डियर मुस्लिम ऐप से कुरान, नमाज़ और ज़कात की जानकारी एक जगह
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मुस्लिम नाउ | नई दिल्ली
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में धार्मिक जिम्मेदारियों के लिए समय निकालना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। काम, पढ़ाई, यात्रा और दूसरी रोजमर्रा की व्यस्तताओं के बीच नमाज़ का समय देखना, कुरान पढ़ना, दुआ याद करना या ज़कात की गणना करना हमेशा आसान नहीं होता। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश में एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इसका नाम प्रियो मुस्लिम है। इसे डियर मुस्लिम ऐप के नाम से भी जाना जा रहा है।
इस वेब ऐप का उद्देश्य दैनिक जीवन से जुड़ी जरूरी इस्लामी जानकारी और सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराना है। प्लेटफॉर्म पर कुरान, हदीस, नमाज़ के समय, दुआ, मसाला मसायल, ज़कात कैलकुलेटर और डिजिटल तस्बीह जैसी सुविधाएं दी गई हैं। बांग्लादेश के सभी 64 जिलों के लिए नमाज़ का समय देखने की सुविधा भी इसमें शामिल है।
64 जिलों के लिए नमाज़ का समय
प्रियो मुस्लिम की प्रमुख सुविधाओं में नमाज़ का समय जानने की व्यवस्था है। उपयोगकर्ता बांग्लादेश के किसी भी जिले का चयन करके वहां की नमाज़ का समय देख सकते हैं। इसमें फज्र, सूर्योदय, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब और ईशा का समय शामिल है।
ऐप केवल दिन की नमाज़ों का समय बताने तक सीमित नहीं है। इसमें यह भी देखा जा सकता है कि इस समय कौन सी नमाज़ का वक्त चल रहा है। अगली नमाज़ शुरू होने में कितना समय बाकी है, इसकी जानकारी भी स्क्रीन पर मिलती है।
व्यस्त लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो नौकरी, कारोबार या पढ़ाई के कारण दिनभर अलग अलग जगहों पर रहते हैं। मोबाइल या इंटरनेट की मदद से वे अपने जिले के अनुसार नमाज़ का समय देख सकते हैं।
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— The Quran Project (@QURANPROJECTorg) August 29, 2026
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कुरान पढ़ने और सुनने की सुविधा
प्लेटफॉर्म का कुरान सेक्शन भी इसकी अहम विशेषताओं में शामिल है। यहां कुरान की आयतें अरबी में उपलब्ध हैं। इसके साथ बंगाली अनुवाद दिया गया है। उपयोगकर्ता 114 सूरहों का ऑडियो पाठ भी सुन सकते हैं।
कुरान पढ़ने वाले लोगों के लिए अरबी पाठ और अनुवाद का एक साथ उपलब्ध होना मददगार हो सकता है। जो लोग यात्रा में हों या किसी वजह से किताब साथ न रख पाएं, वे डिजिटल माध्यम से कुरान की तिलावत सुन सकते हैं।
इस सुविधा का एक दूसरा पहलू भी है। बंगाली भाषी उपयोगकर्ताओं को अपनी भाषा में अर्थ समझने में आसानी हो सकती है। इससे कुरान को पढ़ने के साथ उसके संदेश को समझने की कोशिश भी की जा सकती है।
हदीस के लिए अलग सेक्शन
प्रियो मुस्लिम में हदीस के लिए भी एक अलग सेक्शन तैयार किया गया है। इसमें बुखारी, मुस्लिम और तिरमिज़ी समेत विभिन्न स्रोतों से हदीसें शामिल की जा रही हैं।
प्लेटफॉर्म के संस्थापक तौफीकुल इस्लाम के अनुसार, 500 से अधिक हदीस जोड़ने का काम चल रहा है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को इस्लामी शिक्षाओं से जुड़ी सामग्री एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना है।
