इमरान खान की सलामती को एकजुट क्रिकेट जगत: कपिल-गावस्कर समेत 14 दिग्गजों ने पाक सरकार को लिखी चिट्ठी
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई
खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्वी होना एक बात है, लेकिन जब बात इंसानियत और खेल बिरादरी के सम्मान की आती है, तो सरहदें धुंधली पड़ जाती हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शोर के बीच आज पूरी दुनिया के क्रिकेट गलियारों में सिर्फ एक ही नाम की चर्चा है— इमरान खान। पाकिस्तान के 1992 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री, जो इस समय रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं, उनकी बिगड़ती सेहत ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत को हिलाकर रख दिया है।
खबरें विचलित करने वाली हैं: जेल में कथित ‘मेडिकल लापरवाही’ के कारण इमरान खान की आंखों की रोशनी 80 से 85 प्रतिशत तक कम हो गई है। इस खबर के सामने आते ही भारत सहित दुनिया भर के महान कप्तानों ने राजनीति को किनारे रखकर अपने इस पुराने ‘सहयोगी’ के लिए आवाज उठाई है।
अदियाला जेल में अंधेरे की ओर इमरान खान: क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान की राजनीति में आए भूचाल के बाद इमरान खान गबन के आरोपों में 14 साल की सजा काट रहे हैं। लेकिन चिंता का विषय सजा नहीं, बल्कि जेल के हालात हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उचित इलाज न मिलने के कारण इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी लगभग 85 प्रतिशत खत्म हो चुकी है।
इस खबर ने न केवल पाकिस्तान बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया से लेकर इंग्लैंड तक के क्रिकेटरों को बेचैन कर दिया है। पाकिस्तान के मशहूर शो ‘हंसना मना है’ में जब होस्ट ताबिश हाशमी ने इमरान खान के स्वास्थ्य और उनके योगदान को याद किया, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गया। दुनिया को अहसास हुआ कि जिस शख्स ने पाकिस्तान क्रिकेट को वैश्विक पहचान दी, आज वह बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
‘इतिहास के महान कप्तानों’ की सामूहिक अपील: गावस्कर और कपिल देव का नेतृत्व
क्रिकेट जगत में शायद ही कभी ऐसा हुआ हो जब इतने सारे दिग्गज एक साथ किसी राजनीतिक व्यक्ति के लिए खड़े हुए हों। भारत के महान खिलाड़ी सुनील गावस्कर और ‘हरियाणा हरिकेन’ कपिल देव ने 12 अन्य अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के साथ मिलकर पाकिस्तान सरकार को एक औपचारिक पत्र लिखा है।
इस पत्र का शीर्षक है— “पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों की अपील”। इस पत्र में खान के साथ होने वाले बर्ताव पर “गहरी चिंता” व्यक्त की गई है और मांग की गई है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार चिकित्सा सुविधा दी जाए।
इन दिग्गजों ने किए हस्ताक्षर:
इस ऐतिहासिक अपील पर हस्ताक्षर करने वालों में क्रिकेट इतिहास के वो नाम शामिल हैं जिन्होंने इस खेल को गढ़ा है:
- भारत: कपिल देव, सुनील गावस्कर।
- ऑस्ट्रेलिया: एलन बॉर्डर, इयान चैपल, ग्रेग चैपल, स्टीव वॉ, किम ह्यूजेस।
- इंग्लैंड: माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, डेविड गॉवर, माइकल ब्रियरली।
- वेस्टइंडीज: क्लाइव लॉयड।
- न्यूजीलैंड: जॉन राइट।
- महिला क्रिकेट: बेलिंडा क्लार्क।

सौरव गांगुली का समर्थन: “वह पाकिस्तान के गौरव हैं”
हालांकि इस आधिकारिक पत्र पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली के हस्ताक्षर नहीं थे, लेकिन उन्होंने कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए इमरान खान के प्रति अपनी सहानुभूति स्पष्ट की। गांगुली ने कहा:
“इमरान खान ने कप्तान और प्रधानमंत्री दोनों के रूप में पाकिस्तान को दुनिया के नक्शे पर स्थापित किया है। उनके साथ गरिमापूर्ण व्यवहार होना चाहिए। क्रिकेटरों ने जो पहल की है, वह बिल्कुल सही है।”
“स्टंप गिरने के बाद दुश्मनी खत्म हो जाती है”: पत्र के मुख्य अंश
इन 14 कप्तानों द्वारा लिखे गए पत्र में न केवल चिकित्सा की मांग की गई है, बल्कि खेल भावना (Sportsmanship) का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश किया गया है। पत्र में लिखा है:
“हम एक ऐसे शख्स के बारे में लिख रहे हैं जो न केवल एक नेशनल लीडर रहा है, बल्कि एक ग्लोबल स्पोर्टिंग आइकन है। हम फेयर प्ले और सम्मान की वैल्यूज़ को समझते हैं। इमरान खान की नजर में आई खतरनाक गिरावट और जेल के हालात हमें बहुत चिंता में डाल रहे हैं।”
दिग्गजों की प्रमुख मांगें:
- पसंद का डॉक्टर: इमरान खान को उनकी पसंद के क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट से तुरंत और लगातार मेडिकल चेकअप की सुविधा मिले।
- मानवीय स्थिति: जेल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मानवीय और सम्मानजनक हालात सुनिश्चित किए जाएं।
- पारिवारिक मुलाक़ात: उनके परिवार के सदस्यों को उनसे नियमित रूप से मिलने की अनुमति दी जाए।
- पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया: बिना किसी देरी के उन्हें कानूनी न्याय तक पहुंच प्रदान की जाए।
राजनीति से परे इमरान खान का क्रिकेट करियर
दिग्गजों ने अपने पत्र में याद दिलाया कि इमरान खान ने पाकिस्तान को 1992 में ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत दिलाई थी। यह जीत महज एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि उनकी लीडरशिप, हिम्मत और स्किल का प्रमाण थी, जिसने सीमाओं के पार पीढ़ियों को प्रेरित किया।
कप्तानों ने भावुक होते हुए लिखा, “हममें से कई लोगों ने उनके खिलाफ मैदान पर जंग लड़ी है, उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है। वह खेल के सबसे बेहतरीन ऑल-राउंडर और कप्तानों में से एक हैं। मैदान पर हमारा साझा इतिहास हमें याद दिलाता है कि खेल खत्म होने के बाद केवल सम्मान बना रहता है।”
Deeply saddened to hear about Imran bhai. Cricket has given us many shared moments, and as a fellow sportsman who has shared the platform and learned from him, I sincerely appeal that he be treated with dignity. Praying for his good health and strength for his family.…
— Mohammed Azharuddin (@azharflicks) February 17, 2026
निष्कर्ष: खेल की जीत या राजनीति की हार?
क्रिकेट जगत की यह एकजुटता यह संदेश देती है कि खिलाड़ी चाहे किसी भी देश का हो, उसकी बिरादरी एक ही होती है। 73 वर्षीय इमरान खान, जिन्होंने अपना आधा जीवन क्रिकेट के मैदान पर पसीना बहाते हुए बिताया, आज अपनी आंखों की रोशनी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
दुनिया भर के क्रिकेट फैंस और ये 14 दिग्गज कप्तानों की अब एक ही उम्मीद है— कि पाकिस्तान सरकार इस ‘खेल भावना’ का सम्मान करेगी और एक महान खिलाड़ी को वह बुनियादी अधिकार देगी जिसका वह हकदार है।

