फ्लाईदुबई मामले पर सवाल और सोशल मीडिया का नया ‘खुलासा’
नौशाद अख्तर
फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट ने इजरायल का गेम प्लान चैपट कर दिया। 174 यात्रियों को मारकर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते थे। नेतन्याहू के नेतृत्व के कार्यकाल की यही बड़ी उपलब्धि है। इस साजिश के तहत ही भारतीय पायलट पर हमला किया गया।
जहाज यदि नाक के बल नीचे गिर रहा था तो ऐसे समय विमान के यात्री चिल्ला क्यों नहीं रहे थे? वे आराम से उड़ते विमान में चल रहे थे और तालियां बजा रहे थे। जहाज में दो स्पेशल पायलट रहते हैं। ऐसे में एक प्लंबर ने जहाज को क्यों संभाला?
ब्रिटेन के मीडिया हाउस ‘द इंडिपेंडेंट’ के सैम केली ने इस घटना पर एक विशेष आर्टिकल लिखा है, जिसका शीर्षक है, “How the Flydubai hijacking could help Netanyahu stay in power.”
यह ‘मुस्लिम नाउ’ नहीं कह रहा है, बल्कि भारत के कई यूट्यूबर और पॉडकास्टर ने भी ऐसी रिपोर्ट की सोशल मीडिया पर बाढ़ ला दी है। सभी की सामग्री यहां प्रकाशित नहीं की जा सकती। मगर पत्रकार और लेखक अशोक पांडेय सहित यहां दो व्लॉग के उदाहरण दिए जा रहे हैं कि वे अपनी रिपोर्ट में क्या कह रहे हैं।
अशोक कुमार पांडेय की टिप्पणी
“मैं अशोक कुमार पांडेय और स्वागत है आपका The Credible News पर। यह जो Flydubai वाली फ्लाइट का मामला है, यह मामला अब बिल्कुल साफ होता जा रहा है। जो सवाल हम पहले दिन से उठा रहे हैं, वह सवाल अब पूरी दुनिया उठा रही है।
इस पर मैं बात करूंगा, लेकिन उसके पहले Putin की थोड़ी बात कर लेते हैं। Putin का एक बयान आया है। Moscow में Valdai Discussion Club की 23वीं सालाना बैठक हो रही थी। उसमें Putin बोल रहे थे और उनका बयान पूरी दुनिया में सुना जा रहा है।
उसमें उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया बहुत करीब से देख रही है कि क्या हो रहा है और ईरानी राष्ट्र, ईरानी नेशन और ईरानी मुल्क के हौसले, बहादुरी और उसकी मजबूती देखकर सब हैरान हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने जिस तरह से कुर्बानी दी और कुर्बानी देने के लिए जिस तरह से ईरान के लोग तैयार हैं, वह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।
Full cup of water rests perfectly in its place after the flydubai plane allegedly took a NOSEDIVE during the hijacking attempt pic.twitter.com/Tm8UjscNix
— The Gulag (@WelcomeTheGulag) October 2, 2026
और यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब Trump ने एक बार फिर धमकी दी है और कहा है कि अगर Flydubai वाली घटना में ईरान का हाथ हुआ तो मैं यह कर दूंगा, वो कर दूंगा।
मैंने कल भी अपने वीडियो में बहुत साफ कहा था कि यह सारा तमाशा सिर्फ इसलिए किया जा रहा है ताकि अमेरिका और ईरान की बातचीत को तोड़ा जा सके और साथ में ईरान के ऊपर हमले के लिए रास्ता बनाया जा सके। साथ ही Netanyahu चुनाव में कह सके कि देखो, ईरान यह कर रहा था। मैंने बचा लिया, फंसा कर लिया, ढिंढोरा पीट दिया।
एक वीडियो भी आ गया। Netanyahu का एक वीडियो भी आ गया, जिसमें उस कथित प्लंबर से वो बात कर रहा है, जिसने हवाई जहाज चला लिया था।
🚨 OMG… HORRIFYING.
