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ऑपरेशन सिंदूर की कोलकाता की दुर्गापूजा में गूंज: कर्नल सोफिया कुरैशी को सम्मान, यंग बॉयज़ क्लब ने सेना को समर्पित किया पंडाल

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, कोलकाता
पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता के दुर्गापूजा पंडालों में इस बार देशभक्ति और सैन्य बलिदान की अनूठी गूंज सुनाई दे रही है। खासकर मध्य कोलकाता के प्रसिद्ध यंग बॉयज़ क्लब ने अपने 56वें वर्ष की दुर्गापूजा को “ऑपरेशन सिंदूर” थीम पर आधारित कर, भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह थीम इस वर्ष दुर्गापूजा में देश के लिए लड़ने वाले जांबाज़ सैनिकों के साहस, बलिदान और समर्पण को समर्पित है।

इस वर्ष का मुख्य आकर्षण है कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी बहादुर महिला सैन्य अधिकारियों की प्रेरणादायक उपस्थिति, जिन्हें पंडाल में विशेष स्थान दिया गया है। कर्नल सोफिया भारत की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य दल का नेतृत्व किया है और उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में निर्णायक भूमिका निभाई थी। पंडाल में उनकी प्रतिकृति न केवल महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करती है, बल्कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका को भी श्रद्धा और सम्मान के साथ दर्शाती है।

🇮🇳 क्या है “ऑपरेशन सिंदूर”?

‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा हाल ही में अंजाम दिया गया एक गोपनीय और अत्यंत साहसी सैन्य अभियान है, जिसमें आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस अभियान में भारत की सैन्य ताकत, रणनीतिक सूझबूझ और आधुनिक सैन्य तकनीक का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। इस ऑपरेशन में सेना की महिला अधिकारियों ने भी निर्णायक भूमिका निभाई, और इसी को ध्यान में रखते हुए यंग बॉयज़ क्लब ने इस विषय को अपने पंडाल की थीम बनाया।

🎨 पंडाल की कलात्मकता और राष्ट्रीय भावना का संगम

प्रसिद्ध कलाकार देबशंकर महेश द्वारा डिज़ाइन किए गए पंडाल में भारतीय सेना के टैंकों, फाइटर जेट्स, मिसाइलों और सीमावर्ती संघर्षों की झलक दिखाई गई है। पंडाल को इस तरह से तैयार किया गया है कि हर कोना देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत महसूस होता है।

मुख्य आयोजक श्री राकेश सिंह ने कहा,

“हर वर्ष हम एक ऐसी थीम चुनते हैं जो समाज में सकारात्मक संदेश दे सके। इस बार हमने सेना के उन नायकों को समर्पण किया है जिनकी वजह से हम शांति से त्योहार मना पा रहे हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से हम यह याद दिलाना चाहते हैं कि असली दुर्गा तो वही सैनिक हैं, जो सीमा पर हमारे लिए जान की बाज़ी लगाते हैं।”

👩‍✈️ महिला शक्ति को समर्पण

इस वर्ष की दुर्गा पूजा में महिला शक्ति का भी विशेष ध्यान रखा गया है। कर्नल सोफिया कुरैशी, जो कि UN मिशन के लिए भारतीय दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी हैं, उनकी प्रतिमा को पंडाल के केंद्र में रखा गया है। उनके साहस और नेतृत्व को दुर्गा के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो इस वर्ष के संदेश को और भी अधिक प्रभावशाली बनाता है।

यंग बॉयज़ क्लब के अध्यक्ष विक्रांत सिंह ने कहा,

“हम चाहते हैं कि लोग केवल पूजा करें ही नहीं, बल्कि गर्व करें कि हमारे देश में ऐसी महिलाएं भी हैं जो रणभूमि में दुर्गा बनकर खड़ी होती हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी आज के भारत की असली प्रतीक हैं – निडर, शक्तिशाली और प्रेरणादायक।”

🛕 परंपरा और नवाचार का मिलन

पंडाल में जहां एक ओर आधुनिक सैन्य सज्जा दिखाई देती है, वहीं देवी दुर्गा की मूर्ति पारंपरिक शैली में कुशध्वज बेरा द्वारा निर्मित की गई है। यह सांस्कृतिक और समकालीन भावनाओं का ऐसा संगम है, जो हर दर्शक को भक्ति और राष्ट्रभक्ति दोनों का अनुभव कराता है।

📣 आगंतुकों के लिए संदेश

सह-आयोजक विनोद सिंह ने कहा,

“हम हर वर्ग, हर धर्म और हर विचारधारा के लोगों को आमंत्रित करते हैं कि वे आएं और देखें कि भारत की सच्ची दुर्गा कैसे सीमा पर खड़ी रहती है। हम इस पंडाल के माध्यम से केवल पूजा नहीं, बल्कि एक सोच पैदा करना चाहते हैं – एक गर्व और कृतज्ञता की भावना।”

🔚 निष्कर्ष

इस वर्ष का यंग बॉयज़ क्लब दुर्गा पूजा पंडाल कोलकाता में दुर्गा पूजा की रचनात्मकता, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक संदेश का अद्वितीय उदाहरण बनकर उभरा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को थीम बनाकर उन्होंने न केवल भारतीय सेना को सम्मानित किया है, बल्कि एक संवेदनशील और प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि कैसे त्योहार भी देश सेवा का माध्यम बन सकते हैं।