जामिया मिल्लिया में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती मुकाबला, मौलाना आज़ाद यूनिवर्सिटी में खेलों से विकास पर ज़ोर
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो,नई दिल्ली / हैदराबाद,
भारत के उच्च शिक्षण संस्थान न केवल अकादमिक उत्कृष्टता बल्कि खेल और शारीरिक विकास के क्षेत्र में भी लगातार अपनी पहचान मज़बूत कर रहे हैं। इसी कड़ी में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली और मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU), हैदराबाद में हाल ही में आयोजित खेल आयोजनों ने यह सिद्ध कर दिया कि विश्वविद्यालय परिसरों में खेल गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम बन रही हैं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में 5वें वर्ल्ड कप ज़ुरखाने स्पोर्ट्स और कोश्ती पहलवानी चैंपियनशिप का आयोजन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेम्स एंड स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने ज़ुरखाने स्पोर्ट्स एंड कुश्ती फेडरेशन (इंडिया) के सहयोग से 23 और 24 दिसंबर 2025 को 5वें वर्ल्ड कप ज़ुरखाने स्पोर्ट्स और कोश्ती पहलवानी चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता जामिया के नवाब मंसूर अली खान पटौदी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में संपन्न हुई।
इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में ईरान, इराक, अज़रबैजान, बेलारूस, युगांडा, तंजानिया और भारत सहित कुल सात देशों के लगभग 130 अंतरराष्ट्रीय एथलीटों ने भाग लिया। विभिन्न देशों से आए पहलवानों ने पारंपरिक ज़ुरखाने खेलों और कोश्ती पहलवानी में अपने दमखम का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे यह आयोजन खेल प्रेमियों के लिए यादगार बन गया।
भारतीय पहलवानों का शानदार प्रदर्शन
चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी प्रथम वर्ष के छात्र और अनुभवी कुश्ती खिलाड़ी श्री वसीम खान ने 80 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार मुकाबला करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि जामिया के खेल वातावरण की गुणवत्ता को भी दर्शाती है।
इसके अलावा भारतीय पहलवानों की उपलब्धियाँ इस प्रकार रहीं—
- श्री अनिकेत शर्मा – 60 किलोग्राम भार वर्ग – स्वर्ण पदक
- श्री प्रशांत कुमार – 70 किलोग्राम भार वर्ग – स्वर्ण पदक
- श्री वसीम खान – 80 किलोग्राम भार वर्ग – रजत पदक
- श्री सुमित कुमार – 90 किलोग्राम भार वर्ग – कांस्य पदक
टीम रैंकिंग और समग्र परिणाम
कोश्ती पहलवानी स्पर्धा में टीम रैंकिंग के लिहाज़ से ईरान ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि भारत दूसरे और अज़रबैजान तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, समग्र चैंपियनशिप रैंकिंग में ईरान ने शीर्ष स्थान हासिल किया, उसके बाद इराक दूसरे और अज़रबैजान तीसरे स्थान पर रहा।

विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के माननीय कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ ने इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति और गेम्स एंड स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट की सराहना की। उन्होंने सभी पदक विजेताओं और विभिन्न देशों से आए एथलीटों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।
JMI के रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी ने भी इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को उत्कृष्ट ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजकों के प्रयासों की प्रशंसा की और सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
‘क्लोज़िंग और प्राइज़ डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी’ में JMI की गेम्स एंड स्पोर्ट्स कमेटी के चेयरमैन प्रो. मोहम्मद महफूज़ुल हक ने विजेताओं को पदक प्रदान किए। उन्होंने सात देशों के एथलीटों की भागीदारी को खेलों के माध्यम से वैश्विक भाईचारे का प्रतीक बताया।
वहीं, गेम्स एंड स्पोर्ट्स के मानद निदेशक प्रो. नफीस अहमद ने विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया, जिनके सहयोग से यह प्रतिष्ठित आयोजन संभव हो सका। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के समर्पण और खेल भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में इंटर-हॉस्टल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ
इसी क्रम में, मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU), हैदराबाद में भी खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। यूनिवर्सिटी में मेल और फीमेल हॉस्टल्स के बीच इंटर-हॉस्टल स्पोर्ट्स, कल्चरल और लिटरेरी कॉम्पिटिशन का भव्य उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर वाइस चांसलर प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियाँ विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद ज़रूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उर्दू यूनिवर्सिटी में छात्रों को खेलों के लिए उत्कृष्ट सुविधाएँ और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया गया है।

छात्रों में उत्साह, खेल भावना का प्रदर्शन
इन वार्षिक प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार से हुई, जिसमें रजिस्ट्रार प्रो. इश्तियाक अहमद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। डीन स्टूडेंट वेलफेयर, प्रोवोस्ट्स, वार्डन और डायरेक्टरेट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (DPES) के अधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहली प्रतियोगिता 400 मीटर दौड़ रही, जिसे वाइस चांसलर ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। प्रतियोगिता से पहले प्रतिभागियों को रूट और सुरक्षा निर्देशों की पूरी जानकारी दी गई।
400 मीटर दौड़ के परिणाम
- आयशा नाज़ (गुलज़ार हॉस्टल) – प्रथम स्थान
- इकरा खातून (कुरत-उल-ऐन हॉस्टल D-2) – द्वितीय स्थान
- फलक नूर (गुलज़ार हॉस्टल) – तृतीय स्थान
प्रतियोगिता के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर की ओर से मेडिकल सहायता की समुचित व्यवस्था की गई थी।

खेलों से एकता और अनुशासन
कार्यक्रम का समापन प्रोवोस्ट बॉयज़ हॉस्टल प्रो. मोहम्मद शाहिद रज़ा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच एकता, टीमवर्क और अनुशासन की भावना को मजबूत करते हैं और एक सकारात्मक व स्वस्थ वातावरण का निर्माण करते हैं।
निष्कर्ष
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में आयोजित ये दोनों आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि भारतीय विश्वविद्यालय खेलों को शिक्षा का अभिन्न अंग मानते हुए छात्रों को वैश्विक मंच के लिए तैयार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कुश्ती से लेकर इंटर-हॉस्टल प्रतियोगिताओं तक, ये प्रयास न केवल प्रतिभाओं को निखारते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में स्वास्थ्य, अनुशासन और सौहार्द की भावना को भी मज़बूत करते हैं।

