सऊदी हमले में युवक की मौत, परिवार को मदद की उठी मांग
लखनऊ
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब में हुए मिसाइल हमले में उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान महमूदाबाद तहसील के बगहाइन गांव निवासी रवि गोपाल के रूप में हुई है। उनकी पार्थिव देह 25 मार्च 2026 को रियाद से फ्लाई नास विमान के जरिए भारत लाई गई, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रवि गोपाल सऊदी अरब में एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करते थे। 18 मार्च को हुए मिसाइल हमले की चपेट में आने से उनकी जान चली गई। वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे, ऐसे में उनके निधन के बाद परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है।
घटना की सूचना मिलते ही Dr. Ammar Rizvi, जो ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
डॉ. रिजवी ने इस मामले में केंद्र सरकार से भी संपर्क किया था। उन्होंने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को पत्र लिखकर मृतक के शव को भारत लाने की मांग की थी, जिसके बाद प्रक्रिया पूरी हुई और पार्थिव शरीर को स्वदेश लाया जा सका।
अब डॉ. अम्मार रिजवी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से अपील की है कि जब तक परिवार को कंपनी की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिलता, तब तक मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जाए। उनका कहना है कि परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है, ऐसे में तत्काल मदद बेहद जरूरी है।
इस घटना ने एक बार फिर विदेशों में काम कर रहे भारतीय मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवारों की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सरकार को त्वरित सहायता और दीर्घकालिक समाधान दोनों पर ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल, गांव बगहाइन में शोक का माहौल है और लोग सरकार से पीड़ित परिवार की मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

