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सऊदी अरब में जुटे खाड़ी देशों के दिग्गज: मध्य-पूर्व के संकट पर महामंथन

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, जद्दा(सऊदी अरब):

सऊदी अरब के तटीय शहर जेद्दा में मंगलवार को खाड़ी देशों की एक महत्वपूर्ण ‘परामर्श शिखर बैठक’ (Consultative Summit) का आयोजन किया गया। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के भविष्य पर गहरा विचार-विमर्श किया गया।

शाही स्वागत और एकजुटता का संदेश

शिखर सम्मेलन की शुरुआत किंग अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक भव्य स्वागत समारोह से हुई। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने व्यक्तिगत रूप से कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद, बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल-खलीफा और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दृश्य खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के भीतर बढ़ती एकता और शक्ति का प्रतीक माना जा रहा है।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने किया, जिनका स्वागत सऊदी विदेश मंत्री शहजादा फैसल बिन फरहान ने किया।

एजेंडे में क्षेत्रीय स्थिरता सर्वोपरि

सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मध्य-पूर्व की मौजूदा अस्थिर स्थिति और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा करना था। सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:

  • रणनीतिक समन्वय: क्षेत्र में जारी संघर्षों और सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए साझा रुख अपनाना।
  • आर्थिक सहयोग: तेल बाजार की अस्थिरता और भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर चर्चा।
  • कूटनीतिक प्रयास: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खाड़ी देशों की आवाज़ को और अधिक प्रभावी बनाना।

वैश्विक नजरिया

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया की नजरें मध्य-पूर्व के बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं। विशेषज्ञ इसे सऊदी अरब के उस बढ़ते प्रभाव के रूप में देख रहे हैं, जहाँ वह पूरे क्षेत्र को एक सूत्र में पिरोकर एक ‘स्थिर ब्लॉक’ के रूप में पेश करना चाहता है।

सऊदी विदेश मंत्री शहजादा फैसल बिन फरहान की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सऊदी अरब अब रक्षात्मक नीति के बजाय सक्रिय कूटनीति (Active Diplomacy) पर जोर दे रहा है। जेद्दा से निकला यह संदेश साफ है: खाड़ी देश अपनी समस्याओं का समाधान निकालने और वैश्विक संकटों में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार और एकजुट हैं।