जामिया के छात्रों को सऊदी कंपनी में 12 लाख का पैकेज
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया एक बार फिर अपने छात्रों और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को लेकर चर्चा में है। इस बार वजह बनी है विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को मिला शानदार अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट। जामिया के दस पूर्व छात्रों ने सऊदी अरब की प्रतिष्ठित कंपनी अलमीर सऊदी टेक्निकल सर्विसेज कंपनी में जगह बनाई है। खास बात यह है कि इन छात्रों को सालाना 12 लाख रुपये का आकर्षक पैकेज मिला है। इसके साथ कंपनी आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। इस उपलब्धि ने जामिया के प्लेसमेंट रिकॉर्ड को नई मजबूती दी है और विश्वविद्यालय के तकनीकी शिक्षा ढांचे को लेकर भरोसा भी बढ़ाया है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट सेल ने शुक्रवार को इस उपलब्धि की आधिकारिक जानकारी साझा की। विश्वविद्यालय के अनुसार, साल 2024 और 2025 बैच के दस पूर्व छात्रों का चयन अलमीर सऊदी टेक्निकल सर्विसेज कंपनी में ‘ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी’ यानी जीईटी पद के लिए किया गया है। चयनित छात्र मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरिंग से बीटेक कर चुके हैं।

यह प्लेसमेंट सिर्फ नौकरी मिलने की खबर नहीं है। यह उन छात्रों के लिए प्रेरणा भी है जो तकनीकी शिक्षा के जरिए अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहते हैं। जामिया प्रशासन इसे एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह सफलता इस बात का संकेत है कि संस्थान न केवल मौजूदा छात्रों बल्कि अपने पूर्व छात्रों के करियर विकास को लेकर भी गंभीर है।
इस प्लेसमेंट प्रक्रिया की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी, जब अलमीर सऊदी टेक्निकल सर्विसेज कंपनी की टीम जामिया कैंपस पहुंची थी। कंपनी के प्रतिनिधिमंडल में मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रेसिडेंट गुलाम मुस्तफा, वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशंस फुरकान मोहम्मद और एस्टीमेशन मैनेजर मोहम्मद ख्वाजा शामिल थे। कैंपस में उनका स्वागत विश्वविद्यालय प्रशासन और प्लेसमेंट सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
जामिया के सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े अधिकारियों ने इस मौके को छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। मानद निदेशक प्रो. राहेला फारूकी और मानद उप निदेशक प्रो. सबा खान ने कंपनी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। वहीं सीआईई के निदेशक और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर प्रो. रिहान खान सूरी ने विश्वविद्यालय और कंपनी के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद जताई।
भर्ती प्रक्रिया काफी चुनौतीपूर्ण रही। चयन के लिए कई चरण रखे गए। सबसे पहले छात्रों के लिए प्री प्लेसमेंट टॉक आयोजित की गई। इस दौरान कंपनी अधिकारियों ने छात्रों को संगठन की कार्यप्रणाली, नौकरी की जिम्मेदारियों, करियर ग्रोथ और काम के माहौल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद उम्मीदवारों का मूल्यांकन कई स्तरों पर किया गया।
भर्ती प्रक्रिया में आमने सामने इंटरव्यू, प्रश्नावली आधारित मूल्यांकन और अंतिम चयन चरण शामिल थे। तकनीकी योग्यता के साथ छात्रों की समझ, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर व्यवहार को भी परखा गया। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद दस छात्रों को अंतिम रूप से चुना गया।
विश्वविद्यालय के मुताबिक, चयनित छात्र इस महीने सऊदी अरब के अल खोबार शहर स्थित कंपनी मुख्यालय में अपनी सेवाएं शुरू कर चुके हैं। यह उनके करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय कदम है। कई छात्रों के लिए यह सपना सच होने जैसा है।

जामिया के लिए भी यह उपलब्धि इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि हाल के वर्षों में विश्वविद्यालय ने तकनीकी और पेशेवर शिक्षा पर खास ध्यान दिया है। उद्योगों से जुड़ाव बढ़ाने और छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बदलते रोजगार बाजार में सिर्फ डिग्री काफी नहीं है। छात्रों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना जरूरी है।
जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी के नेतृत्व का भी इस उपलब्धि में अहम योगदान माना जा रहा है। विश्वविद्यालय का कहना है कि उनके मार्गदर्शन में प्लेसमेंट सेल लगातार उद्योगों और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ संपर्क मजबूत कर रहा है ताकि छात्रों को देश और विदेश में बेहतर अवसर मिल सकें।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने चयनित छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रो. राहेला फारूकी, प्रो. सबा खान और प्रो. रिहान खान सूरी ने छात्रों की सफलता पर खुशी जताई और कहा कि इस तरह की उपलब्धियां पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय होती हैं।
उन्होंने प्लेसमेंट सेल की टीम की भी सराहना की, जिसने इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों का कहना है कि जामिया आने वाले समय में और अधिक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को कैंपस भर्ती के लिए आमंत्रित करेगा।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी कंपनियों में इस तरह का प्लेसमेंट न सिर्फ छात्रों के करियर को नई दिशा देता है बल्कि विश्वविद्यालय की साख भी मजबूत करता है। खासकर इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे अवसर छात्रों को वैश्विक अनुभव हासिल करने का मौका देते हैं।
आज के दौर में जब नौकरी को लेकर युवाओं में चिंता बढ़ी हुई है, ऐसे समय में जामिया के पूर्व छात्रों की यह सफलता उम्मीद जगाती है। यह बताती है कि अगर सही दिशा, मेहनत और अवसर मिल जाए तो साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
फिलहाल जामिया यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट सेल इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है। विश्वविद्यालय ने चयनित छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उम्मीद जताई है कि यह सफलता आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी और जामिया के प्लेसमेंट रिकॉर्ड को और मजबूत करेगी।

