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जामिया सोशल वर्क प्लेसमेंट 2026: धुरंधर खिलाड़ियों ने मारी बाजी, कंपनियां बोल्ड

नई दिल्ली

दिल्ली के प्रतिष्ठित खेल मैदानों से इतर, इस बार सफलता की सबसे गूंजती हुई दहाड़ जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) के कैंपस से आई है। जेएमआई प्लेसमेंट लीग 2026 (JMI Placement League 2026) के इस सीजन में जामिया के समाज कार्य विभाग (Jamia Social Work Department) के धुरंधर खिलाड़ियों ने मैदान मारते हुए एक ऐसा ऐतिहासिक स्कोर खड़ा किया है, जिसने बड़े-बड़े कप्तानों और कॉर्पोरेट जगत के दिग्गजों को हैरान कर दिया है।

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के इस महामुकाबले में एमए सोशल वर्क (MA Social Work) और एमए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (MA HRM) के 2024-26 बैच के एथलीटों ने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता, कड़ी ट्रेनिंग और पेशेवर क्षमता के दम पर नेशनल और मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट पिच पर चौके-छक्कों की बरसात कर दी है। इस पूरे टूर्नामेंट में जामिया के छात्रों ने न सिर्फ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, बल्कि देश के टॉप-नॉच क्लबों और फ्रेंचाइजी (कंपनियों) को अपने टैलेंट से क्लीन बोल्ड कर दिया।

प्लेसमेंट लीग 2026 का पूरा स्कोरकार्ड: आंकड़ों में जामिया की एकतरफा जीत

इस सीजन के मुख्य मुकाबले दो बड़े विभागों के बीच खेले गए, जहां छात्रों ने मैदान पर उतरते ही बड़े-बड़े पैकेजों और शानदार प्रोफाइल्स को अपनी झोली में डाल लिया। अगर हम इस टूर्नामेंट के आधिकारिक स्कोरकार्ड पर नजर डालें, तो जामिया की टीम का स्ट्राइक रेट वाकई अद्भुत रहा है।

नीचे दिए गए स्कोरकार्ड से साफ है कि कैसे ‘टीम जामिया’ के खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी पिच पर टिककर रन बनाए:

विभाग/टीम का नामकुल टीम मेंबर्स (छात्र)बाउंड्री पार पहुंचे (चयनित छात्र)सफलता का स्ट्राइक रेट
एमए (सोशल वर्क)44 खिलाड़ी29 खिलाड़ी~66%
एमए (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट – HRM)28 खिलाड़ी14 खिलाड़ी50%

यह शानदार स्कोरकार्ड साफ दर्शाता है कि जामिया का सोशल वर्क डिपार्टमेंट सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि अपने खिलाड़ियों को कॉर्पोरेट जगत के सबसे मुश्किल टूर्नामेंट्स के लिए ‘मैच रेडी’ भी बनाता है।

अलग-अलग पिचों पर दिखाया जलवा: डेवलपमेंट सेक्टर से लेकर आईटी की पिच तक

इस प्लेसमेंट लीग की सबसे खास बात यह रही कि जामिया के इन धुरंधरों ने किसी एक खास पिच पर रन नहीं बनाए, बल्कि उन्होंने हर तरह की कंडीशन में शानदार खेल दिखाया। चाहे वह सूचना प्रौद्योगिकी (IT) की तेज पिच हो, लॉजिस्टिक्स की टर्निंग ट्रैक हो, या फिर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) और डेवलपमेंट सेक्टर की चुनौतीपूर्ण ग्राउंड हो—जामिया के सोशल वर्क और एचआरएम के इन खिलाड़ियों ने हर जगह अपनी क्लास दिखाई।

ये खिलाड़ी निम्नलिखित प्रमुख सेक्टर्स (मैदानों) में अपनी नई पारियां शुरू करने जा रहे हैं:

  • इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और कंसल्टिंग: आधुनिक दौर की सबसे तेज पिच, जहां तकनीक और दिमाग का सही संतुलन जरूरी है।
  • लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग: वह मैदान जहां मैनेजमेंट और ग्राउंड वर्क की सबसे कड़ी परीक्षा होती है।
  • ह्यूमन रिसोर्स (HR) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR): कंपनियों के भीतर टीम भावना जगाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका।
  • स्किल डेवलपमेंट और कम्युनिटी डेवलपमेंट: जमीनी स्तर पर जाकर बदलाव लाने और समाज के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में शामिल करने का जज्बा।
  • स्पोर्ट्स फॉर डेवलपमेंट और सोशल इम्पैक्ट: खेल के जरिए समाज में बदलाव लाने की अनूठी मुहिम, जिसमें जामिया के छात्रों ने महारत हासिल की है।

कॉर्पोरेट जगत की दिग्गज फ्रेंचाइजी ने लगाई बड़ी बोलियां

आईपीएल (IPL) की तर्ज पर हुए इस कॉर्पोरेट ऑक्शन में देश और दुनिया की कई नामी-गिरामी फ्रेंचाइजी (कंपनियों) ने हिस्सा लिया। जामिया के टैलेंट पूल को देखकर इन कंपनियों के बीच बेस्ट खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने की होड़ मच गई।

इन दिग्गजों की सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिन्होंने जामिया के स्टार परफॉर्मर्स को अपने पाले में करने के लिए भारी-भरकम ऑफर दिए:

कॉर्पोरेट और आईटी सेक्टर्स के बड़े नाम: लार्सन एंड टुब्रो (L&T), एक्सेंचर (Accenture), नैसकॉम फाउंडेशन, न्यूजेन सॉफ्टवेयर, क्लाउडकीपर, हेज़ (HAYS), माइंडटेल ग्लोबल, इटरनल टेकवर्स, AIT वर्ल्डवाइड लॉजिस्टिक्स, द रिलायबल जॉब्स, सुख स्टील्स और एम्परसेंड ग्रुप।

डेवलपमेंट और सोशल इम्पैक्ट सेक्टर्स के दिग्गज: प्रदान (PRADAN), एडुनेट फाउंडेशन, एम्पावर प्रगति, प्रोजेक्ट खेल, दृष्टि फाउंडेशन, पीस स्पोर्ट्स फाउंडेशन, लेंड ए हैंड इंडिया, GTT फाउंडेशन, प्रगमाना, वी द पीपल अभियान और चार्वी एम्पावरमेंट सोसाइटी।

बैकस्टेज हीरोज: कड़ा अभ्यास और ‘नेट प्रैक्टिस’ आई काम

किसी भी टीम को चैंपियन बनाने में उसके कोच, सपोर्ट स्टाफ और चयनकर्ताओं की सबसे बड़ी भूमिका होती है। जामिया सोशल वर्क डिपार्टमेंट के इस ‘ड्रीम रन’ के पीछे भी उनके प्लेसमेंट सेल और समर्पित फैकल्टी मेंबर्स की दिन-रात की कड़ी मेहनत छिपी है।

पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान, विभाग की प्लेसमेंट कमेटी ने एक कुशल कोच की भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों के लिए विशेष ‘नेट प्रैक्टिस’ सेशन्स का आयोजन किया, जिसमें शामिल थे:

  1. फील्डवर्क और इंटर्नशिप ट्रेनिंग: छात्रों को सीधे वास्तविक दुनिया की पिचों पर भेजकर लाइव मैच का अनुभव देना।
  2. इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल डेवलपमेंट: कंपनियों की मांग के अनुसार छात्रों के कम्यूनिकेशन, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और लीडरशिप स्किल्स को तराशना।
  3. करियर गाइडेंस और मॉक इंटरव्यू: कॉर्पोरेट जगत के बाउंसरों और यॉर्करों का सामना करने के लिए छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना।

चीफ कोच और कप्तानों ने जताया आभार: “यह तो बस शुरुआत है”

