दी जानी चाहिए और परिवार की मुलाकातें जारी रहनी चाहिए।

कमिंस ने यह भी कहा कि इमरान खान के साथ उस सम्मान के साथ व्यवहार होना चाहिए जिसके वह हकदार हैं। उनका बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया के कई पूर्व कप्तान और क्रिकेट से जुड़े बड़े नाम इमरान की चिकित्सा स्थिति को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त कर चुके हैं।

इससे साफ है कि मामला अब केवल पाकिस्तान की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। क्रिकेट जगत के कई बड़े नाम इसे मानवीय मुद्दे के तौर पर देख रहे हैं।

21 या 22 पूर्व कप्तानों की अपील क्यों महत्वपूर्ण

इमरान खान के इलाज को लेकर पूर्व क्रिकेट कप्तानों की सामूहिक अपील इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। रिपोर्टों में हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या को लेकर अंतर दिखाई दिया है। कुछ रिपोर्टों में 21 पूर्व कप्तानों का उल्लेख है, जबकि एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में 22 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के शामिल होने की बात कही गई है।

अपील में मुख्य चिंता इमरान खान की चिकित्सा जांच, जरूरी इलाज और परिवार से संपर्क को लेकर है। क्रिकेट के इतने बड़े नामों का एक साथ सामने आना पाकिस्तान सरकार पर नैतिक दबाव बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।

भारत से कपिल देव और सुनील गावस्कर जैसे नामों का इसमें शामिल होना खास तौर पर महत्वपूर्ण है। दोनों इमरान खान के दौर के बड़े क्रिकेटर रहे हैं। क्रिकेट की पुरानी प्रतिद्वंद्विता के बावजूद इस मामले में मानवीय चिंता को प्राथमिकता दी गई है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर उठे सवाल

लॉर्ड्स में स्काई स्पोर्ट्स के इंटरव्यू को लेकर पीसीबी की प्रतिक्रिया ने एक अलग बहस छेड़ दी है। बोर्ड ने प्रसारण को लेकर औपचारिक शिकायत की। रिपोर्टों के अनुसार उसने यह भी विचार किया कि पाकिस्तान की टीम लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरे।

बाद में पाकिस्तान की टीम मैदान पर लौट आई। इस तरह मैच किसी बड़े विवाद के कारण रुकने से बच गया।

पाकिस्तान के पत्रकार इमरान रियाज खान ने भी पीसीबी की प्रतिक्रिया की आलोचना की और इसे अंतरराष्ट्रीय प्रसारक पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। उनके अनुसार इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद उनकी मांगें दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई हैं।

सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा

इमरान खान को लेकर सोशल मीडिया पर भी क्रिकेट जगत की सक्रियता बढ़ी है। पूर्व क्रिकेटर, पत्रकार और प्रशंसक लगातार उनके स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधा से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।

राजदीप सरदेसाई ने माइकल एथर्टन और स्काई स्पोर्ट्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि खेल से जुड़े लोगों के पास समाज में अपनी बात रखने का बड़ा मंच होता है। उनके अनुसार खिलाड़ियों को मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवालों पर अपनी आवाज का इस्तेमाल करना चाहिए।

इस बहस ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है। क्या खिलाड़ियों को राजनीतिक और मानवीय मुद्दों पर बोलना चाहिए। समर्थकों का कहना है कि जब किसी पूर्व खिलाड़ी की सेहत और मानवाधिकार का सवाल हो तो क्रिकेट जगत की चुप्पी भी एक संदेश बन जाती है।

क्या इमरान खान का मामला अब वैश्विक क्रिकेट मुद्दा बन गया है

इसका सीधा जवाब है कि मामला अब पाकिस्तान की सीमा से बाहर पहुंच चुका है। इमरान खान पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाने वाला क्रिकेट नाम हैं। 1992 विश्व कप की उनकी जीत ने उन्हें पाकिस्तान के सबसे चर्चित क्रिकेट कप्तानों में शामिल किया। बाद में वह देश के प्रधानमंत्री बने।

अब उनके जेल में रहने, स्वास्थ्य और चिकित्सा को लेकर उठ रहे सवालों पर भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और पाकिस्तान से जुड़े क्रिकेट नामों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

लॉर्ड्स का घटनाक्रम इस बहस को और बड़ा कर गया। एक क्रिकेट मैच के बीच पूर्व कप्तान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित हुआ। पीसीबी ने इसका विरोध किया। स्काई स्पोर्ट्स ने प्रसारण किया। पाकिस्तान की टीम मैदान पर वापस आई। लेकिन सवाल मैदान से बाहर जारी रहा।

इमरान खान के मामले में अब क्रिकेट और राजनीति के बीच की सीमा पहले जैसी साफ नहीं रह गई है। दुनिया के पूर्व क्रिकेट कप्तानों से लेकर मौजूदा खिलाड़ियों तक कई आवाजें यह कह रही हैं कि राजनीतिक मतभेद अलग विषय हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की चिकित्सा और मानवीय गरिमा का सवाल अलग है।

यही वजह है कि लॉर्ड्स में हुआ 18 मिनट का एक इंटरव्यू अब पाकिस्तान क्रिकेट, इमरान खान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के बीच चल रही बड़ी बहस का प्रतीक बन गया है।

AEO के लिए संभावित FAQ

सवाल: लॉर्ड्स टेस्ट में इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू किसने लिया?
जवाब: पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल एथर्टन ने सुलैमान और कासिम खान का इंटरव्यू लिया था।

सवाल: पीसीबी ने स्काई स्पोर्ट्स का विरोध क्यों किया?
जवाब: पीसीबी ने इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू के प्रसारण पर आपत्ति जताई और रिपोर्टों के अनुसार टीम के लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरने की संभावना पर भी विचार किया।

सवाल: क्या पाकिस्तान की टीम ने टेस्ट का बहिष्कार किया?
जवाब: नहीं। इंटरव्यू प्रसारित होने के बावजूद पाकिस्तान की टीम लंच के बाद मैदान पर लौट आई।

सवाल: इमरान खान के समर्थन में कौन से क्रिकेटर सामने आए हैं?
जवाब: कपिल देव, सुनील गावस्कर, माइकल एथर्टन, ग्रेग चैपल सहित कई पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान की चिकित्सा और मानवीय स्थिति को लेकर चिंता जताई है।

सवाल: पैट कमिंस ने इमरान खान के बारे में क्या कहा?
जवाब: कमिंस ने चिकित्सा जांच को अदालत के आदेश के अनुसार आगे बढ़ने देने और परिवार की मुलाकात जारी रखने की बात कही तथा इमरान खान के साथ सम्मानजनक व्यवहार की अपील की।

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