कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन
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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह आधुनिक कतर के निर्माता माने जाते थे। उनके निधन की आधिकारिक जानकारी कतर के शाही दीवान आमिरी दीवान ने रविवार सुबह जारी की। शेख हमद ने कतर को एक सामान्य देश से दुनिया का सबसे अमीर और प्रभावशाली देश बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
कतर सरकार ने इस दुखद घड़ी में देश के भीतर चार दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान देश के सभी सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक संस्थान बंद रहेंगे। राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया है।
आमिरी दीवान ने जारी किया आधिकारिक बयान
शाही दरबार आमिरी दीवान ने रविवार को गहरा शोक व्यक्त किया। बयान में कहा गया कि हम ईश्वर की मर्जी को स्वीकार करते हैं। आमिरी दीवान बड़े दुख के साथ राष्ट्र के इस बड़े नुकसान की सूचना दे रहा है। पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार सुबह निधन हो गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। इस खबर के बाद कतर और पूरे मध्य पूर्व में शोक की लहर दौड़ गई है।
आधुनिक कतर के निर्माता का सफर
शेख हमद ने साल 1995 से लेकर 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके 18 साल के शासनकाल में कतर ने अभूतपूर्व तरक्की की। उन्होंने देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह बदल दिया। शेख हमद के आने से पहले कतर की अर्थव्यवस्था बहुत सामान्य थी। उन्होंने कतर के प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल करना शुरू किया। उनके फैसलों ने देश को दुनिया के नक्शे पर एक नई पहचान दी।
उन्होंने लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी एलएनजी के क्षेत्र में बड़ा निवेश किया। कतर बहुत कम समय में दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यातक देश बन गया। इसी गैस और तेल की कमाई से कतर ने दुनिया के सबसे अमीर देशों में अपनी जगह बनाई।
अल जजीरा की शुरुआत और वैश्विक पहचान
शेख हमद के बड़े फैसलों में एक नाम अल जजीरा न्यूज चैनल की शुरुआत भी है। उन्होंने साल 1996 में इस अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क की नींव रखी थी। कुछ ही सालों में यह चैनल दुनिया का सबसे प्रभावशाली मीडिया नेटवर्क बन गया। इसके जरिए कतर ने वैश्विक मीडिया और राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। आज कतर का राजनीतिक प्रभाव सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। उसकी गूंज उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और पूरे एशिया में साफ देखी जा सकती है।
कतर में पहली बार महिलाओं को मिला वोटिंग का अधिकार
राजनीतिक सुधारों के मामले में भी शेख हमद का कार्यकाल ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने साल 2004 में कतर को उसका पहला स्थायी संविधान दिया। इसके बाद देश में नगर निकाय चुनाव शुरू कराए गए। इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह थी कि इसमें महिलाओं को पहली बार वोट डालने और चुनाव में उम्मीदवार बनने का अधिकार मिला। इसने कतर के रूढ़िवादी समाज में एक बड़ा बदलाव लाने का काम किया।
साल 2022 में कतर में फीफा मेन्स फुटबॉल वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ था। यह अरब दुनिया में होने वाला पहला फुटबॉल विश्व कप था। इस आयोजन की पूरी योजना शेख हमद के कार्यकाल में ही तैयार हुई थी। जब वह विश्व कप के उद्घाटन मैच में स्टेडियम पहुंचे, तो हजारों प्रशंसकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया था।
बेटे को सत्ता सौंपकर पेश की थी अनोखी मिसाल
खाड़ी देशों के इतिहास में शेख हमद ने एक और अनोखा कदम उठाया था। साल 2013 में उन्होंने अपनी मर्जी से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमाद अल थानी को सौंप दी थी। उस समय शेख तमीम की उम्र महज 33 साल थी। खाड़ी के किसी भी राजशाही देश में अपनी जिंदगी में जीते-जी सत्ता का हस्तांतरण करना बहुत दुर्लभ माना जाता है। उन्होंने ऐसा करके दुनिया को हैरान कर दिया था। सत्ता छोड़ने के बाद उन्हें ‘फादर अमीर’ की उपाधि दी गई थी।
कतर यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ अब्दुल्ला बन्दार अल एतैबी ने उनके काम की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि शेख हमद ने कतर को एक असाधारण देश में बदल दिया। उनका काम सिर्फ कतर तक सीमित नहीं रहा बल्कि पूरी दुनिया ने उनकी क्षमता को देखा। उन्होंने देश के विकास के लिए बहुत बड़े सपने देखे थे। उन्होंने एलएनजी में भारी निवेश करके उन सपनों को सच कर दिखाया।
दुनिया भर के नेताओं ने जताया दुख
शेख हमद के निधन पर दुनिया भर से शोक संदेश आ रहे हैं। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी ने सोशल मीडिया पर कतर के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा कि वह कतर के अमीर, वहां की सरकार और जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। खाड़ी के अन्य देशों और पश्चिमी देशों के प्रमुखों ने भी इसे एक बड़े युग का अंत बताया है। कतर के लोग आज अपने इस महान नेता के जाने से बेहद दुखी हैं।