— Tapas Ranjan Nath (@nathtapas) October 2, 2026
The video of the Israel-bound Flydubai flight appearing to nose-dive is absolutely terrifying. Watching an aircraft suddenly plunge like this is a nightmare no passenger or family should ever have to experience.
Those seconds must have felt like an… pic.twitter.com/Hro0qOLuCu
Flydubai के जहाज में तो मैं कतई नहीं चढ़ूंगा। जिस जहाज को एक प्लंबर चला सकता हो, जिस जहाज को प्लंबर ऑपरेट कर रहा हो, उस जहाज में चढ़ना तो बेहद खतरनाक है।
कल को गिर सकता है। और क्या कमाल का जहाज है कि नोज डाइव कर रहा है। नोज डाइव का मतलब आप समझ रहे हैं क्या? जहाज ऐसे चल रहा है और नोज डाइव मतलब ऐसे गिर रहा है और लोग उसमें पैदल चल रहे हैं।
मतलब जरा सा अगर हवा तेज होती है, कोई और दिक्कत होती है, बारिश होती है, अगर जहाज थोड़ा सा आगे पीछे होता है तो तुरंत कहा जाता है कि अपना सीट बेल्ट बांध लो, वॉशरूम मत जाओ, गैलरी में टहलो मत। और यहां कह रहे हैं कि नोज डाइव हो रही है। ऐसे गिर रहा है। जहाज किस स्पीड से गिर रहा होगा, आप सोच सकते हैं। और उसमें वीडियो आ रहा है कि लोग आराम से टहल रहे हैं, वीडियो बना रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उसमें दो पायलट बैठे हुए थे, इजरायली, लेकिन जहाज चलाने के लिए पायलट नहीं गए। कौन गया? जी, प्लंबर गया जहाज चलाने के लिए। और अब आ गया कि जो ओमानी पायलट था, वो इस्लामी रेडिकलाइज्ड था वगैरह वगैरह।
लेकिन England का अखबार है The Independent। बहुत माना जाना वाला अखबार है। उसके संपादक हैं Sam Kelly। Sam Kelly ने अपना एक analysis article लिखा है और उस article में लिखा है कि Flydubai को लेकर जो सारी कहानियां बन रही हैं, अगर वाकई उसके अपहरण का प्रयास हुआ है और जिस तरह की कहानियां बन रही हैं, तो इन सब से केवल एक आदमी को फायदा होता है और वह आदमी है Netanyahu।
तो जाहिर है यह किस्सा Netanyahu ने चलाया। और जाहिर है कि यह किस्सा, यह बात मैं कह रहा हूं। उन्होंने यह नहीं लिखा है। इस तरफ इशारे किए हैं कि जाहिर है कि यह पूरा तमाशा सिर्फ और सिर्फ Netanyahu को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। एक false flag था।

जब तक सारी डिटेल नहीं आती, जो उसके अंदर एक कैमरा होता है, ब्लैक बॉक्स, उसकी डिटेल जब तक नहीं आती, तब तक तो यही बात मानी जाएगी।
प्लंबर से बात कर रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं। और यह सब कब हुआ? जब इसके पहले Israel में यह बहस चल रही थी कि 7 अक्टूबर के पहले UAE के राष्ट्रपति ने बाकायदा बता दिया था कि Hamas का हमला होने वाला है। Egypt के National Security Chief ने और वहां के खुफिया Chief ने भी बाकायदा बता दिया था।
48 घंटे पहले भी बताया था कि आपके ऊपर हमला होने वाला है और Netanyahu ने यह खबर न Mossad को पहुंचाई, न Shin Bet को पहुंचाई और न ही IDF को पहुंचाई।
यह हमला होने दिया। सैकड़ों इजराइलियों को मरने दिया ताकि उसको बहाना मिले हमले का। लोग सवाल पूछ रहे थे, जिनके घरों के लोगों का अपहरण हुआ था। अगवा हुए थे जो लोग। जिनके घरों के लोग मारे गए हैं, जिनके घरों के लोग घायल हुए हैं, वो सड़कों पर आकर Netanyahu से सवाल पूछ रहे थे तो Netanyahu को बचाने के लिए यह सारा तमाशा किया गया। अब बिल्कुल clear है।
