फीफा वर्ल्ड कप खेलेगा ईरान, रखीं दस बड़ी शर्तें
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, तेहरान
ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने साफ कर दिया है कि ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी। लेकिन इसके साथ ही उसने मेजबान देशों अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के सामने कई शर्तें भी रख दी हैं। ईरान का कहना है कि उसकी टीम, खिलाड़ियों और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। कुछ हफ्ते पहले कनाडा ने ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख को फीफा कांग्रेस में शामिल होने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था। कनाडा सरकार ने उन पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से संबंध होने का आरोप लगाया था। कनाडा ने 2024 में इस संगठन को आतंकवादी समूह घोषित किया था।
ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि टीम वर्ल्ड कप जरूर खेलेगी, लेकिन अपने विश्वास, संस्कृति और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटेगी। फेडरेशन ने कहा कि मेजबान देशों को ईरान की चिंताओं को गंभीरता से लेना होगा।
2026 FIFA World Cup का आयोजन अगले साल अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होगा। यह टूर्नामेंट अब तक का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप माना जा रहा है। इसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी और कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। उद्घाटन मैच मेक्सिको सिटी में होगा जबकि फाइनल न्यू जर्सी में खेला जाएगा।
ईरान की टीम ग्रुप जी में शामिल है। उसके साथ बेल्जियम, न्यूजीलैंड और मिस्र की टीमें हैं। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार ईरान के मुकाबले लॉस एंजेलिस और सिएटल में खेले जाने हैं।
ईरान फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष मेहदी ताज ने सरकारी टीवी पर कहा कि ईरान ने वर्ल्ड कप में भागीदारी के लिए दस शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि टीम को लेकर सुरक्षा और सम्मान दोनों जरूरी हैं। ईरान चाहता है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और अधिकारियों को समय पर वीजा मिले। साथ ही एयरपोर्ट, होटल और स्टेडियम तक आने जाने के रास्तों पर कड़ी सुरक्षा हो।
ईरान ने यह भी मांग की है कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान उसके राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान किया जाए। फेडरेशन को डर है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में टीम को विरोध या भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरानी खिलाड़ी वर्ल्ड कप में स्वागत योग्य हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है, खासकर उन लोगों पर जिनके संबंध ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से बताए जाते हैं।
फुटबॉल प्रेमियों का मानना है कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों पर वैश्विक राजनीति का असर लगातार बढ़ा है। रूस यूक्रेन युद्ध से लेकर मध्य पूर्व के तनाव तक, कई घटनाओं ने खेल जगत को प्रभावित किया है।
ईरान के लिए यह वर्ल्ड कप सिर्फ खेल नहीं बल्कि अपनी पहचान और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बन गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको ईरान की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल इतना तय है कि मैदान पर मुकाबले शुरू होने से पहले ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 राजनीति और कूटनीति की चर्चा में आ चुका है।

