खामेनेई के अंतिम संस्कार से ईरान की कूटनीति को मिली नई ताकत
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नौशाद अख्तर
ईरान की राजधानी तेहरान इस समय पूरी दुनिया की राजनीति का केंद्र बन गई है। पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में आयोजित एक हफ्ते के शोक समारोह ने वैश्विक कूटनीति के सारे पुराने समीकरणों को उलट कर रख दिया है। इस विशाल आयोजन के बहाने ईरान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विरोधी देशों को न केवल पीछे छोड़ दिया है बल्कि राजनीतिक रूप से एक बड़ा संदेश भी दिया है। तेहरान के ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में शुरू हुए इन समारोहों में शामिल होने के लिए दुनिया भर से बड़े नेताओं और विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों का तांता लगा हुआ है।
इस शोक समारोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें उन देशों ने भी अपने उच्च स्तरीय प्रतिनिधि भेजे हैं जिन्होंने अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के हालिया युद्ध के दौरान पर्दे के पीछे से या खुलकर ईरान विरोधियों का साथ दिया था। ईरान की इस बड़ी कूटनीतिक कामयाबी ने सबसे ज्यादा उन देशों को चिंता में डाल दिया है जो हाल के दिनों में ईरान का पुराना साथ छोड़कर इजरायल के करीब आ गए थे। उन देशों को लगता था कि सैन्य शक्ति, खुफिया तंत्र और आधुनिक तकनीक के मामले में इजरायल अजेय साबित होगा। लेकिन युद्ध के मैदान में ईरान के सस्ते ड्रोन और मिसाइल तकनीक ने उस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।
इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को पहुंचा भारी नुकसान
हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता का ऐसा प्रदर्शन किया जिसने दुनिया को हैरान कर दिया। ईरान ने इजरायल के उन तमाम सुरक्षित और संवेदनशील ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया जिन्हें अब तक पूरी तरह अभेद्य माना जाता था। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में स्थित कई अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
युद्ध की शुरुआत में अमेरिका और इजरायल का अनुमान था कि भारी बमबारी करके ईरान के शीर्ष इस्लामिक, राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को खत्म कर दिया जाएगा। वे मान रहे थे कि शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद ईरान घुटने टेकने पर मजबूर हो जाएगा। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट रही। विपरीत परिस्थितियों में भी ईरान ने कड़ा प्रतिरोध दिखाया जिससे अमेरिका और इजरायल को भारी रणनीतिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब अयातुल्ला अली खामेनेई की शोकसभा के बहाने तेहरान में दुनिया के तमाम बड़े नेताओं का यह जमावड़ा दोनों महाशक्तियों के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। ईरान की इस कामयाबी से इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद बेहद सतर्क है और वह तेहरान पहुंचने वाले तमाम प्रतिनिधियों की सूची तैयार कर रही है।
A delegation of Indian religious leaders paid tribute to the martyred Leader of the Islamic Republic of Iran, Ayatollah Ali Khamenei. pic.twitter.com/Ji1i3vNkGm
— Iran in India (@Iran_in_India) July 3, 2026
वैश्विक नेताओं और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी
अंतिम संस्कार के इस विशाल आयोजन में भाग लेने के लिए दुनिया के कोने-कोने से नेता तेहरान पहुंच रहे हैं। तेहरान में जुटने वाले प्रमुख लोगों की सूची में रूस के दिमित्री मेदवेदेव, सऊदी अरब के उप विदेश मंत्री और तुर्की के उपराष्ट्रपति शामिल हैं। इनके अलावा कतर के शूरा काउंसिल का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल और यमन से हूती आंदोलन के नेता भी शोक प्रकट करने पहुंचे हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भी अपनी टीम के साथ तेहरान पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। अफगानिस्तान से उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ईरानी राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। मलयेशिया ने भी इस मौके पर अपना एक विशेष दूत भेजा है। बुल्गारिया के सांसदों ने भी तेहरान पहुंचकर दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
Afghan delegation, led by, H.E. Mullah Abdul Ghani Baradar, Deputy PM for Economic Affairs & Foreign Minister, H.E. Amir Khan Muttaqi, met with Iranian President Dr. Masoud Pezeshkian. The two sides discussed bilateral ties & expanding cooperation. pic.twitter.com/qbZ4xD2ntE
— Muhammad Jalal (@MJalalAf) July 3, 2026
भारत की ओर से आधिकारिक और धार्मिक भागीदारी
इस ऐतिहासिक मोड़ पर भारत ने भी अपनी कूटनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई है। भारत सरकार का एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है। इस दल में बिहार के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी सहित भारत के कई धार्मिक और नागरिक समाज के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने भी तेहरान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
An official delegation of the Government of the Republic of India, comprising Lieutenant General (Retd.) Syed Ata Hasnain, Governor of Bihar, and Mr. Pabitra Margherita, Minister of State for External Affairs, arrived in Tehran to pay their respects to the martyred Leader. pic.twitter.com/iLHapLKDTO
— Iran in India (@Iran_in_India) July 3, 2026
इस भागीदारी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि जब किसी बड़े नेता का निधन होता है तो वहां जाकर सम्मान प्रकट करना एक अच्छी कूटनीतिक परंपरा है। उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल वहां मौजूद है। थरूर ने यह भी रेखांकित किया कि इस समय युद्ध में एक अस्थायी संघर्षविराम चल रहा है जो ऐसे बड़े आयोजनों को सुरक्षित तरीके से संपन्न होने का मौका देता है। जम्मू-कश्मीर पीडीपी ने सोशल मीडिया पर इस मौके को दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने वाला बताया।
I’m compiling a list for the record of who is attending Khamenei’s funeral.
