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ईरान युद्ध लाइव: ट्रंप ने कहा अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी करेगा

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना तुरंत हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी शुरू करेगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों को भी रोका जाएगा जिन्होंने ईरान को किसी भी तरह का टैक्स दिया है।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने वार्ता विफल होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता इसलिए टूटी क्योंकि अमेरिकी अधिकारी ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी पुष्टि की है कि ईरान के साथ बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। वेंस ने दावा किया कि उन्होंने अपनी तरफ से आखिरी और सबसे अच्छा प्रस्ताव रखा था।

दूसरी ओर ईरान ने उन अमेरिकी दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि उनके दो जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरे हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी सैन्य जहाज इस रास्ते से निकलने की कोशिश करेगा तो उसे बहुत सख्त जवाब दिया जाएगा।

वहीं इजरायल की ओर से दक्षिणी लेबनान पर हमले जारी हैं। तेफाहता कस्बे में हुए ताजा हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। क्षेत्र में हताहतों की बढ़ती संख्या पर नजर रखने के लिए आप हमारे लाइव ट्रैकर को देख सकते हैं।

ईरान की जवाबी चेतावनी

तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने दावा किया कि उसके दो जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरे हैं। ईरान ने अमेरिका के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर कोई भी सैन्य जहाज उनकी जलसीमा या इस महत्वपूर्ण रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे “करारा जवाब” दिया जाएगा।

इजरायल के हमले और लेबनान में तबाही

एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी और कूटनीतिक जंग जारी है तो दूसरी तरफ जमीनी हालात भी बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायल ने दक्षिण लेबनान में अपने हमले और तेज कर दिए हैं। ताजा खबरों के मुताबिक लेबनान के तेफाहता कस्बे में हुए एक भीषण हमले में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई है। इजरायली सेना का कहना है कि वे अपने लक्ष्यों पर सटीक हमले कर रहे हैं लेकिन जान-माल का नुकसान लगातार बढ़ रहा है।

संकट के साये में दुनिया

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्ता है। दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी रास्ते पर निर्भर है। अमेरिका द्वारा इस रास्ते की नाकाबंदी करने और ईरान की पलटवार की धमकी ने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सैन्य तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कच्चा तेल और महंगा हो सकता है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े हुए हैं और कूटनीति की जगह अब मोर्चों पर हलचल बढ़ गई है।

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