हालांकि धार्मिक सामग्री के मामले में स्रोत और प्रामाणिकता का महत्व बहुत अधिक होता है। इसलिए किसी भी डिजिटल हदीस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय उपयोगकर्ताओं के लिए संदर्भ और स्रोत की जानकारी देखना जरूरी है। खासकर धार्मिक मामलों में किसी महत्वपूर्ण फैसले के लिए योग्य आलिम या विद्वान से सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
दुआ और मसाला मसायल की जानकारी
दैनिक जीवन में मुसलमानों के सामने कई तरह के धार्मिक सवाल आते हैं। नमाज़, रोजा, पाकीजगी, कारोबार, परिवार और दूसरे सामाजिक मामलों से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने के लिए लोग अक्सर अलग अलग किताबों या वेबसाइटों का सहारा लेते हैं।
प्रियो मुस्लिम ने इन जरूरतों के लिए दुआ और मसाला मसायल के अलग सेक्शन बनाए हैं। उपयोगकर्ता अपनी जरूरत के अनुसार दुआ या धार्मिक जानकारी खोज सकते हैं।
संस्थापक के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर 250 से अधिक मसाले जोड़ने का काम भी चल रहा है। इससे संकेत मिलता है कि ऐप को केवल नमाज़ के समय बताने वाले साधारण टूल के रूप में नहीं, बल्कि दैनिक इस्लामी जानकारी के डिजिटल स्रोत के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
ज़कात कैलकुलेटर से आसान होगी गणना
ज़कात इस्लामी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अपनी संपत्ति और दूसरी योग्य रकम के आधार पर ज़कात की गणना करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है।
प्रियो मुस्लिम में इसके लिए ज़कात कैलकुलेटर उपलब्ध कराया गया है। उपयोगकर्ता इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से अपनी ज़कात की गणना करने की कोशिश कर सकते हैं।
ऐसे टूल का इस्तेमाल करते समय यह समझना जरूरी है कि ज़कात के नियम हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और संपत्ति के प्रकार पर निर्भर कर सकते हैं। इसलिए जटिल मामलों में धार्मिक जानकार से पुष्टि करना जरूरी है। डिजिटल कैलकुलेटर गणना को आसान बना सकता है, लेकिन धार्मिक सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
The Muslim Prayer App by The Qur'an Project is now available, bringing Salah and Wudu guidance, prayer times, Qibla Finder, Qur'an, and more together in one place.
— The Quran Project (@QURANPROJECTorg) August 30, 2026
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डिजिटल तस्बीह भी उपलब्ध
प्लेटफॉर्म पर डिजिटल तस्बीह की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए उपयोगकर्ता अपने ज़िक्र की गिनती कर सकते हैं।
मोबाइल फोन अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में डिजिटल तस्बीह उन लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकती है जो फोन के जरिए अपने ज़िक्र की संख्या दर्ज रखना चाहते हैं।
यह सुविधा ऐप को केवल धार्मिक जानकारी देने वाले प्लेटफॉर्म के बजाय दैनिक इबादत से जुड़े डिजिटल टूल के रूप में भी पेश करती है।
व्यस्त जीवन में डिजिटल इस्लामी सेवाओं की बढ़ती जरूरत
मोबाइल इंटरनेट के विस्तार ने धार्मिक जानकारी हासिल करने का तरीका भी बदला है। पहले लोग धार्मिक सवालों के लिए किताबों, मस्जिदों या मदरसों पर अधिक निर्भर रहते थे। अब स्मार्टफोन के जरिए कुरान, हदीस, नमाज़ का समय और दुआ जैसी जानकारी कुछ ही सेकंड में खोजी जा सकती है।
यही वजह है कि इस्लामिक ऐप और वेब प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ रही है। इनमें नमाज़ टाइम, किबला दिशा, कुरान ऐप, हदीस ऐप, दुआ और ज़कात कैलकुलेटर जैसी सुविधाएं आम होती जा रही हैं।