And the asile was as clean as a whistle pic.twitter.com/dxYJe0Roem
— Johnson Trumu (@TrumuTrumus) October 2, 2026
और Netanyahu अपनी कुर्सी और अपनी गद्दी के लिए कुछ भी कर सकता है, यह सारी दुनिया जानती है। Independent का कहना है कि Netanyahu जिस तरह से सारी दुनिया में अलग थलग पड़ गया है, यहां तक कि Israel के कई पुराने दोस्त भी उसकी कारगुजारियों से नाराज हैं।
Donald Trump भी कई बार झुंझला चुके हैं। यह सब देखते हुए Netanyahu की मुश्किलें इतनी बढ़ गई हैं कि यह Flydubai विमान को hijack करने की जो कोशिश है, यह Netanyahu के उस narrative को बस मजबूत करने के लिए है, जिसमें वह हमेशा से कहता रहा है कि हम तो किसी के ऊपर हमला करते नहीं। हम तो खुद victim हैं। हमको सब परेशान करते रहते हैं। बचने के लिए हमको हमला करना पड़ता है।
यह झूठ जो पिछले 30 से 40 बरस से Netanyahu के leadership में Israel सारी दुनिया को परोस रहा है, इसी झूठ को जिंदा करने के लिए Flydubai वाला सारा तमाशा किया गया। यह बात अब बहुत साफ साफ सामने आ रही है।
सीरिया और हिज्बुल्लाह के बीच बातचीत का दावा
एक और बड़ी खबर Reuters में आई है। Reuters का यह कहना है कि Syria की government यानी Al Julani की government और Lebanon के Hizbullah के बीच बातचीत चल रही है, ताकि उनके बीच tension कम हो सके।
कहा जा रहा है कि यह बातचीत Türkiye में हुई है और कई सूत्रों ने यह बताया है कि बहुत लंबे समय से पर्दे के पीछे बातचीत चल रही थी। आमने सामने यह पहली बैठक हुई है।
Reuters से बात करते हुए जो sources हैं, उनका कहना है कि Syria के दो officers थे। एक American officer था और Hizbullah के तकरीबन तीन लोग थे, जिनके बीच में यह बातचीत हुई है।
इसके पहले कम से कम एक बार इनकी खुफिया मुलाकात हुई थी। हालांकि इस खबर के छपने के बाद तुर्की में एर्दोगान के office ने इससे इनकार किया है। उसने कहा कि इस तरह की कोई बात नहीं हुई। यह बेबुनियाद है।
लेकिन बिल्कुल मुमकिन है। हो सकता है कि इस तरह की मुलाकात हुई हो और हो सकता है कि यह खबर झूठी भी हो।
दूसरी बड़ी खबर आज की यह है कि अमेरिका ने Middle East में अपना तीसरा जहाज भेजा है। Aircraft carrier है। इसके साथ 9 हजार से 10 हजार extra अमेरिकी सैनिक भी उस इलाके में भेजे जा रहे हैं और यह कहा जा रहा है कि 3 नवंबर के midterm election के बाद ईरान पर हमले के अमेरिका के plan के तहत इन्हें भेजा गया है।
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USS Theodore Roosevelt और उसका strike group, जिसमें ये अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं, नवंबर के आखिर तक Middle East में पहुंच जाएगा। आप जानते हैं कि पहले से इस तरह के दो जहाज वहां पर हैं।
तो एक तरफ जहां बातचीत की बात चल रही है, दूसरी तरफ अमेरिका भी पूरी तैयारी कर रहा है और ईरान भी अपनी पूरी तैयारी करके बैठा है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर यह हमला होता है तो यह लड़ाई अब आखिर तक होगी।
