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गुरुग्राम : इंजीनियर इंशाराह अय्यूबी की हत्या और श्रेष्ठ मलिक की आत्महत्या से सनसनी

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, गुरूग्राम( हरियाणा)

गुरुग्राम में दो युवा इंजीनियरों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। एक तरफ सेक्टर 55 स्थित एक फ्लैट से 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर इंशाराह अय्यूबी का खून से लथपथ शव मिला। दूसरी तरफ करीब 60 किलोमीटर दूर गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर 25 वर्षीय एआई इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक का शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में दोनों घटनाएं एक दूसरे से जुड़ी मिलीं। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि श्रेष्ठ मलिक ने पहले अपनी सहकर्मी इंशाराह अय्यूबी की हत्या की और उसके बाद ट्रेन के सामने आकर अपनी जान दे दी। हालांकि पुलिस ने अभी इस निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच कई पहलुओं से जारी है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली इंशाराह अय्यूबी के परिवार का उनसे संपर्क टूट गया। कई बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। चिंतित परिजनों ने गुरुग्राम के सेक्टर 56 थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए इंशाराह के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। लोकेशन सेक्टर 55 स्थित एक वन आरके फ्लैट की मिली। यह फ्लैट उनके सहकर्मी श्रेष्ठ मलिक का था।

पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फ्लैट बाहर से बंद था। पड़ोसियों से पूछताछ की गई लेकिन किसी ने किसी तरह के शोर या विवाद की जानकारी नहीं दी। जब पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे में इंशाराह अय्यूबी का शव खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस के अनुसार उनके शरीर पर कई चाकू के वार थे। गला भी काटा गया था। प्रारंभिक जांच से पता चला कि उनकी मौत लगभग चौबीस घंटे पहले हो चुकी थी।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए। खून के नमूने, हथियार से जुड़े संभावित सबूत और डिजिटल उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया। पुलिस का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट इस मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इसी दौरान जांच अधिकारियों को जानकारी मिली कि गढ़ी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव पहले ही बरामद हो चुका है। शुरुआत में इसे रेल दुर्घटना माना गया था। लेकिन जब उसके पास मिले मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच हुई तो उसकी पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। इसके बाद दोनों मामलों को जोड़कर देखा गया।

पुलिस के अनुसार इंशाराह अय्यूबी और श्रेष्ठ मलिक गुरुग्राम स्थित अंतरराष्ट्रीय हेल्थकेयर कंपनी ऑप्टम में कार्यरत थे। दोनों ने पिछले वर्ष एक ही दिन कंपनी जॉइन की थी। दोनों एक ही ऑफिस कैब से दफ्तर आते जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इंशाराह कुछ दिन पहले ही श्रेष्ठ मलिक के फ्लैट में रहने आई थीं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों के बीच संबंधों की वास्तविक प्रकृति क्या थी और क्या किसी निजी विवाद ने इस घटना को जन्म दिया।

हालांकि अभी तक पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए हत्या और आत्महत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड, ईमेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि दोनों की आखिरी गतिविधियों का पूरा क्रम सामने आ सके।

सेक्टर 56 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि महिला के परिवार की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों से भी विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि श्रेष्ठ मलिक छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले थे। उन्होंने एनआईटी रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। ऑप्टम में नौकरी शुरू करने से पहले वह एक प्रमुख तकनीकी कंपनी में इंटर्नशिप भी कर चुके थे। जून की शुरुआत में वह अपना जन्मदिन मनाने घर गए थे। घटना से कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपनी मां से आखिरी बार फोन पर बात की थी।

वहीं इंशाराह अय्यूबी उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली थीं। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने ऑप्टम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया। परिवार के अनुसार वह अपने काम को लेकर बेहद गंभीर थीं और नियमित रूप से घरवालों के संपर्क में रहती थीं।

इस दोहरे मौत के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। क्या मानसिक तनाव इसकी वजह बना। क्या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका है। इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है।

गुरुग्राम पुलिस और सरकारी रेलवे पुलिस समानांतर जांच कर रही हैं। दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि महानगरों में काम करने वाले युवाओं के जीवन, मानसिक दबाव, व्यक्तिगत रिश्तों और डिजिटल जांच की बढ़ती भूमिका पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

EO Optimized FAQ

गुरुग्राम में इंजीनियर की हत्या का मामला क्या है?

सेक्टर 55 के एक फ्लैट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर इंशाराह अय्यूबी का शव मिला। पुलिस को संदेह है कि उनके सहकर्मी श्रेष्ठ मलिक ने उनकी हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली।

इंशाराह अय्यूबी कौन थीं?

इंशाराह अय्यूबी उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली थीं। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से इंजीनियरिंग की थी और गुरुग्राम की ऑप्टम कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजियर थीं।

श्रेष्ठ मलिक कौन थे?

श्रेष्ठ मलिक छत्तीसगढ़ के भिलाई के निवासी थे। उन्होंने एनआईटी रायपुर से इंजीनियरिंग की थी और ऑप्टम में एआई इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे।

हत्या की वजह क्या थी?

पुलिस ने अभी तक किसी निश्चित वजह की पुष्टि नहीं की है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल, लैपटॉप और सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी है।

पुलिस अब क्या जांच कर रही है?

पुलिस कॉल रिकॉर्ड, चैट, डिजिटल डेटा, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दोनों परिवारों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

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