ई़द-अल-अधा 2026: चाँद, अराफात का दिन और UAE में 6 दिनों की छुट्टी
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दुबई
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में साल के सबसे बड़े और पवित्र त्योहारों में से एक, ई़द-अल-अधा 2026 की आहट सुनाई देने लगी है। जैसे-जैसे इस्लामिक कैलेंडर का आखिरी महीना ‘धुल हिज्जा’ करीब आ रहा है, अमीरात के निवासियों के बीच एक विशेष उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा देखी जा रही है। यह त्योहार न केवल बलिदान और विश्वास का प्रतीक है, बल्कि इस साल यह एक लंबे ‘मिलेनियर’ वेकेशन (लंबी छुट्टियों) का अवसर भी लेकर आ रहा है।
चाँद का दीदार और आधिकारिक तारीखें
इस्लामिक परंपरा के अनुसार, किसी भी महीने की शुरुआत चाँद के दिखने पर निर्भर करती है। अमीरात एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के अध्यक्ष इब्राहिम अल जरवान के सटीक खगोलीय गणनाओं के अनुसार, धुल हिज्जा के नए चाँद का जन्म रविवार, 17 मई 2026 को रात 12:01 बजे होगा।
गणनाओं के संकेत इस प्रकार हैं:
- धुल हिज्जा की शुरुआत: सोमवार, 18 मई 2026।
- अराफात का दिन (हज का मुख्य दिन): मंगलवार, 26 मई 2026।
- ई़द-अल-अधा (बलिदान का पर्व): बुधवार, 27 मई 2026।
हालांकि अंतिम पुष्टि यूएई की ‘मून साइटिंग कमेटी’ (चंद्र दर्शन समिति) द्वारा ही की जाएगी, लेकिन वर्तमान गणनाओं ने निवासियों को अपनी यात्रा और समारोहों की योजना बनाने का एक ठोस आधार दे दिया है।
अराफात का दिन: हज की रूह और इबादत की रात
ई़द से ठीक एक दिन पहले ‘अराफात का दिन’ आता है, जिसे पूरे इस्लामिक वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। मक्का में हज करने वाले लाखों जायरीन इस दिन अराफात के मैदान में जमा होते हैं और खुदा से माफी और रहमत की दुआ करते हैं। पैगंबर मोहम्मद (स.) ने फरमाया है कि “हज ही अराफात है”, जो इस दिन की अहमियत को दर्शाता है।
दुनिया भर के वे मुसलमान जो हज पर नहीं जा पाते, वे इस दिन रोज़ा (व्रत) रखते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन का रोज़ा पिछले एक साल और आने वाले एक साल के गुनाहों के प्रायश्चित का जरिया बनता है। यह दिन शोर-शराबे से दूर, गहरी इबादत और आत्म-चिंतन का होता है।
बलिदान की कहानी: क्यों मनाई जाती है ई़द-अल-अधा?
ई़द-अल-अधा को ‘बड़ी ई़द’ या ‘कुर्बानी की ई़द’ भी कहा जाता है। यह त्योहार हजरत इब्राहिम (अ.स.) के उस महान बलिदान की याद दिलाता है, जब उन्होंने ईश्वर की राह में अपने सबसे प्रिय पुत्र हजरत इस्माइल (अ.स.) की कुर्बानी देने का फैसला किया था।
जब हजरत इब्राहिम अपनी छुरी चलाने ही वाले थे, तब अल्लाह ने उनकी निष्ठा से प्रसन्न होकर स्वर्ग से एक मेमना (दुंबा) भेज दिया और उनके पुत्र की जगह उस जानवर की कुर्बानी हुई। यह घटना सिखाती है कि ईश्वर को मांस या खून नहीं, बल्कि इंसान की नीयत और उसका समर्पण प्यारा है। इसी परंपरा को जीवित रखते हुए दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन जानवर की कुर्बानी (उधिया) देते हैं और उसके मांस का एक बड़ा हिस्सा गरीबों और रिश्तेदारों में बांटते हैं।
UAE निवासियों के लिए छुट्टियों का शानदार मौका
इस साल ई़द का कैलेंडर सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। यूएई सरकार की अवकाश नीति के अनुसार, अराफात दिवस और ई़द के पहले तीन दिन आधिकारिक छुट्टियां होती हैं।
छुट्टियों का गणित कुछ इस प्रकार है:
- 26 मई (मंगलवार): अराफात दिवस (अवकाश)
- 27 मई (बुधवार): ई़द-अल-अधा पहला दिन (अवकाश)
- 28 मई (गुरुवार): ई़द-अल-अधा दूसरा दिन (अवकाश)
- 29 मई (शुक्रवार): ई़द-अल-अधा तीसरा दिन (अवकाश)
- 30 मई (शनिवार): आधिकारिक सप्ताहांत (Weekend)
- 31 मई (रविवार): आधिकारिक सप्ताहांत (Weekend)
इस तरह, निवासियों को लगातार 6 दिनों का लंबा ब्रेक मिलेगा।
प्रो टिप: यदि आप 25 मई (सोमवार) को एक दिन की वार्षिक छुट्टी (Annual Leave) लेते हैं, तो आप शनिवार, 23 मई से रविवार, 31 मई तक कुल 9 दिनों की लंबी छुट्टी का आनंद ले सकते हैं। यह समय विदेश यात्रा या यूएई के भीतर ही ‘स्टेकेशन’ के लिए बेहतरीन है।
तैयारियां और सामाजिक सद्भाव
यूएई के बाजारों में अभी से रौनक बढ़ने लगी है। दुबई के मॉल से लेकर अबू धाबी के पारंपरिक बाजारों तक, लोग नए कपड़े, परफ्यूम और ई़द के पकवानों की खरीदारी कर रहे हैं। इस दौरान हवाई टिकटों की कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है क्योंकि कई प्रवासी अपने वतन लौटने की तैयारी में हैं।
ई़द-अल-अधा का असली सार साझा करने में है। यूएई की चैरिटी संस्थाएं भी सक्रिय हो गई हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कुर्बानी का मांस हर जरूरतमंद के घर तक पहुंचे। यह त्योहार अमीरात की उस विविधता को भी दर्शाता है जहां 200 से अधिक देशों के लोग एक साथ मिलकर इस आध्यात्मिक उत्सव का आनंद लेते हैं।
निष्कर्ष
ई़द-अल-अधा 2026 केवल एक छुट्टी का अवसर नहीं है, बल्कि यह धैर्य, दया और भाईचारे का संदेश है। जैसे-जैसे मई का महीना आगे बढ़ेगा, यूएई की मस्जिदें और गलियां ‘अल्लाह-हु-अकबर’ की गूँज से सराबोर होंगी, जो हमें याद दिलाएगी कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा त्याग और प्रेम में ही छिपी है।
नोट: सरकारी छुट्टियों की अंतिम घोषणा मून साइटिंग कमेटी द्वारा चाँद दिखने के बाद ही की जाएगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बुकिंग करते समय लचीला रुख अपनाएं।

