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SEWA की पहल से इमरान बने जेल पुलिसकर्मी, महाराष्ट्र में विस्तार

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नागपुर, मुंबई

शिक्षा और रोजगार के रास्ते में आर्थिक कमजोरी अक्सर बड़ी बाधा बन जाती है। लेकिन सही मार्गदर्शन और लगातार मेहनत मिले तो तस्वीर बदल सकती है। महाराष्ट्र में SEWA इसी सोच के साथ काम कर रहा है। गैर सरकारी संगठन और कुछ सेवानिवृत्त मुस्लिम बुद्धिजीवियों की पहल से चल रहे इस प्रयास ने अब अपनी उपयोगिता साबित करनी शुरू कर दी है।

SEWA से प्रशिक्षण लेने वाले इमरान शेख इसका एक उदाहरण हैं। मजदूर परिवार से आने वाले इमरान का चयन अमरावती जेल पुलिस में हुआ है। उनकी मेहनत और बेहतर कार्यकुशलता के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।

इमरान अमरावती जिले के पहापल गांव के रहने वाले हैं। पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू करने से पहले वह खेतों में मजदूरी करते थे। सोयाबीन की कटाई जैसे काम करके परिवार की मदद करते थे। आर्थिक स्थिति आसान नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी।

यवतमाल पुलिस कोचिंग से जुड़ने के बाद उनकी तैयारी को दिशा मिली। मेहनत का परिणाम सामने आया और उनका चयन जेल पुलिस में हो गया। SEWA से जुड़े लोगों के लिए यह केवल एक छात्र की सफलता नहीं है। इसे उस मॉडल की सफलता के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें शिक्षा, अनुशासन और रोजगार की तैयारी को एक साथ जोड़ा गया है।

SEWA से जुड़े लोगों का कहना है कि इमरान ने संस्था में अनुशासन, मेहनत, ईमानदारी और समाजसेवा जैसे मूल्यों को सीखा। अब वह इन्हीं मूल्यों को अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं।

इमरान की सफलता को लेकर सोशल मीडिया पर भी भावनात्मक प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस सांसद और शायर इमरान प्रतापगढ़ी की चर्चित पंक्तियां भी इस मौके पर साझा की गईं, जिसमें मजदूर और मेहनतकश तबके की भूमिका को सम्मान देने की बात कही गई है।

मुंबई में हुआ SEWA का परिचय कार्यक्रम

SEWA की गतिविधियों को महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी भी चल रही है। इसी सिलसिले में 8 अगस्त 2026 को मुंबई के इस्लाम जिमखाना में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन मौलाना आजाद एकता फाउंडेशन के निमंत्रण पर हुआ। इसका विषय था, “SEWA का तारूफ, रोड मैप फॉर एजुकेशन अपलिफ्ट इन कम्युनिटी।” कार्यक्रम में शिक्षा के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास पर चर्चा हुई।

SEWA से जुड़े प्रतिनिधियों ने संस्था के कामकाज और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सियासी लोगों के साथ बुद्धिजीवियों ने भी रुचि दिखाई।

कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. वजाहत मिर्जा की भूमिका रही। उन्होंने बताया कि SEWA मॉडल को महाराष्ट्र के अलग अलग इलाकों में ले जाने की योजना है। इसका मकसद समुदाय में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार के लिए तैयार करना है।

सितंबर में भिवंडी, अक्टूबर में औरंगाबाद और कराड

SEWA के विस्तार की अगली कड़ी में सितंबर में भिवंडी में कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद अक्टूबर में औरंगाबाद और कराड में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

SEWA से जुड़े लोगों की कोशिश है कि शिक्षा और कौशल विकास का यह मॉडल महाराष्ट्र के ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।

इमरान शेख की सफलता इस अभियान के लिए एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई है। एक ऐसा युवा जो कभी खेत में मजदूरी करता था, आज जेल पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहा है। यह बदलाव बताता है कि शिक्षा और सही प्रशिक्षण किसी युवा की दिशा बदल सकते हैं।

SEWA के विस्तार के पीछे यही सोच बताई जा रही है। लक्ष्य केवल नौकरी दिलाना नहीं है। युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी इसका हिस्सा है।

इस पहल को धार्मिक मूल्यों से भी जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में कुरआन की सूरह अल बकरा की आयत 110 का हवाला दिया गया। इसमें नमाज कायम करने और जकात देने के साथ इंसान के अच्छे कर्मों को महत्व दिया गया है।

SEWA से जुड़े लोगों का मानना है कि शिक्षा और समाजसेवा को साथ लेकर चलने से समुदाय के भीतर लंबे समय का बदलाव लाया जा सकता है। इमरान शेख की कहानी इसी बदलाव की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण मिसाल है। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र के दूसरे जिलों में SEWA मॉडल कितनी तेजी से युवाओं तक पहुंचता है और कितने इमरान अपनी नई पहचान बनाने में सफल होते हैं।

AEO के लिए प्रमुख सवाल

SEWA क्या है?
SEWA शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी के जरिए युवाओं को आगे बढ़ाने की पहल है।

इमरान शेख कौन हैं?
इमरान शेख अमरावती जिले के ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले युवा हैं। उनका चयन जेल पुलिस में हुआ है।

इमरान पहले क्या काम करते थे?
पुलिस भर्ती की तैयारी से पहले वह खेतों में मजदूरी करते थे और सोयाबीन की कटाई का काम करते थे।

SEWA का महाराष्ट्र में क्या लक्ष्य है?
SEWA मॉडल को महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों तक पहुंचाकर शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना इसका प्रमुख लक्ष्य है।

अगले कार्यक्रम कहां होंगे?
सितंबर में भिवंडी और अक्टूबर में औरंगाबाद तथा कराड में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।