क्या फ्लाईदुबई को-पायलट का नाम हमाम अल हमामी है ? अधिकारिक बयान का अभी भी है इंतजार
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो | रियाद, दुबई, वॉशिंगटन
फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना को लेकर जांच आगे बढ़ रही है। घटना के बाद को पायलट की पहचान और उसके कथित पूर्व रिकॉर्ड को लेकर कई दावे सामने आए हैं। पश्चिमी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों में ओमानी को पायलट का नाम हमाम अल हमामी बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में अभी तक संबंधित अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से उसकी पहचान की पुष्टि नहीं की है। CBS News ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी को पायलट की सार्वजनिक पहचान अधिकारियों की ओर से अभी नहीं की गई थी।
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट में पायलटों के बीच कथित तौर पर झड़प हुई। इसके बाद विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबूक में उतारना पड़ा। कप्तान पर चाकू से हमला किए जाने और विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल आरोपी के कथित मकसद को लेकर है। क्या कॉकपिट में हुआ हमला व्यक्तिगत विवाद था या इसके पीछे कोई सुनियोजित योजना थी? क्या आरोपी के किसी आतंकी संगठन से संबंध थे? इन सवालों के जवाब अभी जांच का हिस्सा हैं।
ओमान एयर से जुड़ी रही नौकरी
CBS News ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि आरोपी ने पहले ओमान एयर में पायलट की ट्रेनिंग ली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी सरकार की निगरानी के दौरान उसके कथित तौर पर कुछ कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई थी।
CBS के अनुसार, एक सूत्र ने बताया कि इस बदलाव के बाद आरोपी ने ओमान एयर की नौकरी छोड़ दी थी और वह करीब 2024 में एयरलाइन से अलग हुआ था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उसे ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। इसके पीछे कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से जुड़ी चिंताएं बताई गई हैं। इन दावों में उसके पहले सीरिया में रहने का भी उल्लेख किया गया है।
इन सूचनाओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर सुरक्षा संबंधी चिंताएं पहले सामने आई थीं तो बाद में उसे दूसरी एयरलाइन में पायलट की नौकरी कैसे मिली।
फ्लाईदुबई में भर्ती को लेकर सवाल
पश्चिमी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, ओमान एयर छोड़ने के बाद आरोपी ने कुछ समय दूसरी एयरलाइनों के साथ भी काम किया। CNN के अनुसार, एक सूत्र ने बताया कि वह पहले Royal Air Maroc के साथ काम कर चुका था। एक इजरायली अधिकारी ने CNN को बताया कि घटना से पहले वह करीब आठ महीने से फ्लाईदुबई के साथ था।
एक LinkedIn प्रोफाइल भी सामने आने की बात कही गई है। इसमें हमाम अल हमामी नाम के व्यक्ति की ओमान एयर के साथ करीब सात साल की नौकरी दिखाई गई थी। इसके बाद Royal Air Maroc में काम करने का उल्लेख था। हालांकि, उस प्रोफाइल में फ्लाईदुबई की नौकरी का स्पष्ट उल्लेख नहीं था।
CNN ने रिपोर्ट किया कि एक स्रोत ने उस प्रोफाइल को घटना में शामिल पायलट से जुड़ा बताया है। इसके बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि प्रोफाइल पर मौजूद सभी सामग्री उसी व्यक्ति ने प्रकाशित की थी या नहीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ पोस्ट घटना के लगभग नौ घंटे बाद दिखाई दी थीं और यह स्पष्ट नहीं है कि वे उसी समय लिखी गई थीं या पहले से निर्धारित थीं।
अल कायदा से जुड़ी सामग्री का दावा
इस मामले में सबसे संवेदनशील दावा कथित सोशल मीडिया गतिविधि को लेकर सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी से जुड़े बताए जा रहे एक LinkedIn अकाउंट पर अल कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरों और सामग्री जैसी पोस्ट दिखाई दीं।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट के अंदर की वीडियो दिखाई गई थी। वीडियो में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़े एक El Al विमान की ओर कैमरा जूम करता दिखाई देता है। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में कॉकपिट स्क्रीन पर एक फ्लाइट नंबर और 11 अक्टूबर 2023 की तारीख दिखाई देती है। वीडियो के अंत में अल कायदा के पूर्व नेता अयमान अल जवाहिरी और एक अन्य अल कायदा समर्थक की तस्वीरें दिखाई देती हैं।