प्रियो मुस्लिम भी इसी डिजिटल बदलाव का हिस्सा है। इसकी खासियत यह है कि कई अलग अलग सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
बांग्लादेश पर विशेष ध्यान
प्रियो मुस्लिम की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका बांग्लादेश केंद्रित नमाज़ समय सेक्शन है। यहां देश के 64 जिलों को ध्यान में रखा गया है। इससे स्थानीय उपयोगकर्ताओं को अपने जिले के अनुसार धार्मिक समय देखने की सुविधा मिलती है।
स्थानीय स्तर की जानकारी डिजिटल धार्मिक सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण होती है। नमाज़ के समय में स्थान के अनुसार अंतर होता है। इसलिए जिले या स्थान के अनुसार समय उपलब्ध कराना उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
एक जगह धार्मिक जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश
प्रियो मुस्लिम के संस्थापक तौफीकुल इस्लाम का कहना है कि प्लेटफॉर्म का उद्देश्य धार्मिक जानकारी और सेवाओं को एक केंद्रीय ऑनलाइन स्रोत के रूप में उपलब्ध कराना है।
इसमें कुरान, हदीस, नमाज़ का समय, दुआ, मसाला मसायल, ज़कात कैलकुलेटर और डिजिटल तस्बीह जैसी सुविधाओं को एक साथ रखा गया है। आने वाले समय में हदीस और मसाला मसायल की संख्या बढ़ाने की योजना भी बताई गई है।
अगर इस प्लेटफॉर्म पर सामग्री लगातार बढ़ती है और उसकी गुणवत्ता तथा स्रोतों की विश्वसनीयता बनाए रखी जाती है, तो यह बांग्लादेश के मुस्लिम उपयोगकर्ताओं के लिए एक उपयोगी डिजिटल धार्मिक संसाधन बन सकता है।
फिलहाल इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि रोजमर्रा की इस्लामी जरूरतों से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं। नमाज़ का समय देखने से लेकर कुरान सुनने, हदीस पढ़ने, दुआ तलाशने और ज़कात की गणना करने तक की व्यवस्था यहां की गई है।
डिजिटल दौर में धार्मिक जीवन और तकनीक का यह मेल आगे और व्यापक हो सकता है। ऐसे प्लेटफॉर्म लोगों को जानकारी तक जल्दी पहुंच दे सकते हैं। साथ ही यह भी जरूरी है कि धार्मिक सामग्री के साथ प्रमाणिक स्रोत, स्पष्ट संदर्भ और विद्वानों की राय को पर्याप्त महत्व दिया जाए।
सवाल जवाब
प्रियो मुस्लिम ऐप क्या है?
प्रियो मुस्लिम एक वेब ऐप है, जिसमें कुरान, हदीस, नमाज़ का समय, दुआ, मसाला मसायल, ज़कात कैलकुलेटर और डिजिटल तस्बीह जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
क्या प्रियो मुस्लिम में नमाज़ का समय देखा जा सकता है?
हां। बांग्लादेश के 64 जिलों के लिए फज्र, सूर्योदय, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब और ईशा का समय देखने की सुविधा दी गई है।
क्या इसमें कुरान पढ़ और सुन सकते हैं?
हां। कुरान का अरबी पाठ, बंगाली अनुवाद और 114 सूरहों का ऑडियो उपलब्ध कराया गया है।
क्या प्रियो मुस्लिम में हदीस भी हैं?
हां। इसमें बुखारी, मुस्लिम और तिरमिज़ी सहित विभिन्न स्रोतों की हदीसें शामिल की जा रही हैं। 500 से अधिक हदीस जोड़ने का काम चल रहा है।
क्या ज़कात की गणना की जा सकती है?
हां। प्लेटफॉर्म पर ज़कात कैलकुलेटर उपलब्ध है।
क्या डिजिटल तस्बीह की सुविधा है?
हां। उपयोगकर्ता डिजिटल तस्बीह के जरिए ज़िक्र की गिनती कर सकते हैं।
क्या इसमें इस्लामी सवालों के जवाब मिल सकते हैं?
प्लेटफॉर्म पर मसाला मसायल और दुआ से जुड़े अलग सेक्शन हैं। हालांकि जटिल या व्यक्तिगत धार्मिक मामलों में योग्य इस्लामी विद्वान से सलाह लेना उचित है।