यह लड़ाई बीच में रुकेगी नहीं। यह लड़ाई आर पार की होगी और आखिर तक होगी।
और देखिए, मेरा मानना है कि बातचीत भले जितनी भी चल रही हो, लेकिन समझौते की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। अक्टूबर में इजराइल में election खत्म हो जाएगा। अक्टूबर के आखिर में और नवंबर की 3 तारीख को midterm election अमेरिका में खत्म हो जाएगा।
और मेरा अपना मानना है कि उसके बाद इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान के ऊपर बड़ा हमला कर सकते हैं, जिसमें UAE शामिल होगा, जिसमें बहरीन शामिल होगा, कुवैत शामिल होगा।
और इस बात को note कीजिए कि इस बार के हमले में सऊदी अरब भी शामिल हो सकता है। जाहिर सी बात है कि इस तरह का अगर हमला होगा तो पलटकर बड़ा हमला ईरान भी करेगा और इन सब इलाकों में करेगा।
दरअसल सऊदी अरब की बात मैं इसलिए कर रहा हूं कि अभी यमन का जो मामला चल रहा है, जिसमें अंसार अल्लाह ने सऊदी अरब के control वाले बहुत सारे इलाकों पर कब्जा कर लिया है।
अभी कल भी दावा किया है कि सऊदी अरब के ऊपर बड़ा हमला हुआ है और कहा यह जा रहा है कि यह हमला सीधे सऊदी अरब के सैनिकों पर हुआ है और लगातार ऐसा हो रहा है।
सऊदी अरब हमला कर रहा है अंसार अल्लाह के ठिकानों पर। अंसार अल्लाह यानी कि हूती हमला कर रहे हैं सऊदी अरब के ऊपर। सऊदी अरब अकेले हूती का मुकाबला करने की condition में नहीं है।
पिछले दिनों जो खबर आई थी कि सऊदी अरब के जो defense chief हैं, उन्होंने UAE के उपराष्ट्रपति, जो वहां के president हैं, उन्हें रियाद में बुलाया है। कहा जा रहा है कि इस meeting में यमन के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने की बात है।
इसी बीच आपको पता है कि यह नेतन्याहू भी UAE गया हुआ था और कई लोगों का मानना है कि UAE में जब उसकी बात हो रही थी, उस समय सऊदी अरब और कुछ और अरब मुल्कों के नेता भी वहां पर मौजूद थे।
तो एक बात और कही जा रही है कि यह पूरी planning बन रही है कि मिलजुल कर यमन में भी हमला किया जाए और ईरान में भी हमला किया जाए। इसमें अमेरिका अगर नवंबर के बाद शामिल होता है तो जाहिर तौर पर एक बड़ा इलाकाई मामला बनेगा।
एक बड़ी इलाकाई जंग शुरू होगी। और फिर क्या होगा, जब होगा, जैसे होगा, मैं लगातार update करता रहूंगा। जुड़े रहिए हमारे साथ। देखते रहिए हमारे videos और अगर channel को…
वीडियो को अगर आप share नहीं करेंगे तो दुनिया सोचेगी कि सच में इस्लाम का आतंकवाद से कोई लेना देना है। जबकि हकीकत में इस वक्त इजराइल पर विश्व की थू थू हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप बेंजामिन नेतन्याहू की इस हरकत पर हंस रहे हैं और दुनिया समझ चुकी है कि जब जब किसी देश को सरकार बनानी है या सरकार गिरानी है, simple से इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ दो। पैसे देकर आतंकवादी हमला करवा दो और फिर अपने ही देश के लोगों को डराकर खुद को PM बना दो। बेंजामिन नेतन्याहू पिछले 10 सालों से यही कर रहा है।
दूसरे वीडियो में फ्लाईदुबई घटना पर उठाए गए सवाल