इस ऐतिहासिक जीत के बाद जामिया के सोशल वर्क डिपार्टमेंट के हेड और टीम के ‘चीफ कोच’ प्रो. रवींद्र रमेश पाटिल बेहद गदगद नजर आए। उन्होंने इस शानदार नतीजों के लिए BSW, HRM और MSW की पूरी फील्ड वर्क और प्लेसमेंट यूनिट के इंचार्ज डायरेक्टर्स और को-डायरेक्टर्स की रणनीतियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम के बीच का शानदार तालमेल और सही समय पर सही फैसले लेने की क्षमता के कारण ही इस साल हम इतना बड़ा स्कोर बोर्ड पर टांग पाए हैं।

वहीं दूसरी ओर, विश्वविद्यालय की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रो. साइमा सईद ने भी टीम की इस कामयाबी पर अपनी आधिकारिक मुहर लगाते हुए सभी चयनित छात्रों को बधाई दी। उन्होंने उन सभी कंपनियों और रिक्रूटर्स का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने जामिया के इस शानदार टैलेंट को पहचाना और उन पर भरोसा जताया।

स्टैडियम का नजारा: सोशल मीडिया पर फैंस ने मनाया जश्न, गूंजा ‘माशाअल्लाह’

जैसे ही इस शानदार प्लेसमेंट की खबर सोशल मीडिया के ‘स्टेडियम’ पर आई, जामिया के प्रशंसकों, पूर्व छात्रों और अभिभावकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे कमेंट सेक्शन को गुंजा दिया। फैंस अपने चहेते खिलाड़ियों की इस कामयाबी पर झूम उठे।

स्टेडियम के स्टैंड्स (कमेंट बॉक्स) से आई कुछ चुनिंदा प्रतिक्रियाएं इस प्रकार हैं:

  • आसिफ हुसैन: “हेड ऑफ सोशल वर्क और पूरी टीम को इस शानदार खिताबी जीत की बहुत-बहुत बधाई!”
  • शाहबाज अशरफ: “बहुत-बहुत मुबारकबाद… माशा अल्लाह, लड़कों ने कमाल कर दिया!”
  • नासिर जमाल: “माशाअल्लाह… एक बेहद शानदार परफॉर्मेंस, दिल खुश हो गया।”
  • मुख्तार अनवर: “अल्लाह आप सब को जिंदगी के इस नए मैच में भी आगे ऐसी ही बड़ी कामयाबियां बख्शे, आमीन।”
  • निज़ाम इदरीसी: “वाह माशाल्लाह बेटा, वेलडन! पिच पर ऐसे ही टिके रहना।”
  • मोहम्मद अली: “मुबारक हो साद अब्दुल्ला भाई, आपने तो पहली ही गेंद पर छक्का मार दिया!”

हालांकि, इस जश्न के बीच स्टैंड्स में बैठे एक सीनियर फैन नसीम मजीद उत्तावर ने थोड़ा मजाकिया और गंभीर सवाल दागते हुए पूछा—“उर्दू में क्यों नहीं लिखा?” जिसका मतलब साफ था कि वे इस ऐतिहासिक जीत की कमेंट्री अपनी मातृभाषा में सुनना चाहते थे! खैर, भाषा जो भी हो, जामिया के इन होनहारों की कामयाबी का शोर आज देश के कोने-कोने में गूंज रहा है।

निष्कर्ष: आने वाले सीजन्स के लिए सेट कर दिया है बेंचमार्क

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समाज कार्य विभाग ने इस साल जो खेल दिखाया है, उसने भविष्य के छात्रों के लिए सफलता का एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है। यह प्लेसमेंट रिकॉर्ड सिर्फ नौकरियों का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि जब सही गाइडेंस, कड़ी मेहनत और अटूट जज्बा एक साथ मिलते हैं, तो कॉर्पोरेट जगत की बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी घुटने टेक देती हैं। जामिया के ये सितारे अब कॉर्पोरेट और सोशल सेक्टर्स के मैदान पर अपनी नई पारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, और उनके फैंस को उम्मीद है कि वे वहां भी अपनी कप्तानी का लोहा मनवाएंगे।