केरल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान शुरू, कांग्रेस अध्यक्ष बोले- ‘100 से अधिक सीटें जीतेगा UDF’
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कन्नूर/कोच्चि:
दक्षिण भारतीय राज्य केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 की सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के भविष्य का फैसला करने के लिए मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में नजर आ रहे हैं। इस चुनावी महाकुंभ के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पेरावूर से उम्मीदवार सन्नी जोसेफ ने कन्नूर के एक पोलिंग बूथ पर अपना वोट डाला और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) की प्रचंड जीत का दावा किया।
सन्नी जोसेफ का दावा: ‘UDF की लहर, 100 का आंकड़ा होगा पार’
मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। उन्होंने कहा कि केरल की जनता मौजूदा वामपंथी सरकार की ‘जनविरोधी नीतियों’ से तंग आ चुकी है और बदलाव के लिए वोट कर रही है। जोसेफ ने दावा किया कि UDF इस चुनाव में 100 से अधिक सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा।
सन्नी जोसेफ ने कहा, “केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम दोहराए जाएंगे। हमें पूरा भरोसा है कि UDF बहुमत हासिल करेगा। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे वर्तमान सरकार की जनविरोधी नीतियों को नकारने और UDF के नेतृत्व वाली सरकार चुनने के लिए अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल करें।” मुख्यमंत्री के नाम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका फैसला चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस हाईकमान के साथ विचार-विमर्श करके लिया जाएगा।
हिबी ईडन का प्रहार: ‘भ्रष्ट सरकार की होगी विदाई’
कोच्चि के एसएनडीपी नर्सरी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ईडन ने मौजूदा पिनाराई विजयन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘भ्रष्ट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों के शासन से जनता ऊब चुकी है और वह केवल इस मौके का इंतजार कर रही थी कि कब उन्हें वोट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करने का अवसर मिले।
ईडन ने भविष्यवाणी करते हुए कहा, “केरल में UDF की ऐतिहासिक जीत (Landslide Victory) होने जा रही है। लोग एलडीएफ (LDF) सरकार को बाहर करने के लिए उत्सुक हैं। जहां तक भाजपा का सवाल है, केरल में उनका खाता भी नहीं खुलेगा।”
केरल चुनाव: आंकड़ों की जुबानी
निर्वाचन आयोग के अनुसार, केरल की 140 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। इस चुनावी रण में कुल 883 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके भाग्य का फैसला राज्य के 2.6 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे।
- कुल मतदाता: 2,69,53,644
- महिला मतदाता: 1,38,27,319
- पुरुष मतदाता: 1,31,26,048
- मतदान का समय: सुबह 7:00 बजे से शाम तक
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए मोबाइल डिपॉजिट बैग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं।
त्रिकोणीय मुकाबला या दो ध्रुवीय जंग?
केरल की राजनीति पारंपरिक रूप से एलडीएफ और यूडीएफ के इर्द-गिर्द घूमती रही है। हालांकि, पिछले कुछ चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) के वोट शेयर में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सत्तारूढ़ एलडीएफ जहां अपने ‘विकास और कल्याणकारी योजनाओं’ के दम पर सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं यूडीएफ ‘भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी लहर’ (Anti-incumbency) को अपना मुख्य हथियार बना रहा है।
अगला पड़ाव: 4 मई
आज हो रहे मतदान के बाद सभी उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में कैद हो जाएगी। केरल के इस हाई-स्टेक चुनावी मुकाबले के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदान का प्रतिशत काफी निर्णायक साबित हो सकता है, विशेष रूप से महिला मतदाताओं की भारी संख्या किसी भी गठबंधन का खेल बना या बिगाड़ सकती है।
फिलहाल, मतदान केंद्रों पर उत्साह का माहौल है और युवा से लेकर बुजुर्ग तक लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अब देखना यह होगा कि 4 मई को केरल की जनता पिनाराई विजयन को दोबारा मौका देती है या सन्नी जोसेफ और यूडीएफ के दावों में दम निकलता है।
मुख्य बिंदु:
- केरल की 140 सीटों पर एक चरण में मतदान शुरू।
- कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने कन्नूर में डाला वोट।
- UDF ने 100 से अधिक सीटें जीतने का किया दावा।
- 2.6 करोड़ मतदाता तय करेंगे 883 उम्मीदवारों का भविष्य।
- चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को आएंगे।

