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ईरान की चेतावनी: अभी सबसे खतरनाक हथियार बाकी, युद्ध चौथे दिन और फैला

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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, रियाद, दुबई

मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ कहा है कि उसने अभी तक अपने सबसे उन्नत हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया है। तेहरान का कहना है कि वह लंबे युद्ध के लिए तैयार है और उसके पास अभी भी शक्तिशाली सैन्य क्षमता मौजूद है।

ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इज़रायल लगातार उसके ठिकानों पर हवाई हमले कर रहे हैं। युद्ध अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में हमले फैल गए हैं।

रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला

मंगलवार तड़के ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास को ड्रोन से निशाना बनाया। दो ड्रोन दूतावास परिसर में गिरे। इससे मामूली नुकसान हुआ और आग लग गई।

सुरक्षा कारणों से दूतावास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस हमले ने संकेत दे दिया कि संघर्ष अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।

तेहरान में रात भर धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान में पूरी रात धमाकों की आवाज सुनाई देती रही। अमेरिका और इज़रायल के लड़ाकू विमानों ने कई ठिकानों को निशाना बनाया।

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार इन हमलों में अब तक कम से कम 787 लोग मारे जा चुके हैं। घायलों की संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।

इन हमलों की शुरुआत उस घटना के बाद हुई जब ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया।

ट्रंप बोले बातचीत का समय खत्म

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अब ईरान के साथ बातचीत का समय खत्म हो चुका है।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की एयर डिफेंस, एयर फोर्स और नौसेना लगभग खत्म कर दी गई है। हालांकि जमीनी हालात इस दावे से पूरी तरह मेल नहीं खाते क्योंकि ईरान अभी भी मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।

ईरान ने खाद्य निर्यात रोका

ईरान सरकार ने सभी खाद्य और कृषि उत्पादों के निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकारी एजेंसी तस्नीम के अनुसार यह फैसला घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम युद्ध लंबा खिंचने की आशंका को देखते हुए उठाया गया है।

नेतन्याहू का सख्त बयान

इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि ईरान पर हमले जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि इज़रायली पायलट तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने लेबनान में सक्रिय हिज़्बुल्लाह को भी चेतावनी दी।

नेतन्याहू ने कहा कि हिज़्बुल्लाह ने हमला करके बड़ी गलती की है और इज़रायल इसका जवाब और ज्यादा ताकत से देगा।

एयरपोर्ट और सैन्य ठिकाने निशाने पर

ईरानी मीडिया के अनुसार बुशहर हवाई अड्डे को हमलों में नुकसान पहुंचा है। कई विमानों और टर्मिनल को क्षति हुई है।

तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया। इज़रायल का कहना है कि उसने उन औद्योगिक ठिकानों पर हमला किया जहां बैलिस्टिक मिसाइलें बनाई जाती हैं।

अगले नेता से जुड़ी संस्था पर हमला

तेहरान में उस इमारत को भी निशाना बनाया गया जो Assembly of Experts से जुड़ी है। यही संस्था ईरान के अगले सर्वोच्च नेता का चयन करती है।

विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के हमले केवल सैन्य नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र से ईरान की अपील

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उसका कहना है कि अमेरिका और इज़रायल की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

तेहरान ने कहा है कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जल्द कदम नहीं उठाया तो संघर्ष और फैल सकता है।

तेल बाजार में तेज उछाल

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

गैस की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। ऊर्जा बाजार को डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

होरमुज जलडमरूमध्य पर खतरा

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े एक अधिकारी ने चेतावनी दी है कि रणनीतिक Strait of Hormuz को बंद किया जा सकता है।

यह जलमार्ग दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है। अगर यहां आवाजाही बाधित होती है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।

लेबनान में भी बढ़ा तनाव

लेबनान में संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वहां कम से कम 30 हजार लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं।

हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं। इसके जवाब में इज़रायल ने बेरूत और दक्षिणी लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए।

खाड़ी देशों में भी धमाके

कतर और बहरीन की राजधानियों दोहा और मनामा में धमाकों और सायरनों की खबरें आई हैं। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा केंद्रों और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है।

कुवैत में अमेरिकी दूतावास को भी बंद कर दिया गया है और कई देशों से गैर जरूरी कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।

रूस और चीन की अपील

रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने तनाव कम करने की अपील की है।

चीन ने भी कहा है कि होरमुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह का सैन्य खतरा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर होगा। बीजिंग ने तुरंत युद्धविराम और बातचीत की मांग की है।

युद्ध के और फैलने का खतरा

मध्य पूर्व में अब कई मोर्चे खुल चुके हैं। ईरान और इज़रायल सीधे टकरा रहे हैं। लेबनान में हिज़्बुल्लाह सक्रिय है। खाड़ी देशों में हमले हो रहे हैं। ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहा है।

ईरान की यह चेतावनी कि उसके सबसे उन्नत हथियार अभी इस्तेमाल नहीं हुए हैं, इस संघर्ष को और खतरनाक बना देती है।

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीति इस संकट को रोक पाएगी या मध्य पूर्व एक बड़े और लंबे युद्ध की ओर बढ़ रहा है।

SORCE : Gulf news