“Assalamualaikum Warahmatullahi Wabarakatuh। अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम करने वाला है। मैं हूं मोहम्मद अफजन सारी और आप देख रहे हैं The Political।
29 सितंबर 2026 को एक खबर social media में viral होती है कि Flydubai, जो Dubai से Israel जा रहा था, उसमें दो flight pilot आपस में लड़ पड़े। दो pilot आपस में लड़ पड़े हैं और ये BBC की report थी।
अब ये खबर जैसे ही बेंजामिन नेतन्याहू को पहुंची, बेंजामिन नेतन्याहू, एक शैतानी दिमाग। उसने सोचा कि अभी तो मैं election हार रहा हूं और अभी पता चला कि दो airplane चलाने वाले आपस में लड़ रहे हैं और वो Israel जाने वाला plane है। चलो इसका फायदा उठा लेते हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू तुरंत इस मामले को 9/11 से जोड़ने लगे। देखो, बेंजामिन नेतन्याहू जमीन में, आसमान में plane में झगड़ा हो रहा है और बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही से कह रहा है, ये hijack है, hijack है। 9/11 करने की साजिश है। hijack कर लिया गया है।
हकीकत में क्या हुआ, देखिए। 29 सितंबर 2026 को Dubai से एक plane उड़ी Israel जाने के लिए। अब उसका route सीधा सीधा था कि वो Dubai UAE से उड़ेगा, Saudi Arabia के जो airspace है, उसका use करेगा और फिर Israel में enter कर जाएगा।
लेकिन हुआ यूं कि जैसे ही वो Jordan के airspace में पहुंचने वाला था, तभी उस flight के अंदर, flight FZ1073 Flydubai, जिसमें Dubai जाने वाले लोग जाते हैं, उसमें भगदड़ की खबर सामने आती है।
5:31 में एक emergency का code जाता है। फिर 7 मिनट बाद hijacking का code चला जाता है। ये भी अपने आप में अजीब है। उसके बाद ये Saudi Arab के airspace से निकलकर Jordan की तरफ बढ़ने लगता है।
और फिर Jordan में जब ये बढ़ता है, according to Israeli media, जो plane में बैठे हुए लोग थे, जिनको चाकू लगा, उन सब की बात मानें तो जो plane था ना, दो pilot आपस में लड़ रहे थे और पूरे plane में खलबली मची हुई थी।
अब जो video सामने आई है, निकलकर, वो अपने आप में शक के दायरे में है।
जब plane आसमान में turbulence खा रहा है और plane ऊपर से नीचे जा रहा है तो इस video में तो सब लोग शांति से दिख रहे हैं। अगर video शांति से दिख रहा है, plane हिल डुल नहीं रहा है तो जाहिर है बाद में गिरा होगा।
तो भाई, passenger को तो चोटों की कोई खबर ही नहीं है। पहला problem।
BBC की report में यह बताया गया है कि plane 30 हजार feet से सीधा 17 हजार feet से नीचे गिरा।
आपको पता है इस खबर का मजाक CNN उड़ा रहा है। CNN कह रहा है कि अगर कोई plane 30 हजार feet से सीधा आधा second के अंदर 17 हजार feet तक पहुंच जाए तो जो gravity force होगा, उसकी वजह से पूरा plane फट जाएगा।
Plane के परखच्चे उड़ जाएंगे। इसका मतलब हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
अच्छा, फिर पता चला कि एक Smith Machar नाम का एक pilot था। उसको Omani pilot ने चाकू मार दिया है। अच्छा, बेंजामिन नेतन्याहू कह रहा है कि कुल्हाड़ी से मारा।
अब बताइए भाई, इतना security tight रहता है पूरे International Airport का, वहां पर कोई चाकू, छुरी और कुल्हाड़ी लेकर कैसे पहुंचेगा?
मैं confusion दूर कर दूंगा। एक और objection। जब Jordan के airspace में plane घुसा और वहां पर गड़बड़ी का मामला समझ में आया तो जिसने भी plane land करवाया, वो Jordan में land करवा सकता था। 100 किलोमीटर दूर जाकर Saudi Arab के Tabuk में क्यों land करवाया? ये भी अपने आप में problem है।
खैर, जब Tabuk में Saudi Arab में ये plane land हुआ तो Saudi Arab के लोग तो मुसलमान हैं, अहले तौहीद वाले। उन्होंने खूब सेवा की भाई, मेहमान नवाजी की, उनका care take किया।
अब उसके बाद Saudi के ही लोग मजाक उड़ाने लगे। जब ये लोग वहां से चले गए तो कहे भाई, जल्दी से Tabuk Airport को path साफ करो। जल्दी से उसको hygiene करो। जल्दी से उसको clean करो। इसलिए क्योंकि ये Israeli नागरिक हैं।
इनका हाथ मासूम बच्चों के खून से रंगा हुआ है। खूब इनकी Saudi में छीछालेदर हुई और खूब मजाक उड़ाया गया।
और दूसरा मजाक तब उड़ा जब Israel की सरकार ने कहा कि भाई, हम अपने दो fighter jet Saudi Arab लाना चाहते हैं। दो fighter jet के साथ Israel के नागरिक विमान में जाएंगे।
Saudi Arab ने कहा, नहीं भाई, उतरने दे दिया, इतना ही बहुत नहीं क्या? अब क्या तुम मतलब हाथ बढ़ाया, उंगली बढ़ाई, पूरा हाथ पकड़ने मांग रहे हो? Saudi Arab ने Israel के मुंह पर बेइज्जती करके उसको मना कर दिया।
अब आखिरकार ये जो Flydubai की flight थी, ये दूसरे flight आई और फिर वो Israel पहुंच गया और Israel में भव्य स्वागत हुआ, झंडा वगैरह लगाकर।
अब देखिए, ये conspiracy कैसे है। इस चीज को पहले समझिए।
पहली conspiracy की बात यह है कि Oman का कोई भी नागरिक Israel के लिए flight नहीं उड़ा सकता है। Israel के लिए flight वही उड़ा सकता है, जिसके साथ उस country के diplomatic relations हों।
तो Dubai के तो diplomatic relations हैं Israel के साथ। लेकिन न Saudi के हैं, न Oman के हैं और न ही किसी Gulf country के हैं।
तो फिर इसका मतलब है कि Oman का वो नागरिक है ही नहीं। कुछ दिन बाद आपको पता चलेगा कि वो Oman का है ही नहीं।
अब आइए ध्यान दीजिए कि जब जब election आता है, तब तब ऐसा कांड क्यों होता है।
तो सबसे पहले बात 7 अक्टूबर 2023। Benjamin Netanyahu पर corruption के charges चल रहे थे। वो जेल जाने वाला था, कम से कम 10 साल के लिए। अब उसने देखा, क्या करे, क्या करे, क्या करे। उसको खबर मिली कि Hamas हमला करने वाला है।
अब ये भी शक के दायरे में है कि उसने हमला होने दिया कि खुद ही उसने पैसे देकर हमला करवाया, किसी को नहीं मालूम। ये जांच का विषय है।
अब इसने देखा हमला हो रहा है। दुबई के king ने कहा, UAE ने पहले ही warning दे दी है कि हमला होने वाला है।
Benjamin Netanyahu ने देखा, हमला होगा तभी तो Gaza की हम वाट लगाएंगे और तभी election में हम जीत सकेंगे, election रुकवा भी सकेंगे।
Election भी होने वाला था उस साल। Hamas ने हमला किया। यहां से उसका corruption का जो case था, वो रुका और उसने Gaza को साफ चट कर दिया।
इसीलिए मैं Hamas का समर्थन नहीं करता हूं और Hamas ने जो हमला किया, मैं उसका कभी समर्थन नहीं करता। क्योंकि उससे Gaza को बर्बाद करने में Israel को मदद मिली है।
अच्छा, उसके बाद क्या हुआ? फिर कुछ महीने पहले अब Israel में election का ऐलान हुआ है। Israel में election होने वाला है।
खबर आई कि Benjamin Netanyahu की हार हो रही है और एक नई party, Yair की party lead कर रही है और वही शायद मिलजुल कर गठबंधन बनाकर सरकार बनाएगी।
अब फिर Benjamin Netanyahu पागल हो गया कि भाई, election आने वाला है और हम हार रहे हैं तो करें तो क्या करें।
28 September 2026 को Benjamin Netanyahu अपनी wife के साथ UAE गया। Official report है कि वहां पर उसने UAE से कहा कि भाई, तुम अपना बयान वापस ले लो। Please अपना बयान वापस ले लो कि हमें मालूम था Hamas हमला करने वाला है।
क्योंकि Israel में काफी थू थू हो रही है और ये हार रहा है। लेकिन ठीक दो दिन बाद उसी Dubai से एक flight उड़ती है और पता चलता है कि वो flight hijack होने वाली है।
तो क्या ये chances हैं कि Benjamin Netanyahu ने वहां पर जाकर plan pre plan कराया? क्या अब हमें जीतना है तो फिर से Israeli नागरिकों को मारना पड़ेगा? फिर से Israel को दहलाना पड़ेगा, दहशत में डालना पड़ेगा?