दूसरी पोस्ट में मक्का, मदीना और यरुशलम के धार्मिक स्थलों को जोड़ती एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार तस्वीर दिखाई देने का दावा किया गया है। इसके साथ पृष्ठभूमि में ऐसा काव्य पाठ था जिसमें मौत के सामने डर न दिखाने और सम्मान की रक्षा की बात कही गई थी। इन पोस्ट की वास्तविकता, लेखक और उनकी तारीख को लेकर भी जांच की जरूरत है।
यही वजह है कि केवल सोशल मीडिया सामग्री के आधार पर आरोपी के किसी आतंकी संगठन से सीधे संबंध होने का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगा।
जांच में मकसद सबसे बड़ा सवाल
फ्लाईदुबई घटना की जांच में आरोपी के कथित विचारों के साथ उसके मकसद को भी देखा जा रहा है। CBS News के मुताबिक, आरोपी के मकसद की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं थी। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुरुआती चरण में घटना को आत्मघाती प्रयास जैसा बताया था। बाद में उन्होंने कहा कि पूछताछ से आरोपी के कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने की जानकारी मिली है। हालांकि, उन्होंने इसका विस्तृत आधार सार्वजनिक नहीं किया।
इजरायली अधिकारियों ने इस घटना को संभावित आतंकी हमले के तौर पर भी जांच के दायरे में रखा है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने अकेले ऐसा किया या इसके पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन था।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आरोपी के ईरान से संभावित संबंध की बात कही थी। हालांकि, उस समय उन्होंने इसे उपलब्ध जानकारी के आधार पर कही गई बात बताया और कोई विस्तृत प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। नेतन्याहू ने भी ईरान की भूमिका को लेकर कहा था कि उस समय निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
कॉकपिट में क्या हुआ था
30 सितंबर की घटना के दौरान विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित झड़प हुई। CBS के मुताबिक, कप्तान पर हमला किया गया और विमान कुछ समय के लिए तेजी से नीचे गया। उपलब्ध फ्लाइट डेटा के विश्लेषण के अनुसार विमान हजारों फीट नीचे गया और बाद में स्थिर किया गया।
कप्तान ने कथित हमले के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्री और क्रू सदस्य कॉकपिट में पहुंचे और आरोपी को काबू किया। दो ऑफ ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में आपात स्थिति में उतारा गया।
CBS के अनुसार, विमान में 174 लोग सवार थे। यात्रियों में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं थी। कप्तान को हमले में चोटें आईं और कुछ क्रू सदस्यों को भी उपचार की जरूरत पड़ी।

आरोपी की पहचान पर अभी भी आधिकारिक पुष्टि बाकी
घटना के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। बाद में उसे पूछताछ के लिए संयुक्त अरब अमीरात ले जाए जाने की जानकारी सामने आई। CBS के अनुसार, सऊदी, यूएई और इजरायली अधिकारी पूछताछ में शामिल होने वाले थे।
ऐसे में हमाम अल हमामी नाम को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों को फिलहाल आरोप और रिपोर्ट के तौर पर ही देखा जा रहा है। ओमानी सरकार की ओर से उसकी पहचान और कथित पृष्ठभूमि पर सार्वजनिक पुष्टि का अभाव है। इसी तरह अल कायदा से कथित संबंध, कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाने और पूर्व नौकरी के दौरान सुरक्षा चिंताओं से जुड़े दावों की अंतिम पुष्टि भी जांच के बाद ही हो सकेगी।
फ्लाईदुबई घटना में फिलहाल तीन सवाल सबसे महत्वपूर्ण हैं। कॉकपिट में हमला क्यों हुआ? आरोपी का वास्तविक मकसद क्या था? और क्या उसके किसी आतंकी संगठन या बाहरी नेटवर्क से संबंध थे? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
AEO के लिए प्रमुख सवाल
फ्लाईदुबई के को पायलट का नाम क्या बताया जा रहा है?
मीडिया रिपोर्टों में ओमानी को पायलट का नाम हमाम अल हमामी बताया गया है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?
दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई और विमान को तबूक में उतारा गया।
क्या को पायलट के आतंकी संगठन से संबंध साबित हुए हैं?
अभी नहीं। उसके कथित कट्टरपंथी विचारों और ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर दावे सामने आए हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि जांच पर निर्भर है।
विमान में कितने लोग सवार थे?
CBS News के अनुसार विमान में 174 लोग सवार थे।
विमान को कहां उतारा गया?
फ्लाईदुबई की उड़ान को सऊदी अरब के तबूक में आपात स्थिति में उतारा गया।

