गाजा में नरसंहार जारी: इज़राइली हमलों में मृतकों की संख्या 53,000 से अधिक, मानवीय संकट गहरा
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, रियाद
गाजा पट्टी में इज़राइल द्वारा चलाए जा रहे घातक सैन्य अभियान ने एक बार फिर मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और स्थानीय स्वास्थ्य सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुए हमलों में एक ही दिन में कम से कम 143 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं, जबकि 150 से अधिक घायल हुए हैं। इससे घिरे हुए इस क्षेत्र में कुल मृतकों की संख्या 53,000 से भी अधिक हो चुकी है।
नरसंहार की भयावहता: गाजा पर बर्बर हमले जारी
18 मार्च 2025 को जब इज़राइल ने गाजा पर नए सिरे से आक्रमण शुरू किया, तब से अब तक लगभग 2,900 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। अल जजीरा और अनादोलु समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के हमलों में गाजा के जबालिया शरणार्थी शिविर में एक मेडिकल क्लिनिक पर भी इजरायली हमले हुए, जिनमें 13 बच्चे समेत कई लोग मारे गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस हमले ने अस्पताल की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद मरीज़ों को चकित कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट: घायलों और मृतकों की बढ़ती संख्या
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर 2023 से अब तक इज़राइल के आक्रामक सैन्य अभियान में मृतकों की संख्या लगभग 53,100 पहुंच गई है। साथ ही, पिछले 24 घंटों में 152 इजरायली घायल हुए हैं। घायलों की कुल संख्या 1,19,998 तक पहुंच चुकी है। भारी तबाही और मलबे के नीचे दबे हुए लोग अभी भी बचाए जाने की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन बचाव दल कई जगहों पर पहुंचने में असमर्थ हैं।
युद्ध विराम का टूटना और पुनः भड़कते संघर्ष
15 महीने तक चले सैन्य अभियान के बाद, जनवरी 2025 में संयुक्त राज्य अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय दबाव के तहत इजरायल ने गाजा में युद्ध विराम स्वीकार किया था। जनवरी और फरवरी के महीनों में शांति कायम रही, लेकिन मार्च के तीसरे सप्ताह में हमास और इजरायल के बीच सैनिक वापसी को लेकर मतभेद उभरे, जिसके बाद इजरायल ने पुनः हवाई हमलों की शुरुआत की।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 18 मार्च से हुए हमलों में लगभग 2,876 फिलिस्तीनी मारे गए और करीब 8,000 घायल हुए हैं। यह बर्बर कार्रवाई जनवरी में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है।
मानवीय संकट गहरा: विस्थापन और बुनियादी सुविधाओं का विनाश
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में लगभग 90 प्रतिशत फिलिस्तीनी नागरिक विस्थापित हो चुके हैं, और अधिकांश बुनियादी अवसंरचना जैसे अस्पताल, स्कूल, बिजली और पानी की आपूर्ति बुरी तरह क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इस घातक परिस्थिति ने स्थानीय जनता को गहन मानवीय संकट में धकेल दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की बढ़ती निंदा
इजराइल पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। पिछले साल नवंबर में, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने गाजा में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके अतिरिक्त, इज़राइल को इस घिरे हुए क्षेत्र पर चलाए जा रहे नरसंहार के कारण अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में भी गंभीर मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।
विश्लेषण:
गाजा की इस त्रासदी ने मध्यपूर्व में तनाव को और भी बढ़ा दिया है। लगातार जारी हवाई हमलों और घातक सैन्य अभियानों ने न केवल फिलिस्तीनी जनता को अकल्पनीय पीड़ा में डाला है, बल्कि विश्व समुदाय के सामने भी मानवाधिकारों की हनन की ज्वलंत चुनौती पेश की है। युद्ध विराम की कोशिशें असफल हो चुकी हैं और फिलिस्तीनी नागरिकों का जीवन संकट में है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी
इस मानवीय संकट के बीच, विश्व शक्तियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील है कि वे तत्काल सक्रिय हों और गाजा में जारी हिंसा को रोकने के लिए प्रभावी कूटनीतिक प्रयास करें। साथ ही, पीड़ितों को राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है ताकि इस त्रासदी का असर कम किया जा सके।
निष्कर्ष:
गाजा के लोग वर्षों से संघर्ष और प्रताड़ना झेल रहे हैं, और अब भी उनका जीवन इज़राइल के अत्याचारों के बीच दांव पर है। इस नरसंहार को रोकना और वहां के लोगों को न्याय दिलाना पूरी मानवता की जिम्मेदारी है। जल्द से जल्द स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि लाखों निर्दोष फिलिस्तीनी लोग इस घोर संकट से उबर सकें।