— Mossad Commentary (@MOSSADil) July 3, 2026
So far:
🇷🇺 Russia: Dmitry Medvedev
🇸🇦 Saudi Arabia: Deputy Foreign Minister
🇹🇷 Türkiye: Vice President
🇶🇦 Qatar: Shura Council delegation
🇮🇳 India: political/religious/civil society delegation
🇾🇪 Yemen:… pic.twitter.com/6eKS37R5xS
नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम
अंतिम संस्कार समारोह के बीच यह चर्चा भी जोरों पर है कि ईरान के नए और तीसरे सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल होंगे या नहीं। भारत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा कारणों से छोटे खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने आने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इजरायल की तरफ से नए सर्वोच्च नेता को निशाना बनाने की लगातार मिल रही धमकियों के बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने इस हफ्ते एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को साफ शब्दों में आगाह किया है कि इस भव्य आयोजन के दौरान वे किसी भी तरह की सैन्य गलती या दुस्साहस करने से पूरी तरह बचें।
अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ इस युद्ध में उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए थे। इनमें उनकी सबसे बड़ी बेटी, उनके दामाद, 14 महीने की पोती और मोजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल थीं। खुद मोजतबा खामेनेई भी उस अमेरिकी-इजरायली हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिसमें उनके पिता की जान गई थी।
WATCH: SAUDI ARABIA DELEGATION PAY THEIR RESECTS TO GRAND AYATOLLAH KHAMENEI AT THE FAREWELL CEREMONY IN TEHRAN pic.twitter.com/ZtE5Uvexrf
— Syed Abbas Araghchi Commentary (@Araghchhi) July 3, 2026
तेहरान में उमड़ा जनसैलाब और कड़े सुरक्षा प्रतिबंध
अंतिम संस्कार के आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत होते ही तेहरान की सड़कें पूरी तरह ब्लॉक हो गई हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि इस पूरे आयोजन के दौरान तेहरान में 1 करोड़ से ज्यादा लोग जुट सकते हैं। ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स का मुख्य आंगन सुबह से ही लोगों से पूरी तरह खचाखच भरा हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी राजधानी में ट्रैफिक पर बेहद कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। लोग अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर रहे हैं। मेट्रो स्टेशनों पर सुबह से ही हजारों लोगों की कतारें देखी जा रही हैं।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लेबनान और वेस्ट बैंक की स्थिति को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार हालिया इजरायली हमलों में 4,300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। वेस्ट बैंक के हेब्रोन और रामल्ला जैसे इलाकों से भी झड़पों की खबरें लगातार आ रही हैं।
A farewell ceremony for former Supreme Leader of the Islamic regime in Iran, Ali Khamenei has begun in Tehran
— Visegrád 24 (@visegrad24) July 3, 2026
The ceremonies will take place in several cities, and he will be buried in Mashhad. Representatives from Russia and China, including Dmitry Medvedev, will attend the… pic.twitter.com/EykhcNioBM
एक तरफ जहां होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच छिटपुट नौसैनिक तनाव की खबरें हैं वहीं तेहरान का यह शोक समारोह एक बड़े कूटनीतिक मंच में बदल चुका है। ईरान इस आयोजन के जरिए दुनिया को यह दिखाने में पूरी तरह सफल रहा है कि पश्चिमी देशों के तमाम आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों के बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में अलग-थलग नहीं पड़ा है। यह आयोजन आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की राजनीति को एक नई दिशा दे सकता है।