तो उसके बाद क्या हुआ? Israel PM ने कहा कि भाई, 9/11 जैसा attack होने वाला था।
9/11 जैसा attack होने वाला था। ठीक दो दिन बाद। और फिर आप देखेंगे कि जो plumber है Israel का, जिसने flight को take off कराने का दावा किया कि मैंने ऐसे खींचा और flight ऊपर चली गई।
जो कि next to impossible है, possible नहीं है। वो खून वाला socks पहनकर Saudi में उतरा और Saudi से Israel पहुंच गया और वहां पूरा setup ready था। वहां setup ready है।
Israel PM बैठे हुए हैं। Media वाला पूरा setup ready है। और वहां से पहुंचकर interview दे रखा है कि ऐसे हुआ, वैसे हुआ। मैंने movie में देखा था ऐसे करके हम flight।
अरे भाई, जब flight ऐसे गिर रहा है airplane तो उस condition में जाकर ऐसे बचाना impossible है।
तो ये साफ समझ में आता है कि ये fake theories हैं। ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।
Even Times of Israel ने भी इसका मजाक उड़ाया। Times of Israel, जो Israel का ही पत्रकार है, Israel का ही media report है।
वो कहता है कि ये सब कुछ वैसे ही है जैसा Hamas के हमले हुए और Benjamin Netanyahu बच गया। फिर वैसे ही ये भी false flag है। यानी आसमान में वो कुछ नहीं हुआ, जो कुछ बताया जा रहा है।
Donald Trump ने भी अपनी भाषा में…
मिलाकर बात यह है कि न plane hijack हुआ और न ही Israeli नागरिकों को कोई खतरा हुआ। दो pilot की लड़ाई हो सकती है। ज्यादा chances हैं कि दो pilot की किसी मामले में लड़ाई हो गई होगी और उस लड़ाई को 9/11, hijack, Israel पर हमला वगैरह बनाकर पेश किया गया।
और वो लड़ाई भी क्यों हुई है? हो सकता है उन दोनों में से दोनों ही Benjamin Netanyahu के आदमी हों। चाहे वो Oman का नागरिक हो, तो वो होगा नहीं क्योंकि allowed नहीं है। और जो Simit Macher नाम का जो आदमी है, हो सकता है वो भी Israel का आदमी हो।
We don’t know। Investigation का issue है। इन्होंने क्यों लड़ाई की, कब लड़ाई की, कैसे लड़ाई की, वो सब पता चल जाएगा।
फिलहाल ये मामला hijack का नहीं है। ये CNN confirm कर चुका है। Donald Trump भी इसका मजाक उड़ा चुके हैं। Times of Israel भी इसका मजाक उड़ा चुका है।
तो इस video को आप जितना share करोगे, ताकि लोगों को पता चलेगा कि Islam का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। जिसको सरकार बनानी होती है, अपने देश के लोगों को Islam के नाम से डराता है, bomb blast करवाता है, सरकार बना लेता है।